Lunar Eclipse 2023 : क्या चंद्र ग्रहण के दौरान सोने या सेक्स करने से सेहत खराब होती है? जानिए क्या है विशेषज्ञों की राय

साल का पहला चंद्रग्रहण 5 मई को दिखाई देगा। इस संबंध में कई मिथ प्रचलित हैं। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। जानते हैं चंद्रग्रहण से जुड़े कुछ मिथ और फैक्ट को।
समुद्र में आने वाले ज्वार-भाटे से लेकर हमारी मेंटल हेल्थ तक पर चांद और चांदनी का प्रभाव पड़ता है। चित्र : एडोबी स्टॉक
स्मिता सिंह Published: 4 May 2023, 21:30 pm IST
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अभी कुछ दिन पहले 20 अप्रैल को दुनिया के कई देशों में दुर्लभ हाइब्रिड सूर्य ग्रहण (hybrid solar eclipse) देखा गया। यह साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण था। इसके बाद 5 मई को साल का पहला चंद्र ग्रहण (Penumbral lunar eclipse) लग रहा है। यह दुनिया के एक बहुत बड़े हिस्से में दिखाई देगा। चांद देखना सभी को पसंद होता है। वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि समुद्र में आने वाले ज्वार-भाटे से लेकर हमारी मेंटल हेल्थ तक पर चांद और चांदनी का प्रभाव पड़ता है। पर क्या यही बात चंद्र ग्रहण के लिए भी लागू होती है? क्या चंद्र ग्रहण के समय सोना या सेक्स करना किसी व्यक्ति की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है? आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण 2023 से जुड़े कुछ मिथ्स और फैक्ट्स।

चंद्र ग्रहण 2023 (Lunar Eclipse 5 may 2023)

पृथ्वी चंद्रमा से बहुत बड़ी है। इसलिए इसकी छाया भी बहुत बड़ी होती है। इसी वजह से सूर्य ग्रहण से अधिक चंद्र ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देता है। 5 मई को ग्रहण के समय चंद्रमा क्षितिज से ऊपर होगा।
इसलिए यह दुनिया के अधिकांश हिस्सों जैसे कि अंटार्कटिका, एशिया, रूस, अफ्रीका और ओशिनिया में चंद्रग्रहण दिखाई देगा। साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत के कई हिस्सों से दिखाई देगा। यह 8:44 बजे रात से शुरू होगा, जो 10:52 बजे अपने अधिकतम चरण तक पहुंचेगा। यह 6 मई को 1:01 बजे समाप्त होगा।

चंद्र ग्रहण को लेकर कुछ मिथ्स हैं, जिन्हें मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट नहीं मानने की सलाह देते हैं

मिथ 1 : गर्भवती महिलाओं को सावधान रहने की जरूरत है

ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण गर्भ में मौजूद बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है। यह डिफॉर्मिटी का कारण बन सकता है। प्रेगनेंट महिला को घर के अंदर रहने और बाहर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
फैक्ट : ये सभी केवल धारणाएं हैं। ऐसा कोई शोध अब तक नहीं आया है, जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि चंद्र ग्रहण का होने वाले बच्चे की सेहत पर कोई असर पड़ता है।

मिथ 2 : ग्रहण के दौरान सोने से लोग अंधे हो सकते हैं

ग्रहण के दौरान उत्सर्जित विकिरण आंखों की रोशनी छीन सकता है। सूर्य को नंगी आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है। साथ ही अगर आप इस दौरान सो जाते हैं, तो इससे आपके आंखों की रोशनी जा सकती है।

फैक्ट : चंद्रमा की किरणें आंखों के लिए हानिकारक नहीं होती हैं। आयुर्वेद मून बाथ की सलाह देता है। साथ ही ऐसा भी कोई प्रमाण अब तक नहीं मिला है, जो यह बताता हो कि चंद्र ग्रहण के दौरान सो जाने से कोई व्यक्ति अंधा हो गया हो।

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चंद्रग्रहण के दौरान सोया जा सकता है। चित्र : एडोबी स्टॉक

मिथ 3 : चंद्र ग्रहण के दौरान लगी चोट कभी ठीक नहीं होती

ग्रहण के दौरान आपको कांटे, चाकू आदि के इस्तेमाल से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान अगर आपको चोट लग जाती है तो वह कभी ठीक नहीं होगी।
फैक्ट : दुर्घटना कभी भी किसी के भी साथ हो सकती है। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका सावधान रहना है। फिर चाहें ग्रहण हो या न हो। शरीर का रोग मुक्त होना और चोट मुक्त होना सेल्स और उनकी रिपेयर क्षमता पर निर्भर करता है, चंद्र ग्रहण पर नहीं।

मिथ 4 : ग्रहण के दौरान भोजन करने से वह पेट में सड़ जाता है

ग्रहण के दौरान कुछ ख़ास प्रकार के विकिरण होते हैं, जो हमारे भोजन को खराब कर देते हैं। इससे भोजन के पाॅइजनेस होने और पेट में जलन, बदहजमी होने का भी डर रहता है।
फैक्ट : भोजन का खराब होना पूरी तरह बैक्टीरिया पर निर्भर करता है। तापमान बढ़ने पर ये बैक्टीरिया भोजन को खराब कर देते हैं। आप अगर अधिक खा लेंगे, तो बिना ग्रहण के भी आपके पेट में जलन और गैस हो सकती है। इसलिए सीमित मात्रा में खाएं, समय से खाएं और खाने से सोने के समय में कम से दो घंटे का अंतराल रखें।

मिथ 5 : चंद्रग्रहण के तुरंत बाद स्नान करना चाहिए

मिथ है कि ग्रहण के तुरंत बाद स्नान और बाल धोने से चंद्र ग्रहण के हानिकारक प्रभावों को कम करने में मदद मिलती है।
फैक्ट : ग्रहण का नहाने धोने, खाने से कोई संबंध नहीं होता है। ग्रहण पूरी तरह से खगोलीय घटना है

चंद्रग्रहण के बाद नहाने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। चित्र : शटरस्टॉक

मिथ 6 : ग्रहण के दौरान सोना या सेक्स नहीं करना चाहिए

चंद्र ग्रहण के दौरान सोना नहीं चाहिए। इससे दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। जबकि सेक्स करना आपको नपुंसक बना सकता है
फैक्ट : यह पूरी तरह भ्रामक अवधारणा है और 90 फीसदी से ज्यादा लोग इस पर भरोसा करते हैं। अगर आप भी ऐसा करना चाहते हैं तो आप सारी रात जाग सकते हैं। मनोचिकित्सक डॉ. ईशा सिंह इस मिथ पर भरोसा नहीं करने की सलाह देती हैं। वे बिंदास साेने और अपने पार्टनर के साथ लव मेकिंग की अगर आपकी इच्छा है, तो आगे बढ़ने की सलाह देते हैं।

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स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।...और पढ़ें

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