World Earth Day : मिनरल वॉटर की बोतल में कहीं आप ज़हर तो नहीं पी रहीं? यहां जानिए उसके स्वास्थ्य जोखिम

अगर आपको लगता है मिनर वॉटर वाली बोतल आपको पहाड़ों का खनिज युक्त पानी दे रही है, तो आपको इनकी सत्यता जान लेनी चाहिए।
अधिक पानी का सेवन मस्तिष्क की दुर्बलता का कारण बन सकता है। चित्र: शटरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated on: 22 April 2022, 16:48 pm IST
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गर्मियों का मौसम मतलब गले का सूखना, बार-बार प्यास लगना और ढेर सारा पानी पीना। अगर आप धूप में हैं या ट्रेवल कर रहे हों, तो घर से चाहे कितना भी पानी ले कर चलें हों, पानी खत्म होना तय है। ऐसे में मिनिरल वॉटर की बोतल (Mineral water bottle) खरीदना सबसे ज्यादा सेफ और हाइजीनिक माने जाना वाला विकल्प है। पर क्या वाकई यह बोतल बंद पानी आपकी सेहत के लिए सेफ है? मिनरल वॉटर (Mineral water bottle health hazards) के नाम पर बोतलों में बेचा जा रहा यह पानी आपको मिनरल दे रहा है या बीमारियां, आइए चैक करते हैं।

अनहेल्दी है प्लास्टिक बोतल में रखा पानी 

यूनिवर्सिटी ऑफ कोपहेगन के साइंस डिपार्टमेंट में हुई एक रिसर्च के मुताबिक़ प्लास्टिक में मौजूद केमिकल्स पानी को न सिर्फ दूषित करते हैं, बल्कि अनहेल्दी भी बनाते हैं।

इस बारे में बात करते हुए (ESIC) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पटना में फिजिशियन डॉक्टर सिद्धार्थ शेखर बताते हैं कि प्लास्टिक की क्वालिटी ग्रेड ऊपर से नीचे हो सकता है, लेकिन प्लास्टिक तो प्लास्टिक है! इसका इस्तेमाल एक अनहेल्दी एक्सरसाइज है, क्योंकि प्लास्टिक के कंटेनर में बहुत सारे केमिकल्स और बैक्टीरिया होते हैं।

आइए जानें प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीने के हानिकारक प्रभाव:

1. अनहेल्दी कॉन्टेंट:

प्लास्टिक में हानिकारक रसायन ही नहीं होते, प्लास्टिक की बोतलों में जमा होने पर पानी में फ्लोराइड, आर्सेनिक और एल्यूमीनियम जैसे हानिकारक पदार्थ भी पैदा होते हैं, जो शरीर के लिए जहर हो सकते हैं। तो, प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीने का मतलब होगा धीमा जहर पीना, जो धीरे-धीरे और लगातार आपके स्वास्थ्य को खराब करेगा।

प्लास्टिक की बोतल आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। चित्र: शटरस्टॉक

2. डाइऑक्सिन उत्पादन बढ़ा सकता है स्तन कैंसर का खतरा 

गर्म वातावरण में प्लास्टिक पिघलता है। और हम, अक्सर गाड़ी चलाते समय प्लास्टिक की बोतलों में पानी अपने साथ रखते हैं। कई बार इसे कार में छोड़ देते हैं, जहां यह सीधे सूर्य के संपर्क में होता है। इस तरह से हीटिंग से डाइऑक्सिन नामक विष निकलता है, जिसका सेवन करने पर स्तन कैंसर में का ख़तरा बढ़ सकता है।

3. बीपीए बढ़ा देता है मोटापा और डायबिटीज का खतरा

बाइफिनाइल ए1 एस्ट्रोजन एक ऐसा रसायन है, जो लड़कियों में मधुमेह, मोटापा, प्रजनन समस्याओं, व्यवहार संबंधी समस्याओं और अर्ली प्यूबर्टी जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। बेहतर होगा कि प्लास्टिक की बोतल में पानी स्टोर करके न पिएं।

4. लीवर कैंसर और कम शुक्राणुओं की संख्या:

प्लास्टिक में phthalates नामक एक रसायन की उपस्थिति के कारण, प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीने से लीवर कैंसर और शुक्राणुओं की संख्या में कमी भी हो सकती है।

5. हाई शुगर दे सकती हैं विटामिन वाली बोतल:

आजकल, हमें ज्यादातर प्लास्टिक की बोतलों में पानी मिलता है और इसमें मौजूद हेल्थ कंटेंट को बढ़ाने के लिए, निर्माता इसे खरीदारों को आकर्षित करने के लिए विटामिन युक्त बताते हैं। लेकिन यह और भी हानिकारक है, क्योंकि इसमें फूड शुगर और हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप जैसे हानिकारक तत्त्व होते हैं।

विटामिन के नाम पर इन बोतलों में हाई शुगर होता है। चित्र: शटरस्टॉक

6. इम्यून सिस्टम पर असर:

प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीने से हमारा इम्यून सिस्टम काफी प्रभावित होता है। प्लास्टिक की बोतलों से निकलने वाले रसायन हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बिगाड़ देते हैं।

इसलिए अगली बार जब बाहर निकलें तो सेहत का ध्यान रखते हुए अपने साथ धातु या बांस की  बोतल रखें। प्लास्टिक की बोतलों में मिलने वाले सो कॉल्ड मिनिरल वॉटर से दूरी बना के रखना सेहतमंद रहेगा। ये ज्यादा सेफ और ड्यूरेबल भी हैं।

यह भी पढ़ें – अपनी सेहत के लिए पानी ही नहीं, पानी की बोतल का भी रखें ध्यान

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