आपके घर के पास जिम है या फास्ट फूड आउटलेट ! टेंशन न लें, बेहतर लाइफस्टाइल से कम हो सकता है मोटापा

इससे पहले के शोध यह कह रहे थे कि लोकेलिटी आपकी फि‍टनेस को बहुत प्रभावित करती है। पर नए शोध ने आपके लाइफस्टाइल को आपके घर के आसपास के माहौल से ज्यादा महत्ववपूर्ण माना है।
बिना अंडर वियर न जाए जिम। चित्र: शटरस्टॉक
IANS
  • 87

क्‍या आपको भी ऐसा लगता है कि जिनके घर के पास जिम होता है, वो लोग ज्‍यादा फि‍ट होते हैं? तो एक बार इस नई रिसर्च को जरा ध्‍यान से पढ़ें। इसमें स्‍पष्‍ट कहा गया है कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि आपके घर के पास जिम है, मिठाई की दुकान, रेस्‍तरां या फास्‍ट फूड आउटलेट। अगर आपका लाइफस्‍टाइल ठीक है, तो आप फि‍ट रह सकते हैं।

अभी तक यह माना जा रहा था कि आपके घर के आसपास का माहौल आपकी फि‍टनेस को प्रभावित कर सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक वयस्क मोटापे पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ ओबेसिटी में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, जिन क्षेत्रों आधुनिक सुविधाओं का अभाव होता है वहां लोग ज्‍यादा मोटे होते हैं। शोधकर्ताओं की इस बारे यह राय थी कि कमजोर सामाजिक-आर्थिक स्तर, जैसे औसत आय और उच्च बेरोजगारी दर सुविधाएं प्राप्‍त करने में बाधक होती हैं।

दो पहलू रहे हैं खास

इस तरह के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में मोटापा अधिक होने का कारण लंबे समय से शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं का ध्‍यान खींचता रहा है। जबकि व्यवसायिक सुविधाएं, जैसे फास्ट फूड आउटलेट और शारीरिक गतिविधि सुविधाओं की उपलब्‍धता बहस और शोध को आकर्षित करती रही है।

फि‍टनेस आपके लाइफस्टाइल और मेटाबॉलिज्म पर भी निर्भर करती है, पड़ोस की दुकान पर नहीं। चित्र: शटरस्टॉक

स्वीडन में लुंड विश्वविद्यालय से केंटा ओकुयामा अलग राय देते हैं, ” स्वीडन में बड़े पैमाने पर 1.5 मिलियन से अधिक वयस्कों का उनके क्षेत्र विशेष के अनुसार डाटा जुटाया गया। पर इस डाटा में उपरोक्‍त दो सुविधाओं और मोटापे के बीच कोई खास संबंध दिखाई नहीं दिया।”,

शोधकर्ताओं इस बात से इन्‍कार करते हैं कि फास्ट फूड आउटलेट की उपलब्धता या जिम की कमी स्वीडिश वयस्कों में मोटापे का कारण है।

हमेशा प्रभावी नहीं होता

यद्यपि फास्ट फूड आउटलेट्स को कम करना या शारीरिक गतिविधि सुविधाओं को बढ़ाना एक अच्‍छी शुरूआत होगी।  स्वस्थ भोजन और व्यायाम को बढ़ावा देना इसमें महत्‍वपूर्ण होगा। लेकिन यह सभी देशों और क्षेत्रों में बहुत प्रभावी नहीं हो सकता।

इसके लिए ओकुयामा कारण बताते हैं, “क्योंकि हर संस्कृति में खानपान और जीवन शैली अलग होती है। यह प्रभावित करता है कि आप अपने दैनिक जीवन में इन सुविधाओं का कितनी बार उपयोग करते हैं।”

निष्कर्षों के दौरान, शोधकर्ताओं ने लोकेलिटी और मोटापे के बीच कोई संबंध को महसू‍स किया, लेकिन इसके अलग कारण हो सकते हैं।

ओकुयामा निष्कर्ष रूप में कहती हैं, “हमारा अगला लक्ष्य उन चीजों की जांच करना है, जो वाकई मोटापे का कारण हैं। स्‍वीडन में उन कारकों की खोज की जानी है, जो मोटापे को प्रभावित करती हैं।”

अपनी रुचि के विषय चुनें और फ़ीड कस्टमाइज़ करें

कस्टमाइज़ करें

  • 87

हेल्थशॉट्स वेलनेस न्यूजलेटर

अपने इनबॉक्स में स्वास्थ्य की दैनिक खुराक प्राप्त करें!

सब्स्क्राइब करे
अगला लेख