हरी, लाल, नीली, पीली… इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ट्राई करें ये अलग-अलग रंगों की चाय

अगर आप चाय की शौकीन हैं, तो हम आपको चाय छोड़ने के लिए कतई नहीं करेंगे। पर दूध और शक्कर वाली चाय से होने वाले नुकसानों से बचना है, तो क्यों न ये रंग-बिरंगी चाय आजमाई जाए।
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जानिए कैसे करना है इस्तेमाल। चित्र : एडॉबीस्टॉक
अंजलि कुमारी Published: 1 Jun 2024, 08:00 am IST
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गर्मी हो या शर्दी अपनी बॉडी को संक्रमण तथा बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है इम्यूनिटी पर काम करना। जब आपकी इम्यूनिटी पूरी तरह से स्वस्थ एवं संतुलित होती है, तो यह सभी प्रकार के संक्रमण तथा बीमारी फैलाने वाले फैक्टर्स को बेअसर कर देती है। कोई भी संक्रमण आसानी से आपको अपना शिकार नहीं बना पता। इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए इम्यूनिटी बूस्टिंग डाइट फॉलो करने और शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने के साथ ही आप कुछ रंगीन चाय को अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं। ऐसी कई कलरफुल हर्बल टी हैं, जो आपकी इम्यूनिटी बूस्ट करने के साथ ही सेहत को कई खास फायदे प्रदान करती हैं। तो इस गर्मी इन 5 तरह से चाय को अपनी डाइट में करें शामिल (colorful tea to boost immunity)।

5 अलग-अलग तरह की चाय, जो आपकी सेहत को देंगी ढेर सारे फायदे (colorful tea to boost immunity)

1. ग्रीन टी (green tea)

ग्रीन टी में कैटेचिन की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो एक प्रकार की प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और फिनोल होती हैं। ये शरीर को संक्रमण और बीमारियों से प्रोटेक्ट करते हैं। मानव शरीर स्वयं एंटीऑक्सीडेंट का उत्पादन कर सकता है, लेकिन वे खांसी, जुकाम और फ्लू का कारण बनने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ने में पर्याप्त नहीं होते।

नियमित रूप से ग्रीन टी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। ग्रीन टी में मौजूद एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टी, शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से बचाने में मदद करती हैं। ग्रीन टी की पत्तियां या इसके टी बैग दोनों ही आपको आसानी से मार्किट में मिल जाते हैं, रोजाना एक कप गर्म पानी में ग्रीन टी बनाएं और इसे एन्जॉय करें। आप चाहें तो दिन में दो बार भी इसे ले सकती हैं।

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कमाल की होती हैं ग्रीन टी. चित्र : एडॉबीस्टॉक

2. ब्लू टी (अपराजिता की चाय, blue pea tea)

ब्लू पी टी (blue pea tea) इसे बटरफ्लाई पी टी के नाम से भी जाना जाता है, यह ब्लू टी नींबू के रस को मिलाने पर गुलाबी बैंगनी रंग में बदल जाती है। इसे बनाने में अपराजिता नामक फूल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका रंग वास्तविक में ब्लू होता है। आंखों के लिए एक ट्रीट होने के अलावा, यह स्वाद और स्वास्थ्य के लिए भी कमाल कर सकती हैं।

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ये चाय, इम्युनिटी बूस्ट करने के साथ ही, फ्री रेडिकल्स से प्रोटेक्ट करती है और त्वचा एवं बालों के स्वास्थ्य को भी बढ़ाता देती है। नीले फूल का उपयोग वर्षों से आयुर्वेदिक औषधि के रूप में होता चला आ रहा है, क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को कम करता है, चिंता से राहत देता है और दर्द को भी कम करता है।

1 कप पानी उबालें, अब इसमें 5 से 7 अपराजिता के फूल डालें और इनमें उबाल आने दें। अब इसे कसी गिलास में निकाल लें, और इसमें 1 चम्मच नींबू का रस मिलाएं।

3. रेड टी (गुड़हल के फूल की चाय, hibiscus tea)

हिबिस्कस टी में एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो बीमारियों के लिए जिम्मेदार फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हुए, वेट लॉस को बढ़ावा देते हैं। इसके एंटी बैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं और शरीर को संक्रमण से प्रोटेक्ट करते हैं। इसके स्वास्थ्य लाभों के अलावा, हिबिस्कस चाय देखने में भी सुंदर लगती है और इसे घर पर बनाना आसान है।

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हिबिस्कस के फूलों से बनी चाय, चित्र शटरस्टॉक

एक कप पानी को उबलने के लिए गैस पर चढ़ा दें, अब पानी में गुड़हल के फूल की पंखुड़ियां डालें, और इनमें लगभग 5 मिनट तक अच्छी तरह उबाल आने दें। आखिर में चाय को छान लें, फिर इसमें नींबू और शहद डालें और एक साथ अच्छी तरह से मिक्स कर लें।

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4. ब्राउन टी (नींबू की चाय, lemon tea)

नींबू विटामिन सी का एक समृद्ध स्रोत है, जिसे एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व के रूप में जाना जाता है। विटामिन सी इम्युनिटी को बढ़ावा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। सुबह-सुबह गर्म नींबू पानी पीने से आपके पाचन तंत्र को बढ़ावा मिलता है। वहीं इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट वेट लॉस में आपकी मदद कर सकती है और सर्दी-खांसी सहित छाती के संक्रमण और कफ से राहत प्रदान करती है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण एक्ने और एक्जिमा से लड़ते हैं, जिससे त्वचा का स्वास्थ्य बेहतर होता है।

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इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले एक कप पानी को उबलने रख दें, इसमें एक चुटकी चाय की पत्ती डालें, और साथ ही दालचीनी की स्टिक डाल दें। जब चाय का रंग ब्राउन हो जाये तो इसे कप में छान लें। अब कप में नींबू और शहद डालकर इस ड्रिंक को एन्जॉय करें।

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घी और हल्दी का कॉम्बिनेशन किसी वरदान से कम नहीं है। चित्र-अडोबीस्टॉक

5. येलो टी (हल्दी की चाय, turmeric tea)

हल्दी अपने उपचारात्मक गुणों के कारण लंबे समय से भारत की औषधीय संस्कृति का हिस्सा रही है। हल्दी में कर्क्यूमिन नामक एक सक्रिय कंपाउंड पाया जाता है, साथ ही इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी,एंटी बैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल प्रॉपर्टीज इसे अधिक प्रभावी बना देती हैं। हल्दी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से प्रोटेक्ट करती ह और इम्युनिटी को मजबूत कर सकती है। खासकर यह फ्लू और सर्दी के खिलाफ अधिक प्रभावी होती है।

अपनी हल्दी वाली चाय में नींबू का रस और शहद मिलाने से न केवल स्वाद में सुधार होगा, बल्कि आवश्यक फाइटोन्यूट्रिएंट्स और विटामिन सी की गुणवत्ता भी मिलेगी। एक पैन में 2 कप पानी उबालें। फिर आंच कम करें और इसमें ½ चम्मच हल्दी पाउडर, ½ चम्मच पिसी हुई अदरक डालें और इसे 5-7 मिनट तक उबलने दें। फिर कप में छान लें और 1 चम्मच शहद डालें। अगर आपको तीखी चाय पसंद है तो 1 चम्मच नींबू का रस डालें।

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इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

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