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ब्रिटेन में सामने आये नए वायरस और कोविड वैक्‍सीन के बारे में आपको जानने चाहिए ये दो अपडेट

Published on:24 December 2020, 20:00pm IST
लंदन में कोरोनावायरस का नया स्‍वरूप सामने आने के साथ ही इस बात पर चिंता व्‍यक्‍त की जा रही थी कि क्‍या कोरोना वैक्‍सीन इस नए स्‍वरूप पर प्रभावी होगी! पर वैज्ञानिक इस पर आश्‍वस्‍त नजर आते हैं।
योगिता यादव
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वैज्ञानिक कोविड-19 वैक्‍सीन को लेकर आश्‍वस्‍त हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

भारत बायोटेक की कोविड वैक्‍सीन पूरी तरह तैयार है, उस पर लंदन में कोरोनावायरस का एक नया स्‍ट्रेन सामने आया है। इन दोनों ही अपडेट्स पर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। पर तमाम विरोधों-अंतर्विरोधों से अलग हम आपको बता रहे हैं कोविड-19 के बारे में ये जरूरी अपडेट।

लंदन में सामने आया कोरोनवायरस का एक नया स्‍वरूप 

ब्रिटेन में हाल ही में नये वायरस स्ट्रेन वीयूआई-202012/0 का पता चला था। भारत समेत 40 से अधिक देशों ने ब्रिटेन से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन पर रोक लगा दी है और नये वायरस के तेजी से फैलने के मद्देनजर अनेक वैज्ञानिकों ने इसे जरूरी कदम कहा है।

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लंदन स्थित अनुसंधान संस्थान वेलकम ट्रस्ट यूके के निदेशक जेरेमी फर्रार के अनुसार इस समय ऐसा कोई संकेत नहीं है कि नये स्ट्रेन पर उपचार और टीकों का असर नहीं होगा।

तो क्‍या करना होगा वैक्‍सीन में बदलाव 

वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्रिटेन में सबसे पहले पता चले तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के नये स्वरूप (स्ट्रेन) से फिलहाल टीकों के कम प्रभावी होने की संभावना नहीं है, लेकिन यदि समय के साथ और उत्परिवर्तन होते हैं तो टीकों में उचित बदलाव करने होंगे।

यूके में कोरोनावायरस का एक नया स्‍ट्रेन सामने आया है। चित्र: शटरस्‍टॉक
यूके में कोरोनावायरस का एक नया स्‍ट्रेन सामने आया है। चित्र: शटरस्‍टॉक

उन्होंने एक बयान में कहा, ”हालांकि उत्परिवर्तन वायरस की अनुकूलन की शक्ति की ओर इशारा करता है और भविष्य में इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता। संक्रमण कम करने के लिए तत्काल सक्रियता महत्वपूर्ण है।

यूरोपीय रोग रोकथाम और नियंत्रण केंद्र (ईसीडीसी) ने रविवार को घोषणा की कि ब्रिटेन में सार्स-सीओवी-2 के एक प्रकार के तेजी से बढ़ने का पता चला है।

म्‍यूटेशन के बाद तेजी से फैल रहा है 

शिव नादर यूनिवर्सिटी में लाइफ साइंसेस विभाग के प्रमुख प्रोफेसर दीपक सहगल ने कहा, ”वायरस के नये प्रकार के स्पाइक प्रोटीन में 13 उत्परिवर्तन होने का पता चला है जिसमें से एन501वाई उत्परिवर्तन वायरस के पहले के प्रकारों की तुलना में इसके 70 प्रतिशत तेजी से फैलने के लिए जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा, ”हालांकि टीके, स्पाइक प्रोटीन में कई क्षेत्रों के विरुद्ध एंटीबॉडी का उत्पादन करते हैं, इसलिए एक ही बदलाव से टीके के कम प्रभावी होने की संभावना नहीं लगती।

क्‍या कोविड से रिकवर हुए लोगों को भी लगवानी चाहिए वैक्‍सीन

भारतीय टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित हुए लोगों को भी टीका लगवाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत टीका वितरण के लिहाज से साजो-सामान को लेकर पूरी तरह तैयार है। एल्ला उद्योग संस्था सीआईआई द्वारा आयोजित एक डिजिटल सत्र को संबोधित कर रहे थे।

कहा जा रहा है कि कोविड से रिकवर हुए लोगों को भी वैक्‍सीन लेने की जरूरत होगी। चित्र: शटरस्‍टॉक
कहा जा रहा है कि कोविड से रिकवर हुए लोगों को भी वैक्‍सीन लेने की जरूरत होगी। चित्र: शटरस्‍टॉक

उन्होंने कहा कि जो लोग संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें टीका लगवाना चाहिए या नहीं तो जवाब है कि हां, क्योंकि उनमें प्रतिक्रिया के लिए अच्छी टी कोशिकाएं नहीं होने की संभावना होती है।

भारत में टीकों के वितरण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भारत इसके लिए पूरी तरह तैयार है और भारत की टीकाकरण प्रणाली बहुत मजबूत है।

सत्र को संबोधित करते हुए बायोकॉन की अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ ने कहा कि हमें यह समझने की जरूरत है कि आगे बढ़ने के लिए एंटीजन और एंटीबॉडी दोनों से संबंधित जांच के आधार पर समन्वित प्रयास तथा बहुत महत्वपूर्ण बदलाव जरूरी है।

यह भी पढ़ें – अमेरिकन वैज्ञानिक के अनुसार, कोविड-19 के नए स्‍ट्रेन को लेकर नहीं है चिंतित होने की जरूरत

(समाचार एजेंसी भाषा से प्राप्‍त इनपुट के साथ)

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योगिता यादव योगिता यादव

पानी की दीवानी हूं और खुद से प्‍यार है। प्‍यार और पानी ही जिंदगी के लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी हैं।