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स्टार्चयुक्त स्नैक्स का सेवन आपको दे सकता है हृदय संबंधी समस्याएं, जानिए क्या कहता है अध्ययन

Published on:28 June 2021, 13:30pm IST
नए अध्ययन में सामने आया कि भोजन के बाद, आलू या अन्य स्टार्च युक्त स्नैक्स खाने से मृत्यु दर का जोखिम 50% तक और हृदय संबंधी मृत्यु का जोखिम 44 से 57% तक बढ़ जाता है।
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स्टार्च युक्त स्नैक्स आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं. चित्र : शटरस्टॉक

अगर आप भी आपने मुख्य भोजन के बाद अकसर आलू चिप्या या ऐसे ही स्टार्चयुक्त स्नैक्स खाती हैं, तो सावधान हो जाइए। यह भविष्य में आपको हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम दे सकता है।नए अध्ययन में पाया गया कि किसी भी भोजन के बाद सफेद आलू या अन्य स्टार्चयुक्त स्नैक्स खाने से मृत्यु दर में कम से कम 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई और सीवीडी (कार्डियोवैस्कुलर डिजीज) से संबंधित मृत्यु का जोखिम 44-57 प्रतिशत बढ़ गया।

इसके विपरीत, भोजन में फल, सब्जियां या डेयरी उत्पाद खाने से हृदय रोग, कैंसर या ऐसे किसी भी कारण से मृत्यु का जोखिम कम होता है।

जानिए क्या कहता है अध्ययन 

चीन के हार्बिन में हार्बिन मेडिकल यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (Harbin Medical University School of Public Health) में पोषण और खाद्य स्वच्छता विभाग के प्रमुख, अध्ययन लेखक और प्रोफेसर यिंग ली ने कहा, “लोग इस बारे में चिंतित रहते हैं कि वे क्या खाते हैं और कब खाते हैं।”

ली ने कहा, “हमारी टीम ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के प्रभाव को बेहतर ढंग से समझने की कोशिश की, खासकर तब, जब वे भोजन के साथ लिए जाते हैं।”

ली और उनके सहयोगियों ने सभी भोजन में पैटर्न का आकलन करने के लिए अमेरिका में 2003 से 2014 तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण परीक्षा सर्वेक्षण (एनएचएएनईएस) में 21,503 प्रतिभागियों के परिणामों का विश्लेषण किया।

स्टार्चयुक्त स्नैक्स हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकते हैं. चित्र : शटरस्टॉक

अध्ययन में, 51 प्रतिशत प्रतिभागी महिलाएं थीं और सभी प्रतिभागी अध्ययन की शुरुआत में 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के थे। परिणामों को निर्धारित करने के लिए, शोधकर्ताओं ने सीवीडी, कैंसर, या किसी भी कारण से 31 दिसंबर, 2015 तक मरने वाले प्रतिभागियों को नोट करने के लिए यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के नेशनल डेथ इंडेक्स का उपयोग किया।

क्या थी अध्ययन की पूरी प्रक्रिया 

शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों के डाइट पैटर्न का विश्लेषण करके उन्हें वर्गीकृत किया कि उन्होंने विभिन्न भोजन में किस प्रकार के खाद्य पदार्थ खाए। मुख्य भोजन के लिए, सुबह के भोजन के लिए तीन मुख्य डाइट पैटर्न की पहचान की गई: वेस्टर्न ब्रेकफास्ट, स्टार्च ब्रेकफास्ट और फ्रूट ब्रेकफास्ट।

मिड डे मील के मुख्य डाइट पैटर्न के रूप में वेस्टर्न लंच, वेजिटेबल लंच और फ्रूट लंच की पहचान की गई। शाम के भोजन के मुख्य डाइट पैटर्न के रूप में वेस्टर्न डिनर, वेजिटेबल डिनर और फ्रूट डिनर की पहचान की गई।

स्टार्चयुक्त स्नैक्स हैं ज्यादा खतरनाक 

स्नैक्स के लिए, ग्रेन स्नैक्स, स्टार्चयुक्त स्नैक्स, फ्रूट स्नैक्स और डेयरी स्नैक्स को भोजन के बीच मुख्य स्नैक पैटर्न के रूप में पहचाना गया। इसके अतिरिक्त, विशिष्ट भोजन पैटर्न में फिट नहीं होने वाले प्रतिभागियों का अलग समूह के रूप में विश्लेषण किया गया था। शोधकर्ताओं ने नोट किया कि वेस्टर्न डाइट पैटर्न में वसा और प्रोटीन का अनुपात अधिक होता है, जो कि कई उत्तरी अमेरिकी भोजन के समान है।

वेस्टर्न लंच के समूह के प्रतिभागियों ने प्रोसेस्ड ग्रेन, ठोस वसा, पनीर, अतिरिक्त शर्करा और मांस की सबसे अधिक सर्विंग्स का सेवन किया। फ्रूट बेस्ड लंच के समूह के प्रतिभागियों ने साबुत अनाज, फल, दही और नट्स की सबसे अधिक सर्विंग्स का सेवन किया।

वेजिटेबल बेस्ड डिनर समूह के प्रतिभागियों ने सबसे अधिक गहरे रंग की सब्जियों, लाल और नारंगी सब्जियों, टमाटर, अन्य सब्जियों और फलियों का सेवन किया। जिन प्रतिभागियों ने स्टार्चयुक्त स्नैक्स का सेवन किया, उन्होंने सबसे अधिक सफेद आलू का सेवन किया।

वेजिटेबल बेस्ड डिनर खाने से सीवीडी और सर्व-मृत्यु दर में 23 प्रतिशत और 31 प्रतिशत की कमी आई। चित्र: शटरस्टॉक

क्या रहे निष्कर्ष 

1. वेस्टर्न लंच (आमतौर पर रिफाइंड अनाज, पनीर, क्योर मीट) खाने से सीवीडी से होने वाली मौत का खतरा 44 फीसदी बढ़ जाता है।

2. फ्रूट बेस्ड लंच खाने से सीवीडी से होने वाली मृत्यु का 34 प्रतिशत कम जोखिम जुड़ा था।

3. वेजिटेबल बेस्ड डिनर खाने से सीवीडी और सर्व-मृत्यु दर में 23 प्रतिशत और 31 प्रतिशत की कमी आई।

4. किसी भी भोजन के बाद स्टार्च में उच्च नाश्ता खाने से मृत्यु दर में 50-52 प्रतिशत की वृद्धि हुई और सीवीडी से संबंधित मृत्यु दर में 44-57 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

ली ने कहा “हमारे परिणामों से पता चला है कि इष्टतम स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों की मात्रा और सेवन का समय समान रूप से महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने कहा, “भविष्य के पोषण संबंधी दिशानिर्देश और पारंपरिक रणनीतियां दिन भर के खाद्य पदार्थों के लिए इष्टतम खपत समय को एकीकृत कर सकती हैं।”

इस अध्ययन की कुछ सीमाएं हैं जैसे आहार संबंधी डेटा प्रतिभागियों द्वारा स्वयं-रिपोर्ट किया गया था। इसलिए, कुछ कारकों से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।