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ब्‍लड शुगर के कुछ असामान्य लक्षण, जिनके बारे में शायद आप नहीं जानतीं

Published on:3 August 2020, 12:00pm IST
डायबिटीज साइलेंट किलर है। निष्क्रिय जीवनशैली के कारण इसकी जद में आने का जोखिम और भी ज्यादा बढ़ जाता है। नए शोध इसके कुछ असामान्य लक्षणों की ओर भी संकेत कर रहे हैं।
योगिता यादव
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नए शोध के अनुसार कोहनी का काला पड़ना भी डायबिटीज का संकेत हो सकता है। चित्र: शटरस्‍टाॅॅॅक

दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही खतरनाक बीमारियों में से एक है डायबिटीज। इसे साइलेंट किलर माना जाता है। इससे ग्रस्त व्यक्ति‍ के लिए किसी भी बीमारी का जोखिम और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

कोविड और डायबिटीज

कोरोनावायरस में डायबिटीज और भी ज्या‍दा घातक हो जाती है। आंकड़े बताते हैं कि डायबिटीज से ग्रस्त लोग कोरोनावायरस से संक्रमित होने के ज्यादा रिस्क में होते हैं और इनकी मुकाबला करने की क्षमता उतनी ही कमजोर होती है।

कोरोनावायस के मामलों में ज्यादातर मौतों की वजह हृदय संबंधी समस्याएं और डायबिटीज ही रही। ऐसे में आपको इस बीमारी के प्रति और भी ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है। लॉकडाउन के कारण हम में से ज्यादातर की दिनचर्या पर इसका असर पड़ा है।

इस समय आपको अपना और भी ज्‍यादा ख्‍याल रखने की जरूरत है। चित्र: शटरस्‍टॉक

हाल ही में हुए कुछ शोध ब्‍लड शुगर (Blood Sugar) के कुछ ऐसे लक्षणों की ओर संकेत कर रहे हैं, जिनके बारे में अभी तक ज्यादातर लोग अनजान हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वे संकेत –

कोहनी का काला पड़ना

क्या आपकी कोहनी और घुटने काले पड़ गए हैं? अगर हां तो एक बार ब्लड शुगर की जांच जरूर कराएं। संभव है कि आप या तो टाइप-2 डायबिटीज के शिकार हो चुके हों या फिर उसकी जद में आने की कगार पर पहुंच गए हों। अमेरिका स्थित ‘द मेयो क्लीनिक’ के हालिया अध्ययन में यह आशंका जताई गई है।

शुगर लाइफस्‍टाइल जनित बीमारी है, इसे कंट्रोल किया जा सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

शोधकर्ताओं के मुताबिक खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने पर त्वचा कड़ी होने लगती है। यही नहीं, नसों में खून का थक्का जमने का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे कोहनी और घुटने की त्वचा काली पड़ने के अलावा गर्दन के पिछले हिस्से में धब्बे उभरने की समस्या हो सकती है।

क्यों काले होने लगते हैं घुटने

मुख्य शोधकर्ता रीव कीव्स ने बताया कि टाइप-2 डायबिटीज में अग्नाशय या तो पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन पैदा नहीं करता या फिर उसके इस्तेमाल की शरीर की क्षमता कमजोर पड़ जाती है। फास्टफूड का सेवन, व्यायाम से दूरी और अधूरी नींद इसकी मुख्य वजह है। खास बात यह है कि डायबिटीज अपनी दस्तक से पहले कई संकेत देती है। व्यक्ति अगर इन्हें भांपकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने लगे तो वह डायबिटीज को दूर रख सकता है।

मुंह की दुर्गंध भी ब्‍लड शुगर के बढ़ने का संकेत हो सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

मुंह की दुर्गंध भी हो सकती है डायबिटीज का संकेत

इससे पहले, ‘आईओेएसार जर्नल ऑफ डेंटल एंड मेडिकल साइंसेज’ में छपे अध्ययन में मुंह की दुर्गंध को हल्के में न लेने की सलाह दी गई थी। शोधकर्ताओं ने पाया था कि डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों के न सिर्फ खून, बल्कि मुंह में भी ग्लूकोज का स्तर ज्यादा हो सकता है।

कीटाणु इसी ग्लूकोज को खाने के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। वे दांतों और मंसूड़ों के बीच के हिस्से में घर बनाने लगते हैं। इससे दांत-मंसूड़ों में सड़न के साथ मुंह से तीव्र दुर्गंध आने की समस्या पनप सकती है, जो बार-बार ब्रश करने पर भी दूर नहीं होती।

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योगिता यादव योगिता यादव

पानी की दीवानी हूं और खुद से प्‍यार है। प्‍यार और पानी ही जिंदगी के लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी हैं।

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