Stomach Cancer Awareness Month: खट्टी डकार और ब्लोटिंग हो सकते हैं पेट के कैंसर के संकेत, हरगिज न करें नजरअंदाज

जी मचलना, उल्टी आने और पेट दर्द को हम अकसर पाचन संबंधी समस्या मान लेते हैं। जबकि से लेकर पेट दर्द की यह नियमित समस्याएं पेट के कैंसर के कुछ आम लक्षण हैं। इसलिए इसके प्रति जागरूकता बढ़ाएं और खुद को और अपने परिवार को इस समस्या से दूर रखें।

Stomach cancer ho sakta hai khatarnaak.
कैंसर में असहनीय दर्द हो सकता हैं। चित्र:शटरस्टॉक
अंजलि कुमारी Published on: 4 November 2022, 16:00 pm IST
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पेट का कैंसर भारत में कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। इसके साथ ही भारत मे पेट का कैंसर चौथा सबसे आम कैंसर है। यह महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलता है। साथ ही 60 की उम्र के बाद इसकी संभावना काफी बढ़ जाती है। बढ़ते पेट के कैंसर के मामले को देखते हुए लोगों में इसे लेकर जागरूकता होना बहुत जरूरी है। क्योंकि आमतौर इसके लक्षण को पहचान पाना मुश्किल है और धीरे-धीरे यह गंभीर होता जाता है। इसलिए समय रहते इसका इलाज करवाना बहुत जरूरी है। नवंबर के महीने को स्टमक कैंसर जागरुकता माह (Stomach cancer awareness month) के तौर पर मनाया जाता है। इस दौरान लोगों में इसे लेकर जागरूकता फैलाने के लिए हॉस्पिटल्स और संस्थानों में तरह-तरह के प्रोग्राम और कैंपेन चलाए जाते हैं। तो चलिए इस महीने खुद को पेट के कैंसर से जुड़ी सभी जानकारियों के बारे में अवेयर करें।

यहां जाने पेट के कैंसर में नजर आने वाले कुछ आम लक्षण

अकसर पेट में दर्द महसूस होना
पानी या खाना निगलने में परेशानी होना
कम मात्रा में खाना खाने के बाद पेट भरा हुआ महसूस होना
खाने के बाद फूला हुआ महसूस होना
खट्टा डकार आना
जी मिचलाना
बार बार बेवजह उल्टी आना
भूख न लगने की समस्या
पेट में जलन महसूस होना
अचानक से वजन में गिरावट आना
शारीरिक रूप से बिना कुछ किये बहुत थकान महसूस होना
काले रंग का मल निकलना
मल से खून आना
अक्सर हार्टबर्न और गैस की समस्या रहना

yahan jane pet ke cancer ka karan
जाने क्यों होता हैं पेट का कैंसर चित्र: शटरस्टॉक

क्या हो सकते हैं पेट के कैंसर के कारण

धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन।
हेलिकोबैक्टर पाइलोरी इंफेक्शन।
फल और सब्जियों की जगह जरूरत से ज्यादा मसालेदार और नमकीन खाद्य पदार्थ का सेवन।
कोल, मेटल, रबर और धूल गंदगी के संपर्क में रहना।
यदि लंबे समय तक अल्सर की समस्या बनी रहे।
अधिक मात्रा में शराब का सेवन।
जरूरत से ज्यादा वजन होना।
रेड ब्लड सेल्स की कमी।
पेट में सूजन की समस्या रहने पर।
परिवारिक इतिहास के अधार पर।

क्या पेट के कैंसर से बचा जा सकता है?

हर बार यह जरूरी नहीं है कि पेट का दर्द पेट के कैंसर का ही कारण हो। इसके बावजूद उन कारणों को जानने के बाद यह जानना भी जरूरी है कि आप किस तरह से इस गंभीर समस्या से खुद को और अपने परिवार को बचा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके लिए कुछ बचाव के उपाय।

1. खानपान का रखें खास ध्यान

नारायणा हेल्थ के मेडिकल ऑन्कोलॉजी, डॉक्टर सिद्धार्थ तुर्कार के अनुसार पैकेज्ड फूड और खाने में ऊपर से नमक लेने वाले व्यक्ति में पेट के कैंसर की संभावना सबसे ज्यादा होती है। पेट के कैंसर का सबसे बड़ा कारण आपका गलत खानपान हो सकता है। ऐसे में एक सही डाइट को फॉलो करना बहुत जरूरी है।

इसलिए अपनी डाइट में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए, फाइबर, विटामिन सी और अन्य पोषक तत्वों से युक्त हेल्दी फूड्स को शामिल करें। यह आपके कैंसर की संभावना को कम कर देता है। इसके साथ ही फ्रिज में रखे बासी खाने के सेवन से परहेज रखना भी जरूरी है।

2. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें

डॉक्टर सिद्धार्थ तुर्कार के अनुसार धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन पेट के कैंसर का कारण हो सकता है। इसलिए यदि आप इस समस्या के शिकार नहीं होना चाहती हैं, तो आज ही धूम्रपान छोड़ दें और शराब के सेवन को जितना हो सके सीमित रखें।

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धूम्रपान करने से हो सकता है पेट का कैंसर। चित्र : शटरस्टॉक

यदि इसे छोड़ सकती हैं, तो इससे पूरी तरह परहेज रखना और भी फायदेमंद रहेगा। हालांकि, शराब और धूम्रपान न केवल पेट के कैंसर बल्कि ब्रेस्ट, गले, ब्लैडर, लंग्स, किडनी, पेनक्रियाज इत्यादी जैसे कैंसर रोग को जन्म दे सकता है।

3. एक उचित वेट मेंटेन करना जरूरी है

डॉक्टर सिद्धार्थ के अनुसार ज्यादातर अधिक वजन के लोगों में पेट के कैंसर की समस्या देखने को मिलती है। इसलिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहें ताकि आप एक हेल्दी वेट मेंटेन कर सकें। इसी के साथ ऐसे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखें जो वजन बढ़ने का कारण बनते हैं। क्योंकि ऐसे फूड्स न केवल वजन बढ़ाते हैं, बल्कि आपके पेट की सेहत को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में एक गलत खानपान पेट के कैंसर के दो कारणों को जन्म देता है इसलिए इसे संतुलित रखना बहुत जरूरी है।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं।

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