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Pain in eyes : डेंगू के लक्षण के तौर पर महसूस हो सकता है आखों में दर्द, जानें इसके कुछ अन्य कारण

आंख शरीर के संवेदनशील अंगों में से एक है। इनमें दर्द या किसी भी तरह की परेशानी होने पर आप उसे सेल्फ ट्रीटमेंट नहीं दे सकते, इसके लिए मेडिकल एक्सपर्ट की आवश्यकता पड़ती है।
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तीव्र बीमारी के दौरान सबकोन्जंक्टिवल हेमोरेजिक एक बहुत ही सामान्य समस्या है। चित्र : अडोबी स्टॉक
अंजलि कुमारी Published: 16 May 2024, 15:34 pm IST
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बड़ा हुआ डिजिटल टाइम, गलत खानपान, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, असमय सोने और जागने की आदतों की वजह से लोगों में आंखों से संबंधित समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। आज के समय में छोटी उम्र से ही बच्चों की आंखों पर मोटे चश्मे लग रहे हैं। ड्राई आईज, आंखों में तनाव और आंखों में दर्द आम समस्याएं हो गई हैं। पर सिर्फ यही वजह नहीं है, डेंगू के कई मरीजों ने भी अपनी आंखों के पिछले हिस्से में दर्द (pain behind eyes) की शिकायत की है। इसे डेंगू का एक और लक्षण माना जाता रहा है। आइए जानते हैं आंखों में दर्द (Pain in eyes) के बारे में विस्तार से।

नेशनल डेंगू डे 2024 (national Dengue Day 2024)

डेंगू मच्छरों से होने वाली एक खतरनाक बीमारी है। जिसके लक्षणों में बुखार, सिर दर्द और बदन दर्द शामिल है। इन दिनों डेंगू के मरीज आंखों के पिछले हिस्से में दर्द की भी शिकायत कर रहे हैं। जिसे डेंगू का ही एक और लक्षण कहा जाना चाहिए।

डेंगू वायरस आंखों में चिकित्सकीय रूप से नेत्र संबंधी सूजन या हेमोरेजिक कॉम्प्लिकेशन के रूप में प्रकट हो सकता है। इस रोग में पूर्वकाल से लेकर पैनुवेइटिस तक यूवाइटिस हो सकता है। तीव्र बीमारी के दौरान सबकोन्जंक्टिवल हेमोरेजिक एक बहुत ही सामान्य समस्या है।

डेंगू के कारण आंखों में कई प्रकार की समस्याएं हो सकती है। चित्र- अडॉबीस्टॉक

आई इंस्टीट्यूट डेंगू रिलेटेड अप्थलमिक कॉम्प्लिकेशंस वर्कग्रुप के अनुसार ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (ओसीटी) निष्कर्षों का वर्णन किया और नेत्र रोग के 3 पैटर्न की सूचना दी: टाइप 1: रेटीना का फैलाना और मोटा होना, टाइप 2: सिस्टॉयड मैक्यूलर एडिमा, टाइप 3 : फोवेओलाइटिस।

और भी हो सकते हैं आंखों में दर्द के कारण

कई कारण हैं, जिनकी वजह से आंखों में दर्द महसूस होता है। अभी बहुत से ऐसे लोग हैं, जो आंखों के दर्द से जुड़ी जानकारी न होने के कारण इसे नजरंदाज कर देते हैं। हालांकि, ऐसा करना किसी भी परेशानी को बढ़ा सकता है।

सभी को आंखों में दर्द होने का कारण पता होना चाहिए। ताकि वे समय रहते जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट ले सकें। आंख शरीर के संवेदनशील अंगों में से एक है। इनमें दर्द या किसी भी तरह की परेशानी होने पर आप उसे सेल्फ ट्रीटमेंट नहीं दे सकते, इसके लिए मेडिकल एक्सपर्ट की आवश्यकता पड़ती है। तो आज हम बात करेंगे ऐसी ही कुछ समस्याओं के बारे में जो आखों में दर्द का कारण बनती हैं।

यहां हैं आंखों में दर्द के सामान्य कारण (Causes of eye pain)

1. एलर्जी

यदि आपको प्रदूषण, स्मोक, धूल या जानवरों से एलर्जी है, तो आपकी आंखों में जलन, खुजली यहां तक कि दर्द भी हो सकता है। ऐसे में सबसे पहले एलर्जी को अवॉइड करने का प्रयास करें। जिस भी चीज से आंखों में एलर्जी हो जाती है, उससे जितना हो सके बचें।

एक हिस्से के दर्द से परेशान रहती हैं, तो इसपर ध्यान दें. चित्र : एडॉबीस्टॉक

2. टॉक्सिक पदार्थ

सिगरेट का धुआं, एयर पॉल्यूशन, स्विमिंग पूल में क्लोरीन या अन्य प्रकार के खतरनाक केमिकल्स के संपर्क में आने से आपकी आंखों में जलन हो सकता है। वहीं इनकी वजह से आंख के पिछले हिस्से में भी दर्द का एहसास होता है। ऐसे किसी भी टॉक्सिंस को जितना हो सके अवॉइड करें।

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3. इंफ्लेमेशन

सूजन, एक प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिक्रिया है, जो आपकी आंख में सूजन या रंग परिवर्तन का कारण बन सकती है। आपकी आंख का सफेद हिस्सा लाल हो सकता है, आप रौशनी के प्रति बहुत संवेदनशील हो सकती हैं और इस दौरान आपकी आंखों में दर्द महसूस होता है।

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4. इंफेक्शन

जब आप अपने हाथों को रगड़ती हैं, या अपनी आंखों के पास अपने हाथ रखती हैं, तो वायरस, बैक्टीरिया या फंगस हाथों से आपकी आंखों में ट्रांसफर हो सकते हैं। संक्रमण आपके शरीर के क्षेत्रों (जैसे नाक या साइनस) से लेकर आपकी आंखों में भी फैल सकता है। ये आपकी आंखों में इचिंग, दर्द जैसी परेशानियों का कारण बन सकता है।

प्रदूषण में कई कारणों के चलते आंखों की समस्याएं हो सकती है ।चित्र : अडोबी स्टॉक

5. कॉन्टैक्ट लेंस

जो लेंस गंदे हैं, या जो अच्छी तरह से फिट नहीं होते हैं, वे आपकी आंखों में दर्द का कारण बन सकते हैं। कॉन्टेक्ट लेंस निर्धारित समय से अधिक समय तक (रात भर) पहनने या उन्हें उचित तरीके से न बदलने से भी आंखों की समस्याएं हो सकती हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के कॉन्ट्रैक्ट लेंस पहनने से बचें।

नोट: आंखों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या को सेल्फ ट्रीटमेंट देने से बचें। क्योंकि आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं और उनके प्रति की गई छेड़छाड़ आपको बड़ी परेशानी का शिकार बना सकती हैं। इसलिए आंखों में किसी भी प्रकार का दर्द जलन या अनकंफर्ट महसूस हो रहा हो, तो फौरन अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

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अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

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