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डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रॉन को बताया है वेरिएंट ऑफ कंसर्न, यहां हैं इसके बारे में कुछ जरूरी तथ्य

Updated on: 30 November 2021, 18:50pm IST
अगर कोविड -19 के प्रति लापरवाह होने लगे हैं, तो आपको वेरिएंट ऑफ कंसर्न के नाम से सूचीबद्ध कोरोना के इस नए स्ट्रेन के बारे में जानना चाहिए।
South africa ka data batata hai ki ye tezi se fail sakta hai
साउथ अफ्रीका के आंकड़े बताते हैं कि यह तेजी से फैल सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण (covid-19) से हालात सामान्य ही हुए थे कि एक नई मुसीबत ने जन्म ले लिया। कोरोना वायरस संक्रमण का नया वेरिएंट B.1.1.529 ओमिक्रॉन ( Omicron ) दुनिया के लिए चिंता का नया विषय बन गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ( World Health Organization ) ने भी इसको लेकर चिंता जाहिर की है। डब्ल्यूएचओ द्वारा इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न ( variant of concern ) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। 

जापान के वैज्ञानिकों का दावा है कि यह नया वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट ( Delta Variants ) के मुकाबले काफी ज्यादा खतरनाक है। इस पर मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज थैरेपी ( monoclonal antibodies therapy)  का कोई असर नहीं होता है। 

नया वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले काफी ज्यादा खतरनाक है। चित्र : शटरस्टॉक

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है, कि, ओमिक्रॉन COVID-19 वेरिएंट “कोरोनावायरस का अब तक का सबसे खराब स्ट्रेन है। इसमें पिछले COVID-19 स्ट्रेन से कई म्यूटेशन ( mutation) हैं और कई ऐसे हैं, जो ओमिक्रॉन को अब तक का सबसे संक्रामक वैक्सीन-प्रतिरोधी वेरिएंट बनाने की क्षमता रखते हैं”। ओमाइक्रोन ने डेल्टा संस्करण के उत्परिवर्तन प्राप्त कर लिए हैं, जो दुनिया भर में प्रमुख रूप बन गया है।

ओमिक्रॉन के बारे में यहां जाने कुछ जरूरी बातें : 

1 वैक्सीन के प्रभाव को कर सकता है कम 

दुनिया के लिए यह नया वेरिएंट इसलिए चिंता का विषय है, क्योंकि इस बात की आशंका है कि यह कोरोना वैक्सीन को 40% कम प्रभावी बना सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा इसलिए है क्योंकि इसकी म्यूट होने की संख्या डेल्टा वेरिएंट से भी कई गुना ज्यादा है। साथ ही बी.1.1.529 पर यह सारे बदलाव वायरस के स्पाइक प्रोटीन पर हैं।

म्यूट होने की संख्या इसमें डेल्टा वेरिएंट से भी कई गुना ज्यादा है। चित्र : शटरस्टॉक

2 कहां-कहां पाया गया है यह वेरिएंट?

वेरिएंट को अब तक दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, हांगकांग, इज़राइल, बेल्जियम, यूके, जर्मनी और कुछ अन्य देशों में देखा गया है। भारत में संक्रमण का यह वेरिएंट अभी तक नहीं पाया गया है। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यसभा में कहा कि कोरोना का नया वायरस दुनिया के 14 देशों में पाया गया है, लेकिन यहां अभी तक एक भी मामला नहीं मिला है। वहीं राज्य सरकारें भी सख्त से सख्त कदम उठाती नजर आ रही है जिससे संक्रमण को प्रभावी होने से रोका जा सके।

3 डेल्टा वेरिएंट से 6 गुना ज्यादा है खतरनाक 

दूसरी लहर में कोरोना वायरस संक्रमण के डेल्टा वैरीअंट ने जिस प्रकार से भारत में तबाही मचाई थी खुद दृश्य कोई भूल नहीं सकता है। ऐसे में जब बात डेल्टा वैरीअंट से भी 6 गुना ज्यादा खतरनाक वैरिंट की हो तो चिंता अपने आप बढ़ जाती है।

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अक्षांश कुलश्रेष्ठ अक्षांश कुलश्रेष्ठ

सेहत, तंदुरुस्ती और सौंदर्य के लिए कुछ नई जानकारियों की खोज में