पीसीओएस से ग्रस्त महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों के साथ कम कर सकती हैं टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम

Published on: 27 October 2021, 19:46 pm IST

पीसीओएस से ग्रस्त महिलाओं में टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम अन्य महिलाओं की तुलना में दोगुना होता है। पर क्या गर्भ निरोधक गोलियां इसे कंट्रोल कर सकती हैं?

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बिना डॉक्टर की सलाह से नहीं लेना चाहिए एबॉर्शन पिल्स । चित्र: शटरस्टॉक

गर्भनिरोधक गोलियों को पीसीओएस ( PCOS ) यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षणों को रोकने में सबसे सामान्य और आसान तरीकों में से एक माना जाता है। बर्मिंघम यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक अध्ययन में नया खुलासा हुआ है, जिसके अनुसार गर्भनिरोधक गोलियों से पीसीओएस वाली महिलाओं में टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

क्या कहता है शोध

डायबिटीज केयर जर्नल ( Diabetes Care Journal ) में प्रकाशित किए गए एक शोध के निष्कर्षों में बताया गया है कि PCOS से पीड़ित महिलाओं में टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) के विकसित होने का खतरा सामान्य के मुकाबले दुगना होता है। ऐसे में जोखिम को कम करने के लिए इलाज खोजना आवश्यक है।

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पीसीओएस में डायबिटीज बढ़ने का भी जोखिम रहता है। चित्र : शटरस्टॉक

वहीं किए गए एक दूसरे अध्ययन की बात करें, तो टाइप टू डायबिटीज पर गर्भनिरोधक गोली के प्रभाव की जांच की गई है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि संयुक्त गर्भनिरोधक के उपयोग ने पीसीओएस वाली महिलाओं में टाइप 2 डायबिटीज और प्रीडायबिटीज के विकास को लगभग 26% तक कम कर दिया है।

10 फीसद महिलाएं हैं पीसीओएस से ग्रस्त

मौजूद रिपोर्ट की मानें तो पीसीओएस दुनिया भर में 10 फीसद महिलाओं को प्रभावित करता है। यह टाइप टू डायबिटीज के जोखिम के अलावा एंडोमेट्रियल कैंसर, दिल से जुड़ी बीमारी और फैटी लीवर जैसी बीमारियों को भी जन्म दे सकता है।

क्या होते हैं PCOS के लक्षण ?

1. अनियमित पीरियड या बिल्कुल भी पीरियड न होना।

2. चेहरे और शरीर पर अनचाहे बालों का बढ़ना

3. बालों का झड़ना

4. चेहरे की त्वचा ऑयली और चेहरे पर मुंहासे होना

पीसीओएस से ग्रस्त महिलाओं में यह सभी लक्षण खून में एण्ड्रोजन हार्मोन के उच्च स्तर के कारण होते हैं। इसके साथ ही वजन बढ़ना भी सामान्य लक्षणों में से एक है।

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पीसीओएस और डायबिटीज

फोर्टिस अस्पताल की वरिष्ठ सलाहकार डॉ उमा वैद्यानाथ कहती हैं कि पीसीओएस और डायबिटीज आपस में एक तरह से जुड़े हुए हैं। इसलिए कहा जाता है कि पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं को शुगर की जांच जरूर करवानी चाहिए।

अब जानिए डायबिटीज के लक्षण

धुंधला दिखाई देना
ज्यादा थकान महसूस होना
बहुत भूख लगना
शरीर पर काले निशान होना
ज्यादा प्यास लगना
शरीर का भाव देर से भरना
हाथ- पैर का सुन्न पड़ना

टाइप 2 डायबिटीज को कैसे कम कर सकती है गर्भनिरोधक गोली ?

आरसीएसआई यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन एंड हेल्थ साइंसेज में हेल्थ रिसर्च बोर्ड इमर्जिंग क्लिनिकल साइंटिस्ट और क्लिनिकल एसोसिएट प्रोफेसर डॉ माइकल ओ’रेली ने कहा: “हम अनुमान लगाते हैं कि गर्भनिरोधक गोली के इस्तेमाल से टाइप 2 डायबिटीज को कम कर सकते हैं।

PCOS se grast mahilaye diabetes ki shikar ho jati hai
पीसीओएस से ग्रस्त महिलाएं डायबिटीज की शिकार हो जाती हैं। चित्र: शटरस्टॉक

यह कैसे काम करती है?

गोली में एस्ट्रोजन होता है जो खून में एक प्रोटीन को बढ़ाता है। जिसे सेक्स हार्मोन-बाइंडिंग ग्लोबिन (SHBG) कहा जाता है। SHBG एण्ड्रोजन को बांधता है और इस तरह उन्हें निष्क्रिय बना देता है।

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