World Aids Day : यौन संक्रमणों और टेंशन से बचना है तो कैजुअल सेक्स में रखें इन 6 बातों का ध्यान

एचआईवी एड्स दुनिया भर में एक बड़ी आबादी को अपना शिकार बना रहा है। इसलिए यह जरूरी है कि आप किसी भी तरह के सेक्स में सतर्क रहें।
कैजुअल सेक्स करने से तनाव कम होता है। चित्र शटरस्टॉक
निशा कपूर Updated on: 29 November 2022, 09:30 am IST
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हर साल 1 दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस (World Aids Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का लक्ष्य होता है लोगों के बीच जागरूकता फैलाना और एड्स प्रभावित लोगों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन देना। पूरी दुनिया में करीब 3.53 करोड़ लोग एचआईवी से ग्रस्त हैं। जिसमें लगभग 33.4 लाख बच्चे शामिल हैं।

एचआईवी (HIV) आकलन 2012 के मुताबिक, एड्स (Aids) के नए मामलों में 57 फीसदी की कमी दर्ज की गयी है। यह कमी राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एड्स की रोकथाम के लिए किये गए उपायों एवं नीतियों द्वारा आयी है। वर्ष 2000 में 2.74 लाख लोग एड्स से ग्रस्त थे, यह संख्या 2011 में घटकर 1.16 लाख हो गई। वर्ष 2001 में 0.41% युवा एड्स से प्रभावित थे जो वर्ष 2011 में घटकर 0.27 फीसदी रह गए।

विश्व एड्स दिवस 2022, आपको भी एड्स के बारे में होनी चाहिए पूरी जानकारी। चित्र: शटरस्टॉक

नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (NACO) के मुताबिक, वर्ष 2011 से 2021 के बीच भारत में 17 लाख 8 हजार 777 लोग असुरक्षित यौन संबंधों की वजह से एचआईवी से ग्रस्त हुए हैं। असुरक्षित यौन संबंध के कारण 2011-12 में 2.4 लाख एचआईवी संक्रमित हुए थे, जिनकी संख्या 2020-21 में घटकर 85,268 रह गई।

कैजुअल सेक्स (casual sex) जिसे आकस्मिक सेक्स भी कहा जाता है। ऐसे व्यक्ति के साथ किया जाता है जिससे हमारी किसी भी प्रकार की फीलिंग अटैच नहीं होती है। या यूं कहे कि हम पहली बार में ही दूसरे व्यक्ति की तरफ इतने आकर्षित हो जाते हैं कि हम बिना कुछ सोचे समझे सेक्स (sex) के लिए तैयार हो जाते हैं। अब भारत में भी ऐसे सेक्स को अहमियत दी जाने लगी है। लेकिन विदेशों में यह बहुत अधिक प्रचलित है।

सर्वेक्षणों से पता चला है कि आज, भारत एशिया में ऑनलाइन डेटिंग ऐप टिंडर का सबसे बड़ा बाजार रहा है। पिछले पांच वर्षों में विभिन्न बिंदुओं पर किए गए शोध में दावा किया गया है कि भारत में महिलाएं अपने यौन क्षितिज को व्यापक बनाने के लिए तैयार हैं। अब चलिए जानते हैं ऐसे टिप्स जो आपको आकस्मिक सेक्स (Tips for casual sex) करते समय ध्यान में रखनी चाहिए।

एक-दूसरे को समझना सबसे ज्‍यादा जरूरी है। चित्र: शटरस्टॉक

द होलिस्टिक माइंड थेरेपी की काउंसलर, मनोवैज्ञानिक और संस्थापक श्रुति शाह कहती हैं, सेक्स का आनंद लेने वाली महिलाओं की धारणा एक ऐसा विषय रहा है, जिसके बारे में अकसर सकारात्मक बातचीत नहीं की जाती है। क्योंकि जो महिला सेक्स के बारे में बात करती है उसे ठीक नहीं समझा जाता है। जबकि इस पर बात करना, आपके यौन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। सेक्स पर अब भी बहुत सारे टैबूज को तोड़ने की जरूरत है।

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यहां हैं 6 बातें, जिनका कैजुअल सेक्स के दौरान आपको ध्यान रखना है

कैज़ुअल सेक्स को करना कुछ लोगों के लिए थोड़ा जटिल हो सकता है। इसकी वजह सोशल कंडीशनिंग और पर्सनल कुछ भी हो सकती है। कभी-कभी आप अचानक किसी के प्रति आकर्षित हो जाते हैं। मगर अपने सेंटिमेंट्स को समझने में आपको समय लगता है। जबकि कई बार कैजुअल सेक्स के बाद आप एक अलग तरह के मानसिक दबाव या गिल्ट में घिर जाती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप कैजुअल सेक्स में शामिल होने से पहले कुछ चीजों का जरूर ध्यान रखें।

1 सेफ्टी है सबसे पहले

आप वकेशन पर हैं, किसी फ्रेंड की पार्टी में हैं या कोई नया व्यक्ति आपके जीवन में आया है, हर बार आपको सेफ्टी का ध्यान रखना है। आंकड़े बताते हैं कि एचआईवी, एड्स और अलग-अलग तरह के यौनि एवं यौन संक्रमणों का कारण अनसेफ सेक्स है। इसलिए जब भी सेक्स में शामिल हों, चाहें वह कैजुअल सेक्स ही क्यों न हो सेफ सेक्स को प्राथमिकता दें। बिना झिझक के पार्टनर से कंडोम इस्तेमाल करने के लिए कहें। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो आपको वहीं रुक जाना चाहिए।

2 पर्सनल लाइफ को किसी के साथ शेयर न करें

यदि आप किसी के साथ कैजुअल सेक्स करते हैं, तो इस बात को आप किसी के साथ साझा न करें। यह आपकी जिंदगी का एक ऐसा फैसला है, जिसे आप व्यक्तिगत रुप से सभी को नहीं बता सकते। यदि कैजुअल सेक्स के बाद आपको किसी भी तरह की समस्या होती है, तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेने चाहिए।

3 वर्जिनिटी साबित करने की कोशिश न करें

भारत में आज भी बहुत से शहरों और गांव में ऐसी मान्यता है कि शादी की पहली रात यदि दुल्हन को ब्लीडिंग नहीं होती है, तो वह वर्जिन नहीं है। इसका मतलब होता है कि वह पूर्ण नहीं है। आपको समाज को यह बताने की जरूरत है कि यह आपका शरीर है और आप इसका आनंद अपने मुताबिक ले रही हैं।

महिलाओं की सेक्स ड्राइव भी पुरुषों के समान हाेती है। चित्र : शटरस्टॉक

4 जरूरी है खुद का आदर करना

यदि आप आकस्मिक सेक्स करती हैं, तो इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि आपका चरित्र ठीक नहीं है या आप आदर करने के लायक नहीं है। भारत में महिलाओं के सेक्स की बात करने पर भी कई सवाल उठा दिए जाते हैं। ऐसे में कैजुअल सेक्स करना एक काफी मुश्किल भरा फैसला होता है।

अगर आपके पार्टनर को ऐसा लगता है कि आप कैसे सेक्स करने के लिए तैयार हैं, मतलब आपका चेहरा ठीक नहीं है जो आपको उस व्यक्ति से दूर रहना चाहिए। क्योंकि आपको यह समझने की जरूरत है आप ऐसा कोई गलत कार्य नहीं कर रही हैं जिससे समाज आप पर उंगली उठाने लगे।

5 हमेशा ऑर्गेज़्म मिले, यह जरूरी नहीं

अमेरिकन सोशियोलॉजिकल रिव्यू में प्रकाशित वर्ष 2012 की स्टडी के मुताबिक, सिर्फ 11 फीसदी महिलाओं ने नए पार्टनर के साथ कैजुअल सेक्स करते समय ऑर्गेज़्म प्राप्ति की जानकारी दी। कैजुअल सेक्स काफी जटिल होता है। इसलिए पहली बार में ऑर्गेज़्म प्राप्त करने की कोशिश न करें, बल्कि सेक्स का आनंद लें।

6 सही समय पर अलविदा कहें

कैजुअल सेक्स के बाद चीजें इतनी कैजुअल नहीं रहती हैं, जितनी शुरुआत में होती हैं। सेक्स के बाद आप एक जुड़ाव महसूस कर सकती हैं। लोग इसे वन नाइट स्टेन्ड, हुकअप, फ्रेंड्स विथ बेनिफिट्स और भी कई नामों से जानते हैं। लेकिन यदि आप सही समय पर इससे बाहर नहीं आते हैं, तो यह आपकी मेंटल हेल्थ को भी प्रभावित करता है। इसलिए सही समय पर अलविदा कह दें।

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लेखक के बारे में
निशा कपूर

देसी फूड, देसी स्टाइल, प्रोग्रेसिव सोच, खूब घूमना और सफर में कुछ अच्छी किताबें पढ़ना, यही है निशा का स्वैग।

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