कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए लहसुन खा रहीं हैं? तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

Published on: 11 July 2022, 18:43 pm IST

शरीर में कोलेस्ट्राॅल नियंत्रण में होना आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी है और लहसुन इसमें आपकी मदद कर सकता है। 

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कोलेस्ट्रॉल पर लहसुन से लगाएं लगाम, चित्र: शटरस्टॉक

अपनी विशिष्ट गंध और स्वाद के लिए जाना जाने वाला लहसुन हमारी अधिकांश भारतीय रसोई में मिलने वाली एक आम सामग्री है। लहसुन प्रकृति में रोगाणुरोधी, एंटी इंफ्लेमेटरी है और एक एंटी-ऑक्सीडेंट भी है। यह रक्त के थक्के को कम करता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। पर अगर कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए लहसुन का इस्तेमाल कर रहीं हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है।  

क्या कहते हैं अध्ययन 

एनसीबीआई द्वारा किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि लहसुन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए बहुत अच्छा हो सकता है। लहसुन का अर्क (एजीई) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को 7 प्रतिशत तक कम कर सकता है। एक अध्ययन में कहा गया है कि जब हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया वाले पुरुषों ने यह अर्क लिया, तो उनका एलडीएल कोलेस्ट्रॉल 10 प्रतिशत कम हो गया।

एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि छह सप्ताह के लिए हर दिन लहसुन की दो गोलियां (400 मिलीग्राम लहसुन / 1 मिलीग्राम एलिसिन) लेने से कुल कोलेस्ट्रॉल को 12 प्रतिशत और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को 17 प्रतिशत तक कम करने में मदद मिल सकती है। यह ट्राइग्लिसराइड के स्तर को 6 प्रतिशत तक कम कर सकता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि कच्चे लहसुन के अर्क के सेवन से कुल, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर कम हो गया।

क्या है लहसुन और एचडीएल का कनेक्शन 

 जबकि लहसुन एलडीएल, कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने के लिए जाना जाता है। एक और अच्छी खबर यह है कि यह एचडीएल (अच्छा उच्च घनत्व- good high density) के स्तर को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। 

कुछ अध्ययनों में 6 सप्ताह तक लहसुन की खुराक लेने के बाद एचडीएल स्तर में 15 प्रतिशत की वृद्धि का दावा किया गया है। शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों ने यह भी दावा किया है कि लहसुन के अर्क के 4 महीने के सेवन के बाद समग्र रूप से बेहतर रक्त लिपिड प्रोफाइल देखा गया है।

लहसुन दवाइयों का विकल्प नहीं है

कोलेस्ट्रॉल पर लहसुन का प्रभाव लंबे समय तक नहीं रहता है। दूसरे शब्दों में, आपको निरंतर लाभ के लिए लहसुन का सेवन हर रोज़ करते रहना होगा। लहसुन का सेवन बंद करने के छह महीने बाद भी कोलेस्ट्रॉल के निम्न स्तर को बनाए नहीं रखा जा सकता है।

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लहसुन कोलेस्ट्रॉल कम करने में दवा की जगह नहीं ले सकता है, चित्र: शटरस्टॉक

इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं 

कुछ लोगों पर लहसुन खाने का हल्का दुष्प्रभाव भी दिखाई दे सकता है- जैसे एग्रेशन, सांसों की दुर्गंध, पेट फूलना (bloating) और गैस्ट्रिक समस्याएं। लेकिन ज्यादातर लोगों में इसकी दो कलियां खाने से आमतौर पर कोई समस्या नहीं होती।

लहसुन आपके खून में थक्का बनने से रोकने में मदद करता है। इसलिए यदि आप पहले से ही इसके लिए दवा ले रही हैं, तो इससे घाव या कट के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है। ऐसे में रोजाना लहसुन खाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

और अंत में 

हालांकि लहसुन आपके समग्र लिपिड प्रोफाइल में सुधार कर सकता है, लेकिन डॉक्टरों द्वारा इसकी सलाह नहीं दी जाती है। यह आपके कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में तो मदद कर सकता है लेकिन इसका यह मतलब बिलकुल नहीं कि आप अपनी रेगुलर दवा छोड़ सकती हैं। आप हर दिन लहसुन खाने की कोशिश करें, लेकिन अपनी दवाएं न छोड़ें या स्वस्थ आहार लेना न भूलें।

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शालिनी पाण्डेय शालिनी पाण्डेय

स्वास्थ्य राशिफल

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