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30 की उम्र में हिना खान को हुआ ब्रैस्ट कैंसर, जानिए क्या है कैंसर की तीसरी स्टेज और इसका उपचार

हिना खान ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर खुद के ब्रेस्ट कैंसर स्टेज 3 से डायग्नोज होने के बारे में बताया है। स्तन कैंसर तब होता है जब स्तन में कोशिकाएं असामान्य रूप से विभाजित होने लगती हैं और अनियंत्रित होकर गांठ बनाने लगती हैं
Published On: 28 Jun 2024, 06:56 pm IST
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हिना खान ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर खुद के ब्रेस्ट कैंसर स्टेज 3 से डायग्नोज होने के बारे में बताया है।

ये रिश्ता क्या कहलाता है सीरियल से छोटे पर्दे पर अपनी पहचान बनाने वाली हिना खान ने कम उम्र में ही लोगों के दिलों में अपनी जगह बना ली है। इस धारावाहिक में अक्षरा के रोल ने उन्हें घर-घर तक पहुंचा दिया है। मगर हाल ही में हिना खान से जुड़ी एक बड़ी खबर ने उनके फैंस को परेशान कर दिया है। दरअसल, हिना खान ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर खुद के ब्रेस्ट कैंसर स्टेज 3 से डायग्नोज होने के बारे में बताया है।

कई वेब सीरीज और बिगबॉस में शामिल हो चुकीं हिना की उम्र अभी सिर्फ 30 वर्ष है। हिना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर बताया है कि वे इस नाजु़क घड़ी में मज़बूती से हालात का सामना कर रही हैं। और वे इस रोग से लड़कर जल्द ही रिकवर हो जाएंगी। उनका ये जज्बा महिलाओं के लिए एक मिसाल है।

स्तन कैंसर(Breast cancer) कैसे पनपता है 

इस बारे में डॉ दीपक झा, प्रमुख, स्तन सर्जरी और वरिष्ठ सलाहकार, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी आर्टेमिस हॉस्पिटल्स गुड़गांव ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्तन कैंसर तब होता है जब स्तन में कोशिकाएं असामान्य रूप से विभाजित होने लगती हैं और अनियंत्रित होकर गांठ बनाने लगती हैं। पर हर गांठ कैंसरकारक हो यह जरूरी नहीं।

40 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए नियमित रूप से मैमोग्राम यानि स्तन का एक्स.रे कराने की सलाह दे सकते हैं। डॉक्टर आपकी उम्र और जोखिम कारकों के आधार पर जांच की सलाह देंगे। स्तन कैंसर का पता जितनी जल्दी लगता है, इलाज उतना ही कारगर होता है इसलिए नियमित जांच कराना और किसी भी तरह के बदलाव को नजरअंदाज ना करना बहुत जरूरी है।

अर्ली डिटेक्शन की मदद से स्तन कैंसर जैसे जानलेवा रोग को रोका जा सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

क्या कहते हैं ब्रेस्ट कैंसर के आंकड़े (What do breast cancer statistics say)

एसीएस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) भारत में पाया जाने वाला सबसे आम कैंसर है। ब्रैस्ट कैंसर के कई कारण होते हैं। इससे 28.2 फीसदी महिलाएं ग्रस्त हैं। साल 2022 में इनकी संख्या 216,108 थी। वहीं इससे पहले 1990 से लेकर 2016 तक 39.1 फीसदी ब्रेस्ट कैंसर के मामले पाए गए। ब्रेस्ट कैंसर इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर 4 मिनट में एक महिला में ब्रेस्ट कैंसर से डायग्नोज़ हो रही है और हर 8 मिनट में एक महिला की ब्रेस्ट कैंसर से मौत हो जाती है।

हार्वर्ड पब्लिक हेल्थ की एक रिसर्च के अनुसार 40 वर्ष या उससे कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के अधिक मामले देखने को मिल रहे हैं।

कितना खतरनाक है स्टेज थ्री ब्रैस्ट कैंसर? (How dangerous is stage 3 breast cancer)

कैंसर रिसर्च यूके के मुताबिक स्टेज 3 कैंसर उस स्थिति को कहते हैं, जब ये कोशिकाएं ब्रैस्ट से लिम्फ नोड्स तक फैल जाती हैं। स्टेज थ्री में कैंसर चेस्ट वॉल तक पहुंच जाता है। चेस्ट वॉल तक पहुंचने से अभिप्राय है कि ट्यूमर फेफड़ों के आसपास और उनकी रक्षा करने वाली मसल्स, पसलियां, रिब्स, स्किन और कनेक्टिव टिशूज तक पहुंचने वाला है। इस स्टेज पर त्वचा में स्वैलिंग भी हो सकती है।

क्या है ब्रेस्ट कैंसर की तीसरी स्टेज का सर्वाइवल रेट? (What is the survival rate of stage 3 breast cancer)

कैंसर की हर स्टेज इस बात का संकेत होती हैं कि वह शरीर में कितनी दूर तक फैल चुका है। इसमें ट्यूमर का आकार 5 सेमी हो जाता है। नेशनल स्टेटीटिक्स यूके की रिसर्च के अनुसार 100 में से 70 फीसदी लोग थर्ड स्टेज कैंसर (Third stage cancer) डायग्नोज होने के बाद 5 साल तक जीवित रह पाते हैं।

ब्रेस्ट कैंसर की तीसरी स्टेज में –

स्तन पर लालिमा, डिंपलिंग और सूजन का बढ़ना
ब्रेस्ट और आर्मपिट पर 4 से 9 गांठ महसूस होना
गर्दन पर एक मोटी गांठ का बन जाना
ट्यूमर के आकार में बढ़ोतरी हो जाना

महिलाओं का इस्ट्रोजेन एक्सपोज़र बढ़ रहा है। इस हार्मोन को कैंसर रिस्क फैक्टर माना जाता है। चित्र : शटरस्टॉक

क्या हो सकती है ब्रेस्ट कैंसर स्टेज 3 की उपचार प्रक्रिया (What can be the treatment process of breast cancer stage 3)

1. कीमोथेरेपी

सबसे पहले कैंसर को श्रिंक करने के लिए प्राथमिक उपचार के रूप में कीमोथेरेपी की मदद ली जाती है। ये उपचार कैंसर को कम करने में मदद करता है। इसकी मदद से कैंसर के एरिया को हटाया जा सकता है। इसे ब्रेस्ट कंजर्विंग सर्जरी कहा जाता है।

2. सर्जरी

इसके लिए ब्रेस्ट कंजर्विंग सर्जरी या मास्टेक्टॉमी की मदद ली जा सकती है। मास्टेक्टॉमी के बाद स्तन रीकंस्टक्शन किया जा सकता हैं। सर्जरी के बाद रोगी को रेडियोथेरेपी, कीमोथेरपी, कैंसर की दवाएं, हार्मोन थेरेपी और हड्डियों को मजबूती के लिए दवाएं दी जाती हैं।

स्तनों की कोशिकाओं में बनने वाले कैंसर को ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है। चित्र : शटरस्टॉक

3. रेडिएशन थेरेपी

इसकी मदद से कैंसर सेल्स को ब्रेस्ट के आसपास बढ़ने से रोका जा सकता है और उनका खातमा किया जा सकता है।

4. हार्मोन थेरेपी

हार्मोन थेरेपी का प्रयोग हार्मोन रिसेप्टर पॉजिटिव कैंसर में किया जाता है। इस थेरेपी की मदद से शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के बढ़ते और घटते स्तर को संतुलित रखने में मदद मिलती है।

हर महिला को करना चाहिए सेल्फ एग्जामिनेशन

इसकी जांच के लिए महीने में एक बार स्नान करने से पहले आईने के सामने खड़े होकर अपने स्तनों को ध्यान से देखें। किसी भी तरह की गांठ, डिंपल, त्वचा में लालिमा या निपल से असामान्य डिस्चार्ज दिखे तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। लेटते समय भी अपने स्तनों को महसूस कर किसी भी तरह के बदलाव को देखें।

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लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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