ओमिक्रोन के बढ़ते ख़तरे के बीच गिलोय से करें दोस्ती, जानिए इसके फायदे

कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पहली और दूसरी लहर की तरह इस बार भी वक्त आ गया है कि आप आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की तरफ रुख करें।
Giloy ke fayade
आपकी इम्युनिटी बूस्ट करता है गिलोय। चित्र : शटरस्टॉक
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देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। नया वेरिएंट ओमिक्रोन दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। तेजी से बढ़ते मामलों के बीच इम्यूनिटी को मजबूत करने की विशेषज्ञों द्वारा सलाह दी जा रही है। कारण साफ है कि हर वायरस सबसे पहले हमारी इम्यूनिटी को ही नुकसान पहुंचाता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप सुरक्षा निर्देशों के साथ उन चीजों को भी फॉलो करें, जो आपकी इम्युनिटी बढ़ा सकती हैं। और गिलोय इस लाइन में सबसे आगे है। 

तो क्या है इम्युनिटी बढ़ाने का तरीका 

आयुर्वेद में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कई ऐसे प्राकृतिक तरीके मौजूद हैं जो इम्यूनिटी बढ़ाने में आपकी सहायता कर सकते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण की पहली लहर में कई लोगों ने आयुर्वेद पर विश्वास किया और कई आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां समेत काढ़ा का सेवन किया जिससे काफी लाभ पहुंचे। इसी में से एक है गिलोय।

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गिलोय, रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करने और मधुमेह को नियंत्रित करने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं। चित्र : शटरस्टॉक

कोरोना वायरस की पहली और दूसरी लहर के दौरान लोगों ने गिलोय के लाभ उठाए। और ओमिक्रोन से बचाव में बेहतर इम्यूनिटी बहुत जरूरी है। आज हेल्थशॉट्स के इस लेख में आपको गिलोय के लाभ और इस्तेमाल का उचित तरीका बताने वाले हैं, इसलिए अंत तक बने रहें।

अगर नहीं जानती हैं, क्या है गिलोय तो जान लीजिए 

गिलोय एक कभी भी न सूखने वाली बेल है। जिसको आयुर्वेद में रसायन का दर्जा दिया गया है। यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। गिलोय का तना देखने में किसी रस्सी के जैसा लगता है। और इसका पत्ता पान के पत्ते की तरह लगता है। 

इस बेल पर फल भी होते हैं, जो मटर के दाने के बराबर दिखते है। खास बात यह है कि गिलोय की बेल जिस पेड़ पर चढ़ जाती है, उस पेड़ के गुण अपने अंदर सोख लेती है। नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय की बेल स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक मानी गई है। इम्यूनिटी दुरुस्त करने के अलावा गिलोय अन्य रोगों में भी फायदेमंद हैं, जैसे –

  1.  आखों के रोग
  2.  कान के रोग
  3. टीबी रोग
  4. हिचकी के लिए
  5. कब्ज के लिए
  6. शुगर के लिए
  7. गठिया

क्‍यों खास है गिलोय   

गिलोय एक बहुत ही खास औषधि है क्योंकि इसमें  एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, गिलोय में गिलोइन नाम का ग्लूकोसाइड, पामेरिन, टीनोस्पोरिन, टीनोस्पोरिक एसिड मौजूद होता है। इसके अलावा इसमें आयरन, फॉस्फोरस, कॉपर, कैल्शियम, जिंक, मैगनीज जैसे पोषक तत्व भी मिलते है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट में पाया गया है कि गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट के रूप में कार्य करता है और मधुमेह के इलाज में मदद करता है। गिलोय का रस ब्लड शुगर लेवल को कम करने का काम करता है।

किस प्रकार करना चाहिए गिलोय का सेवन

वैसे बाजारों में गिलोय के कैप्सूल भी मिलते हैं, लेकिन आमतौर पर गिलोय का सेवन इन तीन प्रकारों से किया जाता है।

ghr par banaye herbal kadha aur apni immunity boost kare
घर पर बनाएं हर्बल काढ़ा और अपनी इम्युनिटी बूस्ट करें। चित्र : शटरस्टॉक
  1. गिलोय चूर्ण बना कर।
  2. जूस बना कर।
  3. गिलोय का सत्व बना कर।

ध्यान रहे कि गिलोय का ज्यादा सेवन न किया जाए। क्योंकि किसी भी चीज का अधिक सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता। फिर चाहे वह गिलोय क्यों न हो। किसी भी प्रकार की समस्या से बचने के लिए स्व दवा लेना अच्छा विकल्प नहीं है। ऐसे में पहले अपने डॉक्टर से सलाह मशविरा करें।

तो डियर लेडीज अब वक्त आ गया है कि आप अपने और अपने परिवार की दैनिक खुराक में गिलोय का इस्तेमाल करना शुरू करें।

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