मल्टीपल पार्टनर्स के साथ सेक्स बढ़ा सकता है मंकीपॉक्स का जोखिम, जानिए क्या है डब्ल्यूएचओ की चेतावनी

Updated on: 28 July 2022, 13:46 pm IST

मंकीपॉक्स एक सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज नहीं है, लेकिन यह शारीरिक संपर्क की वजह से फैल सकती है। जिसमें ओरल सेक्स, किस और हग करना जैसी यौन गतिविधियां शामिल हैं।

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लोगो के संपर्क में आने से बचें। चित्र शटरस्टॉक।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मंकीपॉक्स के ज़्यादातर मामले समलैंगिक पुरुषों (Homosexual Males) में सामने आ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने भी इस समुदाय के लोगों के लिए एक विशेष चेतावनी जारी की है। ताकि मंकीपॉक्स को फैलने से बचाया जा सके।

दुनिया भर में मंकीपॉक्स के मामले बढ़ रहे हैं। भारत में भी इस वायरस के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे स्वास्थ्य इमरजेंसी घोषित करते हुए बचाव के उपायों को अपनाने की सलाह दी है। वहीं ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि यह वायरस कुछ खास यौन गतिविधियों के माध्यम से फैल सकता है। जिसमें स्लाइवा का आदान-प्रदान शामिल है। विशेष तौर पर समलैंगिक पुरुषों में इसके मामले देखे जा रहे हैं।

इसके प्रसार को रोकने के लिए डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) बुधवार को इस समुदाय के सदस्यों को सलाह दी कि वे अपने सेक्सुअल पार्टनर्स को सीमित रखें और नए पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाने से पहले दो बार सोचें।

“यह एक प्रकोप है जिसे रोका जा सकता है यदि सभी देश और समुदाय खुद को सूचित रखें, जोखिम को गंभीरता से लें और इन्फेक्शन को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। इसका यह भी मतलब है कि आप खुद के और दूसरों के लिए सही निर्णय लें और सेफ ऑप्शन चुनें।

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सेक्स की वजह से मंकीपॉक्स का वायरस फैल सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

यौन संचारित रोग नहीं है मंकीपॉक्स

मंकीपॉक्स को यौन संचारित रोग नहीं माना जाता है, लेकिन अमेरिका में इससे ग्रसित होने वाले अधिकांश लोग हाल ही में सेक्सुअल एक्टिविटी की रिपोर्ट करते हैं। इसमें पेनिट्रेटिव सेक्स के साथ-साथ ओरल सेक्स भी शामिल हो सकता है। इसकी वजह से अमेरिका के भी स्वास्थ्य अधिकारियों ने सेक्स पार्टनर को कम करने की सलाह दी है।

वायरस मुख्य रूप से त्वचा पर शारीरिक संपर्क के माध्यम से फैलता है, लेकिन यह चादर या तौलिये जैसी वस्तुओं को छूने से भी फैल सकता है। साथ ही किस करने जैसी एक्टिविटीज या आमने-सामने बातचीत करना भी इसके फैलने का एक माध्यम बन सकता है।

क्या कंडोम मंकीपॉक्स से हमारा बचाव कर सकता है?

सीडीसी के अनुसार, शोधकर्ता अभी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या वायरस किसी ऐसे व्यक्ति के वीर्य, ​​​​वेजाइनल लिक्विड और मल के माध्यम से फैल सकता है, जिसमें कोई लक्षण नहीं हैं। ऐसे में सीडीसी का कहना है कि कंडोम पहनने से मदद मिल सकती है, लेकिन यह अकेले, मंकीपॉक्स के प्रसार से बचाव नहीं करेगा। इसमें आपको अन्य बातों का भी ख्याल रखना चाहिए जैसे –

याद रखें कि शारीरिक संपर्क, जिसमें सेक्स भी शामिल है, आपके जोखिम को बढ़ा सकता है।

साथ ही, कई पार्टनर्स के साथ बार-बार यौन संपर्क रखने से आपको मंकीपॉक्स के संक्रमण का अधिक खतरा हो सकता है।

किस करना या गले लगाने से भी वायरस आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है।

एक ही तौलिये या ब्लेंकेट का इस्तेमाल करना भी इसके प्रसार का एक कारण बन सकता है।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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