फ्लू जैसी लगने वाली ये 5 समस्याएं हो सकती हैं फ्लू से ज्यादा खतरनाक

सिर दर्द, थकान और कफ ऐसी समस्याएं हैं जिन्हें अकसर फ्लू से जोड़ लिया जाता है। पर यह जरूरी नहीं है कि हर बार ये फ्लू ही हो।

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फ्लू जैसी लगने वाली समस्याएं हो सकती हैं फ्लू से ज्यादा खतरनाक। चित्र: शटरस्‍टॉक
अंजलि कुमारी Published on: 10 July 2022, 22:00 pm IST
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बुखार, सिर दर्द, कफ, थकान, बॉडी पेन शुरू होते ही बिना डॉक्टर से सलाह लिए हम इसे फ्लू समझ लेते हैं और फ्लू की दवाइयां लेनी शुरू कर देते हैं। हालांकि, आपको पता होना चाहिए कि यह सभी सिम्टम्स जरूरी नहीं कि फ्लू के ही हों। कई ऐसी समस्याएं और हैं जो इन्हीं सिम्टम्स के साथ उत्पन्न होती हैं। इसलिए हर समस्या को फ्लू समझकर सिम्टम्स (Flu like symptoms but not flu) को नजरअंदाज करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। सिम्टम्स नजर आते ही समय रहते इलाज न करवाया जाए तो बाद में यह गंभीर समस्या का रूप ले लेती है।

निमोनिया, एचआईवी और कोविड-19 से लेकर कई अन्य ऐसी समस्याएं हैं, जिन बीमारियों की सिम्टम्स बिल्कुल फ्लू से मिलते जुलते होते हैं। इसलिए सेहत को ध्यान में रखते हुए आगे से ऐसे लक्षण नजर आए तो उसे नजरअंदाज किए बिना डॉक्टर से सलाह ले उसके बाद ही मेडिसिंस लेने की जरूरत है। तो चलिए जानते हैं ऐसी ही कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जिनके लक्षण तो फ्लू जैसे हैं परंतु यह सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

यहां हैं ऐसी 5 समस्याएं जिनके सिम्पटम्स बिल्कुल फ्लू जैसे है

1. कॉमन कोल्ड (Common Cold)

कोल्ड और इनफ्लुएंजा दोनों ही एक प्रकार की वायरल बीमारी हैं। यह दोनों एक ही समय में उत्पन्न होते हैं। साथ ही इनके लक्षण भी काफी मिलते-जुलते हैं, जैसे कि गले की खराश और नाक बहना। कोल्ड और फ्लू में कोई खास अंतर नहीं होता, केवल इसके की फ्लू में चेस्ट और बॉडी पेन होती है।

वहीं कोल्ड इन सिम्टम्स के साथ नहीं आता। कोल्ड और फ्लू के सिम्टम्स आने के समय में भी अंतर होता है। कोल्ड के सिम्टम्स 1 दिन के अंदर ही दिखाई देने लगते हैं। परंतु फ्लू में दिखाई देने वाले लक्षण जैसे कि हाई फीवर, कफ, मसल्स पेन और थकान 24 से 48 घंटे के बीच प्रभावित करते हैं।

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सर्दी-जुकाम हो सकती है तो रखें अपना खास ख्याल। चित्र: शटरस्टॉक

2. मेनिनजाइटिस (Meningitis)

मेनिनजाइटिस मेनिन्जेस होने वाली एक गंभीर इंफेक्शन और इनफॉरमेशन का नाम है। यह मेंब्रेनस ब्रेन और रीढ़ की हड्डियों को प्रोटेक्ट करते हैं। मेनिनजाइटिस में हाई फीवर और सिरदर्द जैसी समस्या देखने को मिलती है, जो कि एक तरह से फ्लू के लक्षण है।

इसके साथ ही यदि आपको गर्दन में अकड़न, सिरदर्द, जी मचलना, उल्टी आना, आंखों में लाइट सेंसटिविटी होना, भ्रमित महसूस करना, चलने में समस्या आना और त्वचा पर रैशेज होने जैसे लक्षण नजर आए तो फौरन डॉक्टर से मिलकर सलाह लेने की आवश्यकता है। यह फ्लू जैसे नजर आने वाले सिम्टम्स मेनिनजाइटिस जैसे गंभीर समस्या के हो सकते हैं।

3. ब्रोंकाइटिस (Bronchitis)

ब्रोंकाइटिस और फ्लू के लक्षण एक जैसे होने के साथ इन समस्याओं को जन्म देने वाले कई वायरस भी एक ही होते हैं। ब्रोंकाइटिस में थकान, गले मे खराश और कफ जैसे लक्षण नजर आते हैं। परंतु फ्लू और ब्रोंकाइटिस में अंतर यह है कि ब्रोंकाइटिस में हाई फीवर जैसे सिम्टम्स नजर नहीं आते। ब्रोंकाइटिस में कफ की समस्या कम से कम 3 सप्ताह या इससे ज्यादा दिनों तक बनी रहती है।

परंतु फ्लू में कफ होने की अवधि थोड़ी कम होती है। ब्रोंकाइटिस की समस्या के लिए किसी प्रकार का टेस्ट नही होता तो सिम्टम्स के आधार पर इसके इलाज में डॉक्टर्स आराम करने, खूब सारा पानी पीने और दवाइयां लेने की सलाह देते हैं।

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कही आपको तो नहीं निमोनिया का जोखिम? चित्र : शटरस्टॉक

4. निमोनिया (Pneumonia)

निमोनिया बैक्टीरियल, वायरल और फंगल इन्फेक्शन के कारण होता है। परंतु शुरुआत में इसके लक्षण बिल्कुल फ्लू वायरस जैसे ही दिखाई देते हैं। निमोनिया में आने वाले कफ हल्के हरे और पीले रंग के होते हैं। इसके साथ ही सांस लेने में तकलीफ, बुखार, चेस्ट पेन जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।

वहीं दूसरी ओर फ्लू में आपको कुछ खाने का मन नहीं होता और आप घबराहट महसूस कर सकती हैं। साथ ही आप भ्रमित रहेंगी। वहीं यदि आपके कफ की रंगत बदल रही है, चेस्ट पेन महसूस हो रहा है या फीवर लंबे समय तक बना हुआ है, तो आपको निमोनिया हो सकता है। ऐसे में फौरन डॉक्टर से मिलकर सलाह लेना उचित रहेगा।

5. एचआईवी (HIV)

एचआईवी एड्स होने पर लगभग 2 से 4 सप्ताह तक सारे सिम्टम्स फ्लू के ही नजर आते हैं। वहीं एचआईवी के शुरुआती दौर में नजर आने वाले सिम्टम्स में शामिल है, बुखार, ठंड लगना, मसल पेन, गले की खराश, सिर दर्द, थकान और डायरिया। फ्लू की समस्या में भी यह सभी लक्षण नजर आते हैं।

यदि बुखार के बाद चेहरे, गर्दन और छाती पर रसेज नजर आए या पेनिस में घाव और एसोफैगस हो जाये तो यह निश्चित रूप से एचआईवी की समस्या हो सकती है। जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलकर उचित इलाज करवाएं।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं।

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