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कोरोना वायरस की दुनिया में जन्मा एक नया वेरिएंट, नाम रखा गया है ‘कप्पा’

Updated on: 12 July 2021, 13:48pm IST
भारत में बढ़ते हुए डेल्टा वेरिएंट के साथ ही एक नया वेरिएंट पाया जा चुका है जिसका नाम है कप्पा वेरिएंट और यह भी डेल्टा जितना ही खतरनाक बताया जा रहा है।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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कोरोनावायरस में अब एक नया म्यूटेशन सामने आया है। चित्र: शटरस्टॉक

कोविड 19 (Covid-19) के बदलते हुए स्वरूप और वेरिएंट डॉक्टरों की चिंता का विषय बन रहे हैं और यह वेरिएंट बहुत शातिर रूप से अपने रूप को बदल कर और अधिक खतरनाक बनते जा रहे हैं। आपको बता दें कि अब कोविड के डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) के बाद एक नया वेरिएंट जिसका नाम कप्पा (Kappa variant) है, ने भारत में एंट्री कर ली है।

यह वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट के जैसे ही म्यूटेट हुआ स्वरूप है। इस वेरिएंट को भी डेल्टा वेरिएंट जितना ही घातक और खतरनाक बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में दो लोगों में इस वेरिएंट की पुष्टि की जा चुकी है और अब वह जिन-जिन से मिले हैं या उनके घर वालों की जांच जारी है।

आज हम इसके द्वारा उत्पन्न होने वाली समस्या के बारे में बात करेंगे और यह जानेंगे कि यह वेरिएंट कितना ज्यादा खतरनाक है। इस वेरिएंट का पहला केस भारत में ही पाया गया है।

क्या है कप्पा वेरिएंट?

यह एक डबल म्यूटेंट वेरिएंट है और इसका साइंटिफिक नाम है बी.1.617.1 और यह दो अलग-अलग म्यूटेंट जिनका नाम ई 484 क्यू और एल 453 आर से मिल कर बना है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कोई नया वेरिएंट नहीं है, यह काफी समय से मौजूद है।

डेल्टा के बाद कप्पा कोविड-19 का नया वेरिएंट है। चित्र: शटरस्टॉक

यह पहली बार भारत में 2020 में पाया गया था और इसे WHO द्वारा वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (Variant of interest) कहा गया है। यह डेल्टा जैसा नहीं है, क्योंकि डेल्टा को WHO द्वारा वेरिएंट ऑफ कंसर्न (Variant of concern) घोषित किया गया था।

कप्पा वेरिएंट के लक्षण

इस वेरिएंट के लक्षण भी अन्य लक्षणों के समान ही है। इसमें बुखार, सिर दर्द, शरीर में दर्द, लंबे समय तक खांसी होना, मुंह का सूख जाना, स्मेल और स्वाद न महसूस होना आदि शामिल हैं। शुरुआत में आपको सारे शरीर पर रैश भी देखने को मिल सकते है और आपकी आंखों और नाक में से भी पानी शुरू के कुछ दिनों में निकल सकता है।

क्या यह वेरिएंट चिंता का विषय है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह वेरिएंट कोई अधिक चिंता का विषय नहीं है, क्योंकि कोविड के वायरस द्वारा हम इस तरह की म्यूटेशन या वेरियंट्स की उम्मीद कर सकते हैं। कुछ डॉक्टरों के मुताबिक इसके बारे में आपको अधिक चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह वेरिएंट पुराना है और इसका इलाज भी संभव है।

क्या इस वेरिएंट के सामने वैक्सीन प्रभावी हैं?

रिसर्च के मुताबिक अभी इस पर खोजबीन जारी है और इस पर पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन चूंकि इसमें एल 453आर वेरिएंट शामिल है, तो यह आपके इम्यून रेस्पॉन्स से बच कर निकल भी सकता है। हालांकि आईसीएमआर ने दावा किया है कि भारत बायो टेक द्वारा बनाई गई कोवैक्सीन इस वेरिएंट के खिलाफ बहुत प्रभावी है।

अभी कप्पा वेरिएंट पर वैक्सीन की प्रभावशीलता पर शोध जारी हैं। चित्र: शटरस्टॉक

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च के मुताबिक कोविशील्ड भी इस वेरिएंट के प्रति बहुत प्रभावी मानी जा रही है। लेकिन फिर भी आपको अपनी सुरक्षा का ध्यान खुद रखना चाहिए और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए।

क्या कारण है कि कप्पा को वेरिएंट ऑफ कंसर्न (Variant of concern) माना गया है

दरअसल इस वेरिएंट को डेल्टा वेरिएंट से कम खतरनाक माना जा रहा है, क्योंकि डेल्टा वेरिएंट को वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट की श्रेणी से बाहर आने में केवल 1 महीने का समय लगा था। लेकिन कप्पा वेरिएंट काफी समय से वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट की श्रेणी में वैसे का वैसे भी बना हुआ है। हालांकि इसके भी दो म्यूटेशन सामने आ चुके हैं।

निष्कर्ष

चूंकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह वेरिएंट पुराना है और इसके बारे में अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं है इसका मतलब यह नहीं है कि आप इसको गंभीरता से नहीं लेंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतेंगे।

आपको वायरस के हर वेरिएंट से खुद को सुरक्षित रखना है और सभी प्रकार के सुरक्षा नियमों का पालन करना है। केवल ज़रूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें और अपने साथ अपने बच्चों और पूरे परिवार का भी ख्याल रखे।

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।