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वृद्धों को जल्दी क्यों होने लगती है थकान, यह समझने के लिए किया जा रहा है व्यापक अध्ययन

Published on:25 August 2021, 12:38pm IST
अपने एजिंग पेरेंट्स का थकना हमें बुरा लगता है, पर हम चाहकर भी उनकी थकान कम नहीं कर पाते। पर इसके कारण समझने के लिए वैज्ञानिक एक व्यापक अध्ययन करने वाले हैं।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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budhe logon men thakaan ke karan
जानिए क्यों जल्दी थक जाते हैं वृद्ध लोग. चित्र : शटरस्टॉक

आपने अक्सर देखा होगा कि सीढ़ियां चढ़ने या बाज़ार से सामान लाने के बाद आप थकान महसूस करने लगती हैं। ऐसे में आपको भी लगता होगा कि आपकी उम्र हो गयी है, परंतु आपके ही साथ के अन्य लोगों को काम करने में इतनी थकान महसूस नहीं होती! तो आखिर ऐसा आपके साथ ही क्यों? बस यही समझने के लिए वैज्ञानिकों ने शोध शुरू कर दिया है।

स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड हेल्थ साइंसेज में यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट (University of Massachusetts Amherst) में वैज्ञानिकों की टीम यह समझने में लगी हुई है कि मांसपेशियों की थकान और चाल में बदलाव 70 और 80 के दशक में लोगों की सक्रिय रहने की क्षमता को कैसे प्रभावित करते हैं।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन एजिंग से 1.8 मिलियन अमरीकी डालर के अनुदान के साथ, बायोमेकेनिकल इंजीनियर कैथरीन बॉयर इस अध्ययन का नेतृत्व करेंगी, जिसके लिए वेस्टर्न मैसाचुसेट्स में प्रतिभागियों की भर्ती शुरू हो गयी है।

बॉयर ने कहा, “हमने यह समझने के लिए कई सालों तक काम किया है कि उम्र, शारीरिक गतिविधि और जीवनशैली को कैसे प्रभावित करती है।” स्टुअर्ट चिपकिन, और बायोस्टैटिस्टियन कैरल बिगेलो, साथ ही मूवमेंट वैज्ञानिक ब्रायन अम्बरगर, पूर्व में यूमास एमहर्स्ट और अब मिशिगन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं।

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उम्र बढ़ने के साथ – साथ हर काम में थकान महसूस हने लगती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

बॉयर ने कहा, “उम्र आपकी गतिशीलता, दैनिक जीवन की गतिविधियों को पूरा करने की आपकी क्षमता को प्रभावित कर सकती है। हम यह भी सोचते हैं कि जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती हैं, इसे और अधिक ऊर्जा की आवश्यकता हो सकती है।”

अब जानिए कैसे होगा यह अध्ययन

गतिशीलता का आकलन करने के लिए, वे ‘fatigability’ नामक एक नई मीट्रिक का उपयोग करने की योजना है, जो विभिन्न आयु समूहों के बीच बेहतर प्रदर्शन के लिए तुलना प्रदान करता है। बॉयर ने कहा, “फैटागाबिलिटी एक माप है जो हमें किसी व्यक्ति के प्रदर्शन में बदलाव और गतिविधि की रिपोर्ट का आकलन करने की अनुमति देता है।”

“तो अब हमारे पास कुछ ऐसा है जो सभी आयु समूहों के लिए समान है जिसका उपयोग हम थकान को मापने के लिए कर सकते हैं।”

बॉयर ने समझाया कि – ”अपनी स्नायु फिजियोलॉजी लैब में, केंट ने मांसपेशियों की थकान को प्रेरित करने के लिए 30 मिनट का ट्रेडमिल प्रोटोकॉल विकसित किया। यह एक आइसोकिनेटिक डायनेमोमीटर पर मांसपेशियों की थकान को मापते हैं। यह घुटने के विस्तार या फ्लेक्सन मशीन की तरह है, ठीक जैसे जिम में होता है। बस इसमें सेंसर हैं जो यह मापने के लिए हैं कि आपके क्वाड्रिसेप्स और काव्स की मांसपेशियां कितनी मजबूत हैं और यह कैसे बदलती हैं।”

इसके लिए वैज्ञानिक 15 पुरुषों और 15 महिलाओं के चार समूहों की भर्ती कर रहे हैं: गतिहीन युवा वयस्क (उम्र 30-40) और 70- से 80 वर्ष के तीन समूह। सक्रिय समूह को छोड़कर, अन्य प्रतिभागी सामान्य अमेरिकी आबादी के समान “अपेक्षाकृत गतिहीन” होंगे।

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रखे अपनी सेहत का ख्याल। चित्र: शटरस्टॉक

बॉयर ने कहा, “हमारे काम की ताकत यह है कि हमारे पास एक पूर्ण प्रयोगात्मक अध्ययन और कंप्यूटर सिमुलेशन दोनों होंगे। जो एक ही व्यक्ति पर समान परिणाम उपायों के साथ होंगे। जिससे हम यह समझना शुरू करेंगे कि ये चीजें कैसे और क्यों बदल जाती हैं। इससे हमें बाद के चरण में मदद मिलनी चाहिए।”

वर्तमान में, यह दिशानिर्देश वृद्ध वयस्कों और यंग लोगों के लिए समान हैं – जैसे हर दिन कम-से-कम 150 मिनट के लिए मध्यम-तीव्रता वाली एक्सरसाइज या एक्टिविटी। हालांकि, यह हो सकता है कि वृद्ध वयस्कों की अलग-अलग ज़रूरतें या विशिष्ट गतिविधियां हों जो फायदेमंद होंगी।

बॉयर ने कहा, “बूढ़े लोग आलसी नहीं हो रहे हैं। थकान उनके मन में नहीं है, बल्कि उनके शरीर में ऐसे परिवर्तन हो रहे हैं, जो रोजमर्रा की गतिविधियों को और अधिक कठिन बनाते हैं। हमारा प्राथमिक लक्ष्य यह समझना है कि यह कैसे होता है।”

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।