दिवाली पर भी मंडराया कोरोना का साया, अमेरिका के बाद भारत में मिला ओमिक्रोन का नया वैरिएंट BQ.1

त्योहार मनाने के साथ-साथ हमें कोरोना के प्रति भी सावधान रहना होगा। हाल में पुणे के एक पेशेंट के सैंपल में ओमिक्रोन का नया वैरिएंट बी क्यू 1 (BQ1) पाया गया है। वैज्ञानिकों ने इस नए वैरिएंट के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
omicron BQ1 variant
पुणे में मिला ओमिक्रोन के नए वैरिएंट का मरीज। चित्र : शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Updated: 20 Oct 2023, 09:43 am IST
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अगर दिवाली की तैयारियों में आप भी लापरवाह हो गई हैं, तो सावधान हो जाएं। कोरोनावायरस का प्रकाेप अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। महामारी का प्रकोप कम जरूर हुआ है, मगर यह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मंकीपॉक्स (Monkeypox), डेंगू फीवर (Dengue fever) के लिए एहतियात बरतने के साथ-साथ हमें कोरोना के प्रति भी सावधान रहना होगा। पुणे में कोरोना के नये वैरिएंट बीक्यू1 (new omicron variant BQ.1) के पाए जाने की सूचना मिल रही है।

यह नया वैरिएंट कैसा है और यह कितना खतरनाक हो सकता है, इसके लिए हमने बात की, गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल इंस्टिट्यूट में इन्फेक्शियस डिजीज कंसलटेंट डॉ. नेहा रस्तोगी पांडा से।

पुणे में पाया गया ओमिक्रोन का सब वैरिएंट बीक्यू 1

पुणे के एक मरीज के सैंपल में ओमिक्रोन का सब वैरिएंट बीक्यू 1 पाया गया है। डॉ. नेहा  बताती हैं, ‘बीक्यू 1 कोविड (सार्स कोव-2) के ही ओमिक्रोन का वैरिएंट है। हमारे शरीर की तरह ही वायरस के स्ट्रक्चर में भी बहुत सारे बदलाव आते हैं। ये बदलाव वायरस को अधिक शक्तिशाली और संक्रामक बनाने के लिए आते हैं। यह वैरिएंट पुराने वैरिएंट की अपेक्षा ज्यादा तेजी से फैलता है।”

अमेरिका के 60 % कोरोना पॉजिटिव लोगों में यही वैरिएंट पाया जा रहा है। पुणे में बीक्यू 1 का डिटेक्शन होने के कुछ दिन पहले ही बी एफ 7 वैरिएंट पाया गया था। बी एफ 7 वैरिएंट सबसे पहले चीन के मंगोलिया क्षेत्र में रिपोर्ट किया गया था। वैज्ञानिकों ने बताया कि दोनों बीक्यू 1 और बीएफ 7 वैरिएंट म्युटेशन के कारण ही उत्पन्न हुए हैं और दोनों संक्रामक हैं।

हालांकि बीए 5 भारत में 5 % से भी कम कोरोना मरीजों में पाया गया है। यहां 80 % से अधिक कोरोना के मामलों में बीए 2 वैरिएंट देखा जा रहा है।

बीक्यू 1 वैरिएंट यूएस के अलावा यूके और जर्मनी में भी पाया जा रहा है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार बीक्यू 1 के मामले 1 महीने के अंदर 1-11 % तक बढ़ गये हैं।

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डेल्टा से काफी तेज फैलता है ओमिक्रोन वैरिएंट। चित्र : शटरस्टॉक

सभी वैरिएंट ओमिक्रोन के नेक्स्ट जेनरेशन हैं, हमें रहना होगा सावधान

भारत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलोजी के वैज्ञानिकों के अनुसार, ये सभी वैरिएंट ओमिक्रोन के नेक्स्ट जेनरेशन हैं। जो सार्स कोव 2 के ही अलग-अलग वैरिएंट हैं। जनवरी में जब भारत में ओमिक्रोन का पहला मामला देखा गया था, तब से लेकर अब तक इसके वैरिएंट नहीं देखे गए थे। हालांकि इन सभी वैरिएंट में संक्रमण और इसके फैलने की संभावना देखी जा रही है।

डॉ. नेहा कहती हैं, इस वैरिएंट को कम नहीं समझा जाना चाहिए। इनके दुष्प्रभावों को कम कर नहीं आंकना चाहिए। हमें इस ओर पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।’

सबसे ज्यादा संक्रामक हैं ओमिक्रोन के वैरिएंट

ओमिक्रोन के इस नए वैरिएंट को वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने वैरिएंट ऑफ कंसर्न में डाला है। इससे री इंफेक्शन का खतरा अधिक है। हालांकि अब तक ओमिक्रोन के वैरिएंट को डेल्टा के बाद सबसे अधिक संक्रामक माना गया। वैज्ञानिक इस नए वैरिएंट को भी संक्रामक मान रहे हैं। लेकिन इससे बहुत अधिक जोखिम होने की संभावना नहीं है। यह तेजी से फैल सकता है, लेकिन जान माल के नुकसान होने की कम सम्भावना है।

संक्रमण से बचने के लिए इस तरह मनाएं त्योहार

डॉ नेहा चेताती हैं, “इस सीजन में यदि किसी को सर्दी, खांसी, बुखार, नाक बहना या सांस की तकलीफ है, तो कोविड टेस्टिंग को प्रेफर करें। यदि व्यक्ति कोविड पोजिटिव होता है, तो आगे टेस्टिंग के लिए वे तैयार हो सकते हैं।

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यह वैरिएंट यदि अधिक शक्तिशाली हो जाता है, तो कोरोना वैक्सीन इस पर कितना कारगर होगा, कहना मुश्किल है। इसलिए स्ट्रांग इम्युनिटी वाले लोग भी इसके चपेट में आ सकते हैं। ”

इसलिए जरूरी है कि कुछ चीजों को ध्यान में रखा जाये

  1. दिवाली नजदीक है इसलिए त्योहार को एन्जॉय करने के लिए सभी को हाथ की सफाई और मास्क के इस्तेमाल पर पूरा ध्यान देना है।
  2. त्योहारों में अधिक भीड़-भाड़ होती है, ऐसी स्थिति में बाहर निकलने पर मास्क और सैनीटाइजर साथ रहना चाहिए ।
  3. हो सके तो भीड़ में जाने से बचें। जहां तक संभव हो, दो गज की दूरी बना कर रखें ।
  4. खुद और पूरे परिवार को फुली वैकसीनेशन बूस्टर डोज  के साथ सुनिश्चित करें।
  5. इम्युनिटी बूस्टिंग फूड और संतुलित आहार को अपने खानपान में शामिल करें।
  6. यदि खुद में कुछ लक्षण दिखते हैं, तो अपने-आपको अलग कर लें। एहतियात बरतना ही इस वैरिएंट से बचाव का एकमात्र उपाय हो सकता है।

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स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।...और पढ़ें

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