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कोविड-19 की तीसरी लहर, एक एक्‍सपर्ट से जानिए क्‍या है जमीनी हकीकत

Updated on: 25 November 2020, 10:40am IST
फेस्टिव सीजन खत्‍म होते-होते कोविड-19 के बढ़ते मामले सुर्खियों में हैं। फ्रंट पर मौजूद एक डॉक्‍टर बता रहीं हैं क्‍यों हो रहा है ऐसा।
Dr. Richa Sareen
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कोरोनावायरस की तीसरी लहर पिछली दो से ज्‍यादा खतरनाक है। चित्र: शटरस्‍टाॅॅॅक
कोरोनावायरस की तीसरी लहर पिछली दो से ज्‍यादा खतरनाक है। चित्र: शटरस्‍टाॅॅॅक

पिछले कुछ दिनों में, दिल्‍ली में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़े हैं। यहां तक कि हर दिन कोविड से होने वाली मौतों की गिनती भी बढ़ रही है। राजधानी में यह कोविड-19 संक्रमण की तीसरी लहर है। यह संक्रमण की पिछली दो लहरों से कहीं ज्‍यादा गंभीर है।

संक्रमण में बढ़ोतरी के कई कारण गिनाए जा रहे हैं, जैसे कि प्रदूषण स्‍तर में वृदि्ध, मौसम का बदलना, तीज-त्‍योहार की आमद, लेकिन सबसे बड़ा कारण है मास्‍क पहनने में कोताही और सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करने में लापरवाही का बढ़ना।

त्‍योहारों से पहले बाज़ारों में लोगों की भीड़ थी और सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की गई। यही वजह है कि संक्रमण के मामलों में इतनी बढ़त दिखायी दे रही है। हर दिन कोविड-19 मरीज़ों के मामलों में 7000 से ज्‍यादा की बढ़ोतरी देखी जा रही है।

बढ़ रहा है कोरोनावायरस से मृत्‍यु का आंकड़ा

पिछले कुछ दिनों से मृत्‍यु दर करीब 100 के आसपास दर्ज की जा रही है। दिल्‍ली में कोविड 19 के सक्रिय मरीज़ों की संख्‍या बढ़कर 40,000 से अधिक हो चुकी है। ऐसा पिछले कुछ दिनों में अचानक हुआ है, जिसकी वजह से शहर के निजी अस्‍पतालों में बिस्‍तरों की भारी कमी हो गई है।

कोविड-19 से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है। चित्र: शटरस्‍टॉक
कोविड-19 से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है। चित्र: शटरस्‍टॉक

बढ़ गई है चुनौती 

कोविड-19 मरीज़ के लिए इन दिनों निजी अस्‍पताल में आईसीयू बेड मिलना बेहद कठिन हो चुका है। इसके कारण स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों पर दबाव बढ़ा है। डॉक्‍टरों, नर्सों तथा सपोर्ट स्‍टाफ का काम कई गुना अधिक चुनौतीपूर्ण हो चुका है। ऐसा भी देखने में आया है कि एक ही परिवार के कई लोग संक्रमित हो रहे हैं, यहां तक कि कई बार पूरा परिवार बीमार पड़ा होता है।

दिवाली की वजह से, कई लोगों ने देरी से जांच करवायी। कुछ ने बीमारी के गंभीर लक्षण दिखायी देने के बाद भी अस्‍पताल से संपर्क करने में लापरवाही की। इसके चलते उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ा है और उनका इलाज करना भी मुश्किल हो रहा है।

आईसीयू बिस्‍तरों की कमी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। यह शहर में कोविड की वजह से होने वाली मौतों के बढ़ते मालों से साफ झलक रहा है।

इस लापरवाही से लेना चाहिए सबक 

त्‍योहारों का मौसम अब लगभग बीत चुका है। एयर क्‍वालिटी में भी मामूली सुधार देखा जा रहा है। ऐसे में हम यही उम्‍मीद कर सकते हैं कि आने वाले दिनों में संक्रमण की मौजूदा लहर भी धीमी पड़ेगी।

फेस्टिव सीजन में लापरवाही ने संक्रमण को बढ़ावा दिया। चित्र: शटरस्‍टॉक
फेस्टिव सीजन में लापरवाही ने संक्रमण को बढ़ावा दिया। चित्र: शटरस्‍टॉक

लेकिन इस पूरे घटनाक्रम से हमें यही सबक लेना चाहिए कि अगर हम सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करने में लापरवाही बरतेंगे, मास्‍क नहीं पहनेंगे, तो इसके गंभीर परिणाम आने वाले दिनों में झेलने पड़ सकते हैं।

बेहद जरूरी है सावधानी

जब तक सभी के लिए वैक्‍सीन उपलब्‍ध नहीं हो जाती, तब तक मास्‍क पहनना, हाथों को साफ रखना तथा सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन ही हमें कोरोनावायरस संक्रमण से बचाएगा।

यात्रा करना जरूरी है तो इन सावधानियों को इग्‍नोर न करें। चित्र: शटरस्‍टॉक
यात्रा करना जरूरी है तो इन सावधानियों को इग्‍नोर न करें। चित्र: शटरस्‍टॉक

हमें यह बात जरूर याद रखनी चाहिए क्‍योंकि अब शादियों का सीज़न शुरू हो रहा है।

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Dr. Richa Sareen Dr. Richa Sareen

Dr. Richa Sareen is Consultant-Pulmonology, Fortis Hospital