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World hepatitis day 2020: जानिए हेपेटाइटिस से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी

Updated on: 28 July 2020, 10:14am IST
हेपेटाइटिस विश्व की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है, इसका इलाज मुश्किल है, लेकिन प्रिवेंशन आसान। इसलिए जानिए कैसे खुद को हेपटाइटिस से सुरक्षित रखा जा सकता है।
विदुषी शुक्‍ला
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जानिए कैसे खुद को हेपटाइटिस से सुरक्षित रखा जा सकता है. चित्र : शटरस्टॉक।

हेपेटाइटिस एक जानलेवा बीमारी है जिसमें लिवर के टिश्यू में सूजन आ जाती है। अब यह तो हम सब जानते हैं कि लिवर हमारे जीवन के लिए कितना आवश्यक अंग है। यही कारण है कि हेपेटाइटिस इतनी खतरनाक बीमारी है, और वैक्सीन होने के बावजूद दुनिया भर में 4.4 बिलियन लोग जाने अनजाने इस बीमारी से ग्रस्‍त हैं।

सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि क्यों होती है हेपेटाइटिस

हेपेटाइटिस का मुख्य कारण हेपेटाइटिस वायरस है। मगर अन्य कारणों से भी आप हेपेटाइटिस का शिकार हो सकते हैं। ड्रग्स, गलत मेडिकेशन और शराब हेपेटाइटिस का कारण बन सकते हैं।

इसके अलावा ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस जन्म के साथ ही होती है। इसमें हमारा शरीर हमारे लिवर के ख़िलाफ़ एंटीबॉडी बनाने लगता है। ऑर्गन ट्रांसप्लांट के बाद भी ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ जाता है।

कितने प्रकार की होती है हेपेटाइटिस?

हेपेटाइटिस दरसल पांच प्रकार की होती हैं- हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई। सेन्टर ऑफ डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार हेपेटाइटिस बी और सी सबसे ज्यादा खतरनाक है और सबसे अधिक मृत्यु का कारण बनती हैं।

हेपेटाइटिस अवेरनेस डे- 28/07.

पांचों हेपेटाइटिस में मुख्य फ़र्क वायरस का होता है।

हेपेटाइटिस ए- हेपेटाइटिस ए ज्यादा खतरनाक नहीं होती, यह कुछ समय में ठीक हो जाती है। यह हेपेटाइटिस वायरस से संक्रमित खाना खाने या पानी पीने से हो सकती है। इसके लिए कोई खास ट्रीटमेंट की भी ज़रूरत नहीं पड़ती। हेपेटाइटिस ए की वैक्सीन मौजूद हैं, जो 12 से 18 वर्ष की उम्र में लगती हैं।

हेपेटाइटिस बी- हेपेटाइटिस बी HB वायरस से होती है, जिसके फैलने का प्रमुख कारण है संक्रमित खून या सीमेन। इन्फेक्टेड इंजेक्शन, रेज़र, चाकू इत्यादि से यह वायरस फैलता है। इसकी वैक्सीन मौजूद है, जो बच्चे को 6 महीने के अंदर ही लगाई जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त हेपेटाइटिस बी का इलाज भी है, लेकिन इलाज बहुत महंगा और लम्बा है, जिसके कारण हर व्यक्ति इसका इलाज नहीं करवा पाता।

हेपेटाइटिस सी– सभी हेपेटाइटिस में यह सबसे खतरनाक है। यह एक क्रोनिक डिसीज़ है जिसका कोई इलाज नहीं है। हेपेटाइटिस सी की वैक्सीन भी अभी तक नहीं बन पायी है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने से ट्रांसमिट होता है। CDC, अमेरिका के अनुसार यूएस में 3.9 मिलियन लोग हेपेटाइटिस सी से संक्रमित हैं।

हेपेटाइटिस डी- इसे डेल्टा हेपेटाइटिस भी कहते हैं। हेपेटाइटिस डी हमेशा हेपेटाइटिस बी के साथ ही होती है। हेपेटाइटिस डी के वायरस को हेपेटाइटिस बी के वायरस की ज़रूरत होती है। हालांकि यह ज्यादा खतरनाक नहीं होता। हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन हेपेटाइटिस डी को भी दूर रखती है।

हेपेटाइटिस ई– हेपेटाइटिस ई इन्फेक्टेड ह्यूमन एक्सक्रीटा से फैलती है। अफ्रीका और मिडिल ईस्ट एशिया में हेपेटाइटिस ई सबसे कॉमन है। इसके लक्षण ज्यादातर पता नहीं चलते, और यह बीमारी डायग्नोज़ नहीं हो पाती।

हेपेटाइटिस के लक्षण

हेपेटाइटिस के लक्षण ज्यादातर कॉमन वायरल फ्लू जैसे ही होते हैं, जिसके कारण लोगों को काफी अंत तक पता ही नहीं चलता कि उन्हें हेपेटाइटिस है।
हेपेटाइटिस ए, बी, डी और ई में थकान, ज़ुकाम, बन्द नाक, पेट दर्द, डायरिया और भूख न लगना जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
हेपेटाइटिस सी में वायरल फ्लू के लक्षण के साथ डार्क यूरीन होती है। कई मामलों में स्किन में खुजली और रैशेज़ भी होते हैं।

हेपेटाइटिस से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां

क्लीवलैंड क्लिनिक नामक जर्नल में प्रकाशित लेख के अनुसार इन बातों का ध्यान रखेंगी तो हेपेटाइटिस का जोखिम 90 प्रतिशत तक कम हो जाएगा-
1. हेपेटाइटिस ए और बी की वैक्सीन ज़रूर लगवाएं।

2. सेक्स के दौरान कंडोम का प्रयोग करें, खासकर अगर आप अपने पार्टनर की सेक्स हिस्ट्री को लेकर श्योर नहीं हैं। साथ ही कई सेक्सुअल पार्टनर ना बनायें, यह आपकी सेहत के लिए खतरनाक है।

3. टैटू करवाते वक्त साफ सफाई का खास ध्यान रखें।

4. गन्दा पानी बिल्कुल न पिएं। पानी हेपेटाइटिस फैलने का सबसे आसान ज़रिया है।

बाहर पानी पीने के बजाए अपने साथ पानी की बोतल लेकर चलें। चित्र: शटरस्‍टॉक

5. ट्रैवल करतीं हैं तो सैनिटाइजर लेकर चलें, बाहर खाना-पीना अवॉइड करें।

6. ड्रग्स से दूर रहें। शराब का भी लिमिटेड सेवन करें। बहुत अधिक शराब लिवर के लिए हानिकारक है।

इन छोटे-छोटे नियमों का पालन करके आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकती हैं। वो कहते हैं ना, प्रीकॉशन्स हमेशा इलाज से बेहतर विकल्प होता है।

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विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।

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