कोविड-19 के गंभीर लक्षणों से उबरने वालें लोगों में बेहतर हो सकता है एंटीबॉडीज का स्तर

कोविड-19 के कारण लोगों को गंभीर शारीरिक और मानसिक क्षति का सामना करना पड़ा है। पर अब उनके लिए एक अच्छी खबर है, जो इसके गंभीर लक्षणों से उबर कर आए हैं।
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कोविड-19 के गंभीर लक्षणों से जूझने वाले लोगों में एंटीबॉडीज का भी हाई लेवल देखा गया। चित्र: शटरस्टॉक
मोनिका अग्रवाल Published: 24 Aug 2021, 08:27 pm IST
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अगर आप कोविड-19 के गंभीर लक्षणों से उबरे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। हाल ही में एक शोध में सामने आया है कि जिन लोगों में कोरोनावायरस के गंभीर लक्षण थे, उनमें एंटीबॉडीज का स्तर भी अन्यों की तुलना में बेहतर होगा और यह देर तक आपको कई संक्रमणों से बचाने में मदद करेंगी। क्यों, है न अच्छी खबर! तो आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या कहता है शोध 

रटगर्स यूनिवर्सिटी के एक नए अध्ययन में पाया गया है कि गंभीर या लंबे समय तक चलने वाले कोविड -19 लक्षणों वाले लोगों में भविष्य में संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक उच्च एंटीबॉडी स्तर विकसित होने की संभावना है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि शोध शुरू होने के 6 महीनों के अंदर 93 मरीज एंटी बॉडीज या कोविड के लिए पॉजिटिव पाए गए। इनमें से 24 मरीजों को गंभीर लक्षण दिखे, एक तिहाई भाग को माइल्ड लक्षण दिखे और 14 लोगों को लक्षण ही नहीं दिखे। 

जिन लोगों को लक्षण दिखे उनमें थकान, सांस न आ पाना और स्वाद और स्मैल का लॉस होना शामिल था। यह लक्षण कम से कम एक महीने तक तो देखने को मिले, लेकिन 10% केस में लक्षण 4 महीनों तक नजर आए।

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कोविड-19 के बाद कुछ लोगों में गंभीर लक्षण देखे गए। चित्र: शटरस्टॉक

अधिकतर मरीज जिन्हें कोविड हुआ था, उनमें एंटी बॉडीज का स्तर इस प्रकार रहा – 

  1. सबसे गंभीर लक्षणों वाले लोगों में एंटी बॉडीज के लेवल 98% था
  2. जिन्हें हल्के लक्षण थे, उनमें एंटी बॉडीज 89% लेवल था
  3. जिन लोगों में लक्षण ही नहीं दिखे, उनमें 79% एंटी बॉडीज लेवल था

कुछ मरीजों में न्यूरोलॉजिकल बदलाव जैसे याददाश्त या देखने में कमजोरी आना, आदि भी देखने को मिले। इन लक्षणों को ठीक होने में सबसे अधिक समय लगा। 

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समय के साथ-साथ जिनमें एंटी बॉडीज की मात्रा बढ़ रही थी, उनमें हमेशा रहने वाले लक्षण देखने को मिले। हालांकि वैक्सीन लगवाने से इम्यूनिटी मजबूत हो रही थी और लंबे समय तक रहने वाले लक्षणों को ठीक होने में भी मदद मिल रही थी।

इस बारे में क्या कहते हैं विशेषज्ञ 

आरडेंट गणपति हॉस्पिटल में मेडिकल डायरेक्टर और कोविड-19 ऑफिसर डॉ. अंकित ओम का कहना है कि समय के साथ एंटी बॉडीज का कम होना आम और सामान्य बात है। एंटी बॉडीज जब तक शरीर में रहती हैं, वह आपको संक्रमण से बचाए रखती हैं। 

इस शोध में मरीजों को कोविड होने के पहले से ही जांचा जा रहा था और इसी आधार पर यह एंटी बॉडीज वाली स्टडी का नतीजा तैयार किया गया है।

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अगर आप कोविड से ठीक भी हो चुके हैं, तो भी आपको टीका लगवाना अनिवार्य है। क्योंकि एंटी बॉडीज हमेशा के लिए नहीं रहती है। अगर आप वैक्सीन लगवा लेते हैं, तो आपको लक्षणों से छुटकारा पाने में भी मदद मिल सकती है।

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लेखक के बारे में

स्वतंत्र लेखिका-पत्रकार मोनिका अग्रवाल ब्यूटी, फिटनेस और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर लगातार काम कर रहीं हैं। अपने खाली समय में बैडमिंटन खेलना और साहित्य पढ़ना पसंद करती हैं। ...और पढ़ें

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