जानिए क्या है बच्चों के लिए तैयार की गई कोविड वैक्सीन जायकोव डी, जिसे यूपी में दे दी गई है मंजूरी

ओमिक्रॉन वेरिएंट और कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों के लिए कोविड वैक्सीन को मंजूरी दे दी है।

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बच्चों के लिए वैक्सीन भारतीय कंपनी जायडस कैडिला ने तैयार की है। चित्र : शटरस्टॉक
अक्षांश कुलश्रेष्ठ Updated on: 24 December 2021, 10:26 am IST
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देश में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच तीसरी लहर का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब जल्द से जल्द बच्चों के टीकाकरण की तैयारियां शुरू की जा रही हैं। वहीं यूपी में भी बच्चों की वैक्सीन जायकोव डी को इमरजेंसी यूज़ के लिए अनुमति दे दी गई है। लेकिन जब बात बच्चों की हो तो सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि आखिर यह वैक्सीन कितनी सुरक्षित है? 

क्या है जायकोव डी? 

बच्चों के लिए वैक्सीन भारतीय कंपनी जायडस कैडिला ने तैयार की है। जिसका नाम ZyCoV-D रखा गया है। जुलाई 2021 में डीसीजीआई यानी औषधि महानियंत्रक ने आपातकालीन इस्तेमाल के लिए इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी थी। 

तीसरी लहर में बच्चो पर पड़ सकता है असर। चित्र : शटरस्टॉक

खास बात यह है कि यह वैक्सीन बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है। क्योंकि इसमें प्लाज्मा का इस्तेमाल किया गया है। कोविड-19 की यह पहली पालस्मिड DNA वैक्सीन है। इसके साथ-साथ इसे बिना सुईं की मदद से फार्माजेट तकनीक से लगाया जाएगा, जिससे साइड इफेक्ट के खतरे कम होंगे।

पूरा हो चुका है बच्चों पर इस वैक्सीन का ट्रायल 

जिस वक्त देश में इस बात की संभावनाएं व्यक्त की जा रही थीं कि तीसरी लहर बच्चों पर ज्यादा हावी हो सकती है, तभी इस वैक्सीन का परीक्षण किया गया था। परीक्षण में  देश की 50 क्लीनिकल साइट्स पर इसका ट्रायल हुआ था। इसमें 28 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इसे डेल्टा वेरिएंट पर भी असरदार बताया गया है। हालांकि ओमिक्रोन वेरिएंट पर इसका क्या असर रहेगा इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

बिना सुईं के लगता है जायडस कैडिला का कोरोना टीका

परीक्षण के बाद इस टीके को हरी झंडी दे दी गई है 12 से 18 साल के बच्चों के लिए इसे पूरी तरह से सुरक्षित बताया जा रहा है। इस वैक्सीन कोफार्माजेट सुईं रहित तकनीक की मदद से लगाया जाएगा। इस वैक्सीन में सुई की जरूरत नहीं पड़ती है। बिना सुई वाले इंजेक्शन में दवा भरी जाती है, फिर उसे एक मशीन में लगाकर बांह पर लगाते हैं। 

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बिना सुई वाला टीका है जायकोव डी । चित्र: शटरस्टाॅक

मशीन पर लगे बटन को क्लिक करने से टीका की दवा अंदर शरीर में पहुंच जाती है। बच्चों को इस वैक्सीन की तीन खुराक दी जाने की योजना है।

कितना होगा इस वैक्सीन जाइकोव-डी का दाम ?

केंद्र सरकार भी  ”जाइकोव-डी” को जल्द से जल्द टीकाकरण अभियान में शामिल करने की राह देख रही है। जिसके तहत सरकार द्वारा एक करोड़ खुराक का आर्डर दिया गया है। इस वैक्सीन की कीमत की बात की जाए, तो इसकी कीमत लगभग  358 रुपये है। इसमें 93 रुपये की लागत वाले ”जेट एप्लीकेटर” का खर्च भी शामिल है। हलांकि सरकार इसे मुफ्त में लगाएगी या इसके पैसे लेगी इस बात पर अभी कोई अधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

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