रक्षाबंधन के त्योहहार और अनलॉक 3.0 में बाजार अपनी पुरानी गति में लौट रहे हैं। यह गति इतनी तेज महसूस हो रही है कि लोगों ने मास्कर पहनना भी छोड़ दिया है। पर अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो आपको एक बार फिर से कोरोनावायरस के बढ़ते आंकड़ों पर नजर डालनी चाहिए। साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस चेतावनी को भी बहुत ध्यान से सुनना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को आगाह किया कि कोविड-19 की सटीक दवा कभी संभव नहीं है। उसने कहा कि हालात सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा। कई देशों को इस पर अपनी रणनीति दोबारा बनानी चाहिए।
संगठन ने वैक्सीन की प्रबल उम्मीद के बावजूद कोरोना वायरस की दवा को लेकर ऐसी बातें कही। एजेंसी ने यह भी कहा कि दुनियाभर में हालात सामान्य होने में लंबा वक्त लगेगा।
वहीं, डब्ल्यूएचओ के निदेशक टेड्रोस अदनोम घेबरेसस ने जेनेवा स्थित मुख्यालय से एक वर्चुअल ब्रीफिंग में कहा कि सरकारों और लोगों के लिए यह साफ संदेश है कि बचाव के लिए सब कुछ करें। दुनियाभर में इस महामारी से मुकाबले में फेस मास्क एकजुटता का प्रतीक बनना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र की इस स्वास्थ्य संस्था के प्रमुख ने कहा कि कई वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई अचूक दवा नहीं है और संभवत: ऐसा कभी हो भी नहीं सकता।
टेड्रोस और डब्ल्यूएचओ के आपात मामलों के प्रमुख माइक रियान ने सभी देशों से कोरोना की रोकथाम के लिए मास्क, शारीरिक दूरी, हैंड-वाशिंग और टेस्टिंग जैसे उपायों को सख्ती के साथ लागू करने की अपील की।
दुनिया में कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका में संक्रमित लोगों की संख्या तेज गति से बढ़ रही है। इस देश में पीड़ितों की संख्या 48 लाख के पार पहुंच गई है। अमेरिका के टेक्सास और फ्लोरिडा समेत कई दूसरे प्रांतों में भी तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। पूरे देश में अब तक कुल एक लाख 58 हजार से अधिक पीड़ित दम तोड़ चुके हैं।
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