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थकान, मूड स्विंग्स और बार-बार बीमार पड़ना हो सकते हैं विटामिन डी की कमी के संकेत, जानिए क्यों जरूरी है विटामिन डी

विटामिन डी की कमी से मांसपेशियों व हड्डियों से संबंधित समस्या हो सकती है। ऐसे में हड्डियों की मजबूती और अन्य शारीरिक कार्यों के लिए भी जरूरी होती है। इसका शरीर में पर्याप्त मात्रा में होना अधिक जरूरी है।

विटामिन डी की कमी से मांसपेशियों व हड्डियों से संबंधित समस्या हो सकती है। चित्र शटरस्टॉक
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शरीर केा एक्टिव रखने के लिए सभी पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है। इसी क्रम में विटामिन डी भी आता है। यह विटामिन डी हमें हेल्दी डाइट और धूप से मिलती है। यह हमारे शरीर में कैल्शियम को बनाने में मदद करती है। इसके साथ इससे इम्यूनिटी भी स्ट्रांग होती है, और हेल्थ भी अच्छी रहती है। इस विटामिन का फायदा मसल्स के ग्रोथ के साथ त्वचा को मिलता है। यह बातें रिसर्च से सामने आईं हैं कि विटामिन डी का सेवन हाइपरटेंशन यानी हाई बीपी के जोखम को भी कम कर सकता है। छोटे से बड़ों तक 400 आईयू से लेकर 800 आईयू तक जरूरत होती है।

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सच्चाई बता रहा शोध

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ प्रकाशित एक अध्यन में पाया गया कि संयुक्त राज्य अमेरिका में अधिकांश लोग विटामिन डी की कम मात्रा उपभोग करते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण परीक्षा सर्वेक्षण में पाया गया कि दैनिक खाद्य पदार्थ में 204 आईयू की कमी थी। जिसमें 97 प्रतिशत महिलाएं, 92 प्रतिशत पुरूष और 94 प्रतिशत एक वर्ष के बच्चे भोजन से विटामिन डी के 400 आईयू ग्रहण करते हैं।

बॉडी को हेल्दी बनाने के लिए जरूरी है विटामिन डी का सेवन। चित्र शटरस्टॉक

इससे होने वाली हानि

सीएसजेएमयू विश्वविद्यालय के हेल्थ साइंस डिपार्टमेंट के एचओडी प्रवीन कटियार विटामिन डी कमी पर बात करते हैं। कहते है विटामिन डी की कमी से बॉडी को अधिक थकान महसूस होगी। इसके साथ हड्डियों में दर्द अधिक हो जाएगा। बच्चों में इसकी कमी से मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। जिससे छोटी सी चोट में बड़ी समस्या हो सकती है। बच्चा बार-बार बीमार भी होगा, पीठ में दर्द की समस्या पैदा हो सकती है।

इसकी कमी से होने वाले लक्षण

डॉ कटियार कहते हैं विटामिन डी की कमी से व्यक्ति में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसमें सबसे पहले थकान का एहसास होगा, शरीर में झुर्रियां पड़ने लगेंगी, मांपेशियां में कमजोरी का एहसास होगा। इसके अलावा थकावट अधिक महसूस होगी। जानकारी के लिए बता दें विटामिन डी की कमी से कैंसर के होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
इम्युनिटी भी कमजोर होती है साथ ही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के साथ तनाव और अवसाद होता है। बात बच्चों की करें तो छोटे बच्चों में इसकी कमी से रिकेट्स होता है। इतनी समस्याओं के साथ आपके बाल भी झड़ना शुरू हो जाएंगे। जिसे एलोपेसियाएरीटा की बीमारी भी कहा जाता है।

क्या हो सकते हैं विटामिन डी की कमी के कारण

विटामिन डी की कमी तभी होती है जब आप लगातार धूप से दूर रहें या जहां आप रह रहे हैं, वह कोई ठंडा स्थान है। इसके अलावा ज्यादातर विटामिन डी मांसाहारी खाद्य पदार्थ में मौजूद रहता है, यदि आप मांसाहारी नहीं है तो विटामिन डी की कमी हो सकती है। जिस देश में आप रह रहे हैं वहां धूप कम रहती हो तो यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। अधिकांश देखा गया है कि जो लोग धूप में कम रहते हैं या शाकाहारी होते हैं। उनको विटामिन डी की समस्या होती है।

किसे कितना विटामिन डी चाहिए ( मात्रा अंतराष्ट्रीय इकाइयों मतलब आईयू में )

जन्म से 12 माह तक 400 आईयू
बच्चे 1 से 13 साल तक 600 आईयू
किशोर 14 से 18 साल तक 600 आईयू
वयस्क 18 से 70 वर्ष तक 600 आईयू
71 या इससे अधिक 800 आईयू

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vitamin d deficiency
विटामिन डी की कमी से अवसाद, उच्च रक्तचाप, कैंसर, मधुमेह, अस्थमा, और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी हो सकती है। चित्र : शटरस्टॉक

कमी को दूर करने उपाय

विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए आपके अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करना होगा। इसके अलावा अंडे का सेवन, धूप में बैठना, गाय का दूध, मछली, दही, संतरा, ओट्स, मशरूम, मीट का सेवन करने से इसकी कमी को दूर किया जा सकता है।
सबसे जरूरी जहां आप रह रहे हैं वहां पर धूप अच्छी हो, तो हर रोज 10 से 15 मिनट धूप में समय बिताएं। इसके लिए आप हर रोज साइकलिंग, रनिंग, या फुटबाल सुबह खेलें। जिससे व्यायाम के साथ विटामिन डी भी शरीर को मिलता रहे।

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लेखक के बारे में
सुमित कुमार द्विवेदी सुमित कुमार द्विवेदी

कानपुर के नारायणा कॉलेज से मास कम्युनिकेशन करने के बाद से सुमित कुमार द्विवेदी हेल्थ, वेलनेस और पोषण संबंधी विषयों पर काम कर रहे हैं। ...और पढ़ें

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