जोड़ों के दर्द से निजात दिलाने के लिए अपने एजिंग पेरेंट्स की डाइट में शामिल करें ये 6 सुपरफूड्स

Published on: 30 October 2021, 10:00 am IST

बढ़ती उम्र अपने साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं लाती हैं। लेकिन जोड़ों का दर्द (joint pain) इस सूची में सबसे ऊपर रहता है। अगर आपके एजिंग पेरेंट्स भी इस दर्द से जूझ रहे हैं, तो उनकी डाइट में इन सुपरफूड्स (superfoods) को जरूर शामिल करें।

Jont pain se bachne ke liye superfoods
जोड़ों के दर्द से बचने के लिए इन सुपरफूड्स का सेवन करें। चित्र:शटरस्टॉक

एजिंग की प्रक्रिया (aging process) केवल चेहरे पर झुर्रियां (wrinkles) और त्वचा की लोच को खत्म नहीं करती, बल्कि यह अन्य शारीरिक बदलाव (physical changes) का भी कारण बनती है। अगर आपके एजिंग पेरेंट्स थकान, सुस्ती, नींद की कमी, चिड़चिड़ा स्वभाव का अनुभव कर रहें हैं, तो यह एजिंग के कुछ आम लक्षण हैं। बढ़ती उम्र का सबसे आम लक्षण है जोड़ों का दर्द। 

जी हां, समय के साथ आपकी हड्डियां कमजोर होने लगती है जिसके कारण घुटनें में दर्द हो सकता है। यह आपकी मूवमेंट को भी बाधित करने लगता है। यदि यह दर्द ज्यादा बढ़ गया तो यह अर्थराइटिस (arthritis) का कारण बन सकता है। 

क्या आप सोच रहें हैं कि ऐसी परिस्थिति से कैसे बचें? तो चिंता मत करिए क्योंकि हम बता रहें हैं कुछ ऐसे सुपरफूड्स जिनका सेवन करने से एजिंग की ये समस्या दूर हो सकती है। 

Joint pain ke liye healthy dietहेल्दी डाइट देगा जोड़ों के दर्द से राहत। चित्र: शटरस्टॉक

इन सुपरफूड्स को बनाएं अपने एजिंग पेरेंट्स की डाइट का हिस्सा 

आपकी दिनचर्या और आहार आपके जोड़ों के स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। आप ऐसे खाद्य पदार्थ को चुन सकते हैं जो हड्डियों के घनत्व (bone density) का निर्माण करते हैं, कनेक्टिंग टिशू (connecting tissue)  को मजबूत करते हैं और सूजन को कम करते हैं। कुछ फूड्स आपको चोटों को रोकने और लंबे, सक्रिय जीवन के लिए अपने जोड़ों को सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। ऐसे उच्च पोषण वाले खाद्य पदार्थों में शामिल है:

1. फैटी फिश 

फैटी फिश जैसे सैल्मन (salmon), मैकेरल (makceral), सार्डिन (sardin) और ट्राउट (trout) ओमेगा -3 फैटी एसिड (omega-३ fatty acid) में उच्च होते हैं। यह शक्तिशाली एंटी इंफ्लेमेटरी (anti inflammatory) गुण प्रदान करते हैं।

मछली विटामिन डी (vitamin D) का एक अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि रुमेटीइड अर्थराइटिस (rheumatoid arthritis) विटामिन डी के निम्न स्तर से जुड़ा हो सकता है, जो लक्षणों में योगदान कर सकता है। 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार एंटी इंफ्लेमेटरी (anti inflammatory) गुण का लाभ उठाने के लिए प्रत्येक सप्ताह अपने आहार में वसायुक्त मछली (fatty fish) की कम से कम दो सर्विंग्स को शामिल करनी चाहिए। 

2. नट्स और सीड्स

शाकाहारी भोजन करने वालों के लिए नट्स और सीड एक अच्छा विकल्प है। ओमेगा-3 (omega-3 fatty acid) विभिन्न प्रकार के नट्स और बीजों में पाया जा सकता है। अखरोट (walnut),बादाम (almonds), अलसी (flax seeds), चिया सीड्स (chia seeds) या पाइन नट्स (pine nuts) का एक छोटा सा हिस्सा अपनी दैनिक आहार में जोड़ें। यह कनेक्टिंग टिशू (connecting tissue) में सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।

Nuts aur seeds omega-3 ke sources haiनट्स और सीड्स हैं ओमेगा-3 के स्रोत। चित्र: शटरस्‍टॉक

3. अदरक 

आपकी चाय, सूप, सब्जी और मिठाइयों में स्वाद बढ़ाने के अलावा, अदरक गठिया (arthritis) के लक्षणों को कम करने में भी मदद कर सकता है। 2001 के एक अध्ययन ने घुटने के पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis) के 261 रोगियों में अदरक के अर्क के प्रभावों का आकलन किया। छह सप्ताह के बाद, 63% मरीजों ने घुटने के दर्द में सुधार का अनुभव किया।

अदरक का ताजा, पाउडर या सूखे रूप में सेवन करने से सूजन कम हो सकती है और गठिया के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

4. लहसुन और अन्य जड़ वाली सब्जियां 

लहसुन, प्याज और हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी (anti inflammatory) गुण होते हैं। विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि ये तीखी जड़ वाली सब्जियां गठिया और अन्य जोड़ों के दर्द के लक्षणों के उपचार में उपयोगी हो सकती हैं। अतिरिक्त स्वाद के लिए इन सब्जियों को भोजन में शामिल करें। 

कुछ टेस्ट-ट्यूब अध्ययनों में, लहसुन और इसके घटकों में कैंसर (cancer) से लड़ने वाले गुण पाए गए हैं। इनमें ऐसे यौगिक भी होते हैं जो हृदय रोग (heart disease) और डिमेंशिया (dementia) के जोखिम को कम कर सकते हैं। यह आपकी इम्यूनिटी (immunity) को भी मजबूत बनाता है। अपने आहार में लहसुन को शामिल करने से गठिया के लक्षण और समग्र स्वास्थ्य दोनों को लाभ हो सकता है।

5. पालक, ब्रोकोली और अन्य हरी सब्जियां 

पालक और अन्य हरी सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। उनके कुछ घटक वास्तव में गठिया के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। पालक विशेष रूप से एंटीऑक्सीडेंट केंपफेरॉल (kaempferol) में उच्च है, जो रूमेटोइड गठिया (rheumatoid arthritis) से जुड़े सूजन से आराम देता है। 

apko apni diet me green veges add karni chahiyeआपको अपने आहार में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। चित्र : शटरस्टॉक

दूसरी ओर आप सबको पता है कि ब्रोकली स्वास्थ्यप्रद खाद्य पदार्थों में से एक है। यह सूजन को कम करने में भी मदद करता है। ब्रोकोली में महत्वपूर्ण घटक भी होते हैं जो गठिया के लक्षणों को कम करते हैं। सल्फोराफेन (sulforaphane) ब्रोकली में पाया जाने वाला एक यौगिक है। अध्ययनों से पता चला है कि यह रुमेटीइड गठिया (rheumatoid arthritis) से जुड़े सेल्स की वृद्धि को रोकने में मदद करता है। 

6. जैतून का टेल 

आपकी डाइट में सही तेल का होना बहुत आवश्यक है। वनस्पति तेल (vegetable oil), सनफ्लावर ऑयल (sunflower oil) और मूंगफली के तेल (peanut oil) को अपनी डाइट से बाहर करें। यह सूजन के जोखिम को बढ़ाता है। इनका स्वस्थ विकल्प है जैतून का तेल (olive oil)। इस तेल को अपने सलाद की ड्रेसिंग (salad dressing) या खाना पकाने (cooking oil) के लिए करें। यह हेल्दी फैट (healthy fat) प्रदान करता हैं और ओमेगा-3 (omega-3) का बेहतर स्रोत है। 

तो लेडीज, ये खाद्य पदार्थ आपके एजिंग पेरेंट्स (aging parents) को जोड़ों की दर्द (joint pain) से राहत दे सकता है। जल्दी इन्हे हेल्दी डाइट (healthy diet) में शामिल करें। 

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अदिति तिवारी अदिति तिवारी

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