क्या सर्दियों में भी खाना चाहिए जीरा? जानिए इसके फायदे और नुकसान

जीरा किसी आयुर्वेदिक औषधि से कम नहीं है, इसके कई फायदे हैं। मगर इसका ज़्यादा सेवन कई स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा कर सकता है। तो चलिये जानते हैं इसके फायदे और नुकसान।

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सेहत के लिए फायदेमंद है जीरा। चित्र: शटरस्टॉक
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ Published on: 11 December 2022, 08:00 am IST
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भारतीय खानपान में जीरे काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चाहे दाल में तड़का लगाना हो या चावलों को छौंक (tempering) लगाना जीरे का इस्तेमाल हर जगह किया जाता है। बिना इसके भारतीय खाना अधूरा है। यह खाने में अलग तरह का स्वाद जोड़ता है और पाचन में भी सहायता करता है। इतना ही नहीं, आयुर्वेद के अनुसार जीरा (jeera) पाचन संबंधी कई समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है।

इतना ही नहीं, जीरे में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसके अलावा इसमें वसा, सोडियम और कोलेस्ट्रॉल में भी कम है। सर्दी – खांसी जुकाम होने पर जीरे का काढ़ा डिटॉक्सिफाइंग एजेंट के रूप में काम करता है और चयापचय (metabolism) को बढ़ावा देने में मदद करता है।

जानिए आपके लिए सर्दियों में कैसे फायदेमंद है जीरा

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन के अनुसार जीरा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। साथ ही, शरीर से हानिकारक फ्री रेडिकल्स को हटाने में भी मदद कर सकता है। ये विटामिन A, C, कॉपर और मैंगनीज का भी एक अच्छा स्रोत हैं।

मोटापे से बचाए

जीरे में सूजनरोधी गुण होते हैं, जो किसी भी प्रकार की सूजन को दूर करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, जीरे का पानी पीने से आपको अपना वज़न कम करने में मदद मिल सकती है का काढ़ा पीने से इसे रोकने में मदद मिल सकती है।

पाचन में सुधार करे

जीरे का पानी बेहतर पाचन को भी बढ़ावा देता है और मल त्याग में सुधार करता है। यह एंजाइमों को स्रावित करता है, जो शरीर में शुगर , वसा और कार्बोहाइड्रेट को ब्रेक करके गट हेल्थ को स्वस्थ रखता है।

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जीरे में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, इसलिए यह आपके लिए फयदेमद है, चित्र- शटरस्टॉक।

भूख को कम करे

वजन कम करने की कोशिश करते समय भूख लगना एक सामान्य बात है। मगर जीरा पानी भूख और लालसा को दबाने में मदद करता है। सुबह उठकर यदि आप इसका सेवन करती हैं, तो यह आपको लंबे वक़्त तक भरा हुआ रख सकता है।

पीरियड पेन से दिलाये राहत

क्या आप जानती हैं कि आयुर्वेद के अनुसारा जीरा पीरियड क्रैंप्स को कम करने में भी मदद कर सकता है। जी हां… यदि आपके बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा है तो आप दिन में एक बार एक चम्मच जीरे को एक गिलास पानी में उबालकर इसका सेवन कर सकती हैं।

मगर जीरा का ज़रूरत से ज़्यादा सेवन करने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जानिए इसके बारे में

बहुत ज़्यादा जीरे का उपयोग दस्त और अपच का कारण बन सकता है। साथ ही, रक्त शर्करा के स्तर को भी कम कर सकता है। जानिए इसके कुछ साइड इफैक्ट

पीरियड में ज़्यादा ब्लीडिंग होना

आयुर्वेद के अनुसार, जीरा गर्म होता है और इसलिए इसका ज़्यादा सेवन नहीं करना चाहिए, खासकर गर्मियों में। नहीं तो इससे आपका पीरियड हैवी आ सकता है। इसके अलावा, यह ब्लड क्लॉट का कारण भी बन सकता है।

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आपको हैवी ब्लीडिंग हो सकती है। चित्र- स्टरस्टॉक.

दस्त या अपच होना

बहौत ज़्यादा जीरा खाना अपच का करण बन सकता है। कई बार पेट में गैस या दर्द को कम करने के लिए लोग इसके पानी का ज़्यादा सेवन कर लेते हैं। जिसके परिणामस्वरूप एसिडिटी और इसी तरह की अन्य समस्याएं होती हैं।

लिवर के लिए हानिकारक

जीरे के पानी ज़्यादा पीने पर आपके लिवर को नुकसान पहुंच सकता है। यदि आप इसे अधिक मात्रा में लेते हैं, तो किडनी और लिवर दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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