World Health Day : हेल्दी रहना आपका अधिकार ही नहीं कर्तव्य भी है, हेल्थ के लिए आज ही लें ये 7 संकल्प

जाने अनजाने अधिकतर लोग शरीर का ख्याल नहीं रख पाते हैं और उसे फिजूल के कार्यों और चिंताओं में ज़ाया कर देते हैं। जानते हैं विश्व स्वास्थ्य दिवस पर अपने स्वास्थ्य की करें किस प्रकार से रक्षा
Apni health ka is tarah rakhein khayal
खुद को फिजिकली एक्टिव रखने से शरीर कई प्रकार के दर्द, ऐंठन और बीमारियों से बच पाता है। चित्र : शटर स्टॉक
ज्योति सोही Published: 5 Apr 2024, 07:48 pm IST
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जीवन में निरोगी काया से बढ़कर और कुछ भी नहीं है। मगर जाने अनजाने अधिकतर लोग शरीर का ख्याल नहीं रख पाते हैं और उसे फिजूल के कार्यों और चिंताओं में ज़ाया कर देते हैं। लोगों के अनुसार उनके शरीर पर उनका एका अधिकार है। मगर इस बात को भी स्वीकारना चाहिए कि मेरे स्वास्थ्य पर मेरा अधिकार तो है, मगर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखना मेरा प्राथमिक कर्त्तव्य भी है। हांलाकि अधिकतर लोग इस विचार को नज़रअदांज कर देते हैं। जानते हैं विश्व स्वास्थ्य दिवस पर अपने स्वास्थ्य की करें किस प्रकार से रक्षा (7 steps to stay healthy)

विश्व स्वास्थ्य दिवस 2024 (World Health Day 2024)

वर्ल्ड हेल्थ डे यानि विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। इस साल वर्ल्ड हेल्थ डे 2024 की थीम माई हेल्थ माई राइट रखी गई है। इस विशेष दिन पर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूत करने के लिए स्कूल, ऑफिस और कार्यालयों में हेल्थ रिलेटिड कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

इसके अलावा कई जगहो पर मुफ्त हेल्थ चेकअप कैंप भी लगाए जाते हैं। साथ ही लोगों को दिनों दिन तेज़ी से बढ़ रहे संक्रामक रोगों के बारे में भी बताया जाता है। सन् 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से विश्व स्वास्थ्य सभी रखी गई। उसके बाद सन् 1950 को 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाने लगाए।

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खुद को खुश रखना सेल्फ केयर की ओर इशारा करता है। चित्र : शटर स्टॉक

स्वास्थ्य के प्रति अपने इन कर्त्तव्यों का करें पालन

1 छोड़े ओवर ईटिंग की आदत

कैलोरी इनटेक और लॉन्गीविटी के बीच गहरा नाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार एक रिसर्च में पाया गया है कि 10 से 50 फीसदी कैलोरी रिडक्शन से उम्र को कुछ साल और बढ़ाया जा सकता है। साथ ही उम्र के साथ बढ़ने वाली बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। कैलोरी इनटेक कम करने से वेटगेन और कोलेस्ट्रॉल समेत कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। इसके अलावा शरीर एक्टिव और स्वस्थ बना रहता है। ऐसे में सीमित मात्रा में कैलोरीज लेना स्वसयि के प्रति एक मुख्य कर्त्तव्य है।

2 हेल्दी प्लांट फूड्स का अनुपात बढ़ाएं

शरीर को बीमारियों के खतरे से बचाकर लंबे समय तक जीने के लिए अपने आहार में प्लांट फूड एड करें। इसके लिए आहार में फल, सब्जियां, नट्स, साबुज अनार और बीन्स को शामिल करे। इससे शरीर में पोषक तत्तवों और एंटीऑक्सीडेंटस की मात्रा बनी रहती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार वीगन डाइट लेने वाले लोगों में 12 से 15 फीसदी प्रीमेच्योर डेथ का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा 29 से 52 फीसदी कैंसर, हार्ट, किडनी और हार्मोन संबधी बीमारियों का जोखिम भी घट जाता है।

Vegan diet ke fayde
वीगन डाइट लेने वाले लोगों में 12 से 15 फीसदी प्रीमेच्योर डेथ का खतरा कम हो जाता है। चित्र: शटरस्टॉक

3 बिजी हैं, मगर एक्टिव रहना भी है जरूरी

उम्र में कुछ साल और जोड़ने के लिए शारीरिक गतिविध बेहद आवश्यक है। खुद को फिजिकली एक्टिव रखने से शरीर कई प्रकार के दर्द, ऐंठन और बीमारियों से बच पाता है। जर्नल द लैंसेट के अनुसार रोज़ाना 15 मिनट व्यायाम करने से उम्र में 3 साल और जोड़े जा सकते हैं। इसके अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिपोर्ट का कहना है कि 60 साल के बाद हर सप्ताह 150 मिनट वकआउट करने वाले लोगों में 22 फीसदी अर्ली डेथ का खतरा कम हो जाता है। ऐसे में रोज़ाना एक्सरसाइज़ करके अपने स्वास्थ्य को हेल्दी बनाना हर व्यक्ति की ड्यूटी है।

4 तनाव को खुद पर हावी न होने दें

वे लोग जो दिनभर कुछ न कुछ सोचते रहते हैं, वे तनाव और एंग्जाइटी का शिकार हो जाते हैं। एनआईएच की रिसर्च के मुताबिक वे महिलाएं, जो तनाव से ग्रस्त रहती है, उनमें हृदय संबधी समस्याओं और लंग्स कैंसर का खतरा दोगुना बढ़ जाता है। साथ ही प्रीमेच्योर डेथ का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। रिसर्च के मुताबिक हंसने व होपफुल रहने से मौत का खतराकम होने लगता है। इसकी तुलना में वे लोग जो हर वक्त मायूस रहते है, उनमें 42 फीसदी डेथ रिस्क बढ़ जाता है।

5 अपनी खुशियों को प्राथमिकता दें

खुद को खुश रखना सेल्फ केयर की ओर इशारा करता है। ओवरथिकिंग और बेबुनियाद चीजों पर विचार करना और उन्हें मन में बैठा लेना मेंटल हेल्थ को प्रभावित करने लगता है। इसका असर याददाश्त और एकाग्रात की कमी पर नज़र आने लगता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेलथ के अनुसार वे लोग जो खुद की खुशी और पसंद व नापसंद का ख्याल रखते हैं ऐसे लोगों में 18 फीसदी बीमारियों का खतरा कम होने लगता है।

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वे लोग जो खुद की खुशी और पसंद व नापसंद का ख्याल रखते हैं ऐसे लोगों में 18 फीसदी बीमारियों का खतरा कम होने लगता है। चित्र शटरस्टॉक।

6 पीयर प्रेशर में न डालें स्मोकिंग और अल्कोहल की आदत

स्मोकिंग और अल्कोहल इनटेक बढ़ाने से लिवर, हार्ट और पेंक्रिएटिक डिज़ीज़ का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, स्मोकिंग इन दिनों खूब ट्रेंड में है और लोग इसे स्टेटस सिंबल से जोड़कर देखते है, जो हृदय संबधी समस्याओं के खतरे को बढ़ा देता है। इसके अलावा लिवर, लंग्स, इनफर्टिलिटी व लो लिबिडो का खतरा बढ़ने लगता है। वहीं अल्कोहल फिज़िकल और मेंटल हेल्थ देनों के लिए नुकसानदायक है।

7 नियमित हेल्थ चेकअप

हेल्दी और फिट रहने के लिए एक्सरसाइज़ और डाइट के अलावा रूटीन चेकअप भी बेहद आवश्यक है। उम्र बढ़ने के साथ आवश्यक टेस्ट नियमित रूप से करवाएं। इससे शरीर में घट रही पोषक तत्वों की मात्रा और शरीर में किसी समस्या के खतरे का पता लगाना आसान हो जाता है। इसके अलावा डॉक्टर के सुझाव के अनुसार दवाओं का भी नियमित रूप से सेवन करें।

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लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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