ये नया च्यूइंग गम आपके मुंह में कोरोना संक्रमण के 95% कणों को कर सकता है ट्रैप, अध्ययन में हुआ खुलासा

Updated on: 3 January 2022, 11:07 am IST

पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय की रिसर्च टीम ने इस खास च्युइंग गम का निर्माण किया है, जो कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।

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शोधकर्ताओं द्वारा कहा गया कि यह च्युइंग गम लार में वायरस के लोड को कम करने की क्षमता रखता है. चित्र : शटरस्टॉक

दुनिया भर में तबाही मचाने वाला सार्स कोवि 2 अब भी शोध का विषय है। इससे बचने के उपायों पर लगातार शोध जारी हैं। हालांकि अभी तक वेक्सीनेशन को ही रोकथाम का एकमात्र उपाय बताया जा रहा है। पर हाल ही में पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय की टीम ने एक नए च्युइंग गम की खोज की है, जो कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में मददगार हो सकती है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से। 

कोरोना वायरस संक्रमण ने दुनिया भर में तबाही मचाई है। जिस को रोकने का मात्र एक तरीका वैक्सीनेशन बताया जा रहा था। हालांकि अब वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि उन्होंने लोगों के लिए कोविड ( covid-19) से खुद को बचाने का एक नया तरीका खोज लिया है।

क्या है च्युइंग गम की थ्योरी 

दरअसल वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक प्रयोग में पता चला की च्युइंग गम ( chewing gum ) कोरोनावायरस कणों को फंसाने के लिए “नेट”( Net ) के रूप में कार्य कर सकता है। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस अध्ययन ( Study )  में पाया गया की यह च्युइंग गम लार ( saliva ) में कोरोना वायरस की मात्रा को सीमित कर सकता है, और संक्रमित लोगों के बोलने, सांस लेने या फिर खांसने  पर होने वाले संचरण को रोकने में मदद कर सकता है।

एक आम च्युइंग गम (chewing gum)  की तरह है यह गम

पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय ( University of Pennsylvania) की शोध टीम ने आणविक चिकित्सा ( molecular Therapy) में बताया कि यह गम स्वाद में एक रेगुलर च्युइंग गम की तरह है। शोधकर्ताओं ने कहा कि इसे सामान्य तापमान पर वर्षों तक संग्रहीत किया जा सकता है, और इसे चबाने से ACE2 प्रोटीन अणुओं को नुकसान नहीं होता है।

शोधकर्ताओं द्वारा कहा गया कि यह च्युइंग गम लार में वायरस के लोड को कम करने की क्षमता रखता है। इससे कोरोना के लिए इस्तेमाल की जा रही वैक्सीन के लाभ में वृद्धि हो सकती है। यह उन देशों में विशेष रुप से काम आएगा, जहां टीका अभी तक पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हो पाया है।

जानिए कैसे काम करता है च्युइंग गम 

तैयार किए गए इस स्पेशल च्युइंग गम में ACE2 प्रोटीन की प्रतियां होती हैं। ACE2 पप्रोटीन कोशिका की सतहों पर पाया जाता है। वायरस कोशिकाओं में ब्रेक लगाने और फिर उन्हें सेल्स को संक्रमित करता है। लेकिन किए गए एक्सप्रीमेंट में,वायरस के कण च्युइंग गम में ACE2 से जुड़ गए, जिसके परिणामस्वरूप नमूनों में वायरल लोड 95 प्रतिशत से अधिक गिर गया।

हालांकि यह अभी तक सामान्य उपयोग के लिए मौजूद नहीं है, लेकिन संक्रमित लोगों के प्रसार को सीमित करने की दिशा में एक आशाजनक कदम है। 

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इस च्युइंग गम से कोरोना के 95 % पार्टिकल को ट्रैप किया जा सकता है : शटरस्टॉक

चलते- चलते 

ध्यान दें कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हैं। साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

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अक्षांश कुलश्रेष्ठ अक्षांश कुलश्रेष्ठ

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