PCOS Awareness Month : यह बीमारी नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल डिसऑर्डर है, जानिए कैसे करना है मैनेज

यदि आप भी इरेगुलर पीरियड्स, इरेगुलर फ्लो, इंफर्टिलिटि से जूझ रही हैं तो यह पीसीओएस के कारण हो सकता है। जानिए क्या है महिलाओं को होने वाली यह समस्या।

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आयुर्वेद के अनुसार शतावरी का प्रयोग पीसीओएस के प्रभाव को कम करने में कारगर है।। चित्र : शटरस्टॉक
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फीमेल हेल्थ या महिला यौन स्वास्थ्य के बारे आज भी जागरूकता की कमी है। ज्यादातर महिलाएं अपने स्वास्थ्य के बारे में न अपने पार्टनर से खुलकर बात करती हैं और न ही डाॅक्टर से। ये बस उनकी गर्ल्स टॉक का हिस्सा बन कर रह जाता है। जिसमें जानकारियां बहुत कम और परेशानियां बहुत ज्यादा होती हैं। पर यह जरूरी है कि आप अपनी सेहत के बारे में खुल कर बात करें। न केवल परिवार में बल्कि पब्लिक स्पेस में भी। इसी उद्देश्य के लिए सितंबर को पीसीओएस अवेयरनेस मंथ (PCOS Awareness Month) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस माह की शुरुआत महिलाओं को होने वाली पीसीओएस (Polycystic Ovary Syndrome) की समस्या के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए की गयी थी।

क्या है पीसीओएस अवेयरनेस मंथ का उद्देश्य?

पीसीओएस अवेयरनेस मंथ का उद्देश्य पीसीओएस (PCOS) से प्रभावित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करना और उनके लक्षणों को दूर करने के साथ-साथ मधुमेह, हृदय रोग, फैटी लिवर रोग और कैंसर जैसी बीमारियों के जोखिम को रोकने और कम करने में मदद करना है।

इस बारे में सारा अली खान जैसे कई फीमेल सेलेब्रिटीज नें भी अपनी पीसीओएस से संबंधी समस्याओं को दुनिया के सामने रखा है। तो चलिये इस सिंड्रोम के बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या है पीसीओएस?

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic Ovary Syndrome) एक गंभीर जेनेटिक, हार्मोन, चयापचय और प्रजनन संबंधी विकार है जो महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करता है। यह महिला बांझपन का प्रमुख कारण है। साथ ही, यह मोटापा, टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग और एंडोमेट्रियल कैंसर सहित अन्य गंभीर स्थितियों का कारण बनती है।

यह एक प्रकार का लाइफस्टाइल डिसऑर्डर है, बीमारी नहीं। इसे स्वस्थ और संतुलित खानपान से मैनेज किया जा सकता है। जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता।

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आपकी दिल की सेहत पर भी असर डालता है PCOS . चित्र : शटरस्टॉक

पीसीओएस जागरूकता माह के लक्ष्य और आदर्श हैं:

आम जनता, महिलाओं, लड़कियों और हेल्थ प्रोफेशनल्स के बीच पीसीओएस के बारे में जागरूकता और शिक्षा बढ़ाना।

विकार के निदान और उपचार में सुधार करना।

निदान और उपचार विकल्पों के बारे में जानकारी देना।

इस समस्या के साथ महिलाओं और लड़कियों के जीवन की गुणवत्ता और परिणामों में सुधार करना।

पीसीओएस से पीड़ित सभी महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करने वाले संघर्षों को स्वीकार करना।

पीसीओएस को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता बनाने के लिए देशों, राज्यों, क्षेत्रों और इलाकों को प्रोत्साहित करें।

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