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मधुमेह और कोलेस्ट्रोल के जोखिम को कम करना है, तो आज ही से आहार में शामिल करें मुट्ठी भर बादाम

Published on:8 July 2021, 17:06pm IST
बादाम भीगे हुए हों सूखे, दिन में दो बार इनका सेवन आपके डायबिटीज और कोलेस्ट्रोल के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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हर रोज़ एक मुट्ठी बादाम ज़रूर खाएं. चित्र : शटरस्टॉक

फ्रंटलाइन इन न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन से पता चलता है कि दिन में दो बार बादाम का सेवन करने से आपके शरीर में स्वस्थ रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि बादाम को स्नैक्स की तरह खाना युवा वयस्कों और किशोरों में प्रीडायबिटीज के साथ एचबीए1 सी (HbA1c) और ब्लड लिपिड में सुधार कर सकता है।

मुंबई के लोगों पर हुए इस अध्ययन का उद्देश्य रक्त ग्लूकोज, लिपिड, इंसुलिन और प्रीडायबिटीज वाले किशोरों और युवा वयस्कों (16-25 वर्ष की आयु) में इन्फ्लेमेटरी प्रतिक्रिया सहित चयापचय संबंधी शिथिलता के कारकों पर बादाम के प्रभाव को देखना था।

इस अध्ययन में कुल 275 लोग शामिल थे, जिनमें प्रीडायबिटीज के लक्षण थे। इनमें 59 पुरुष थे और 216 महिलाएं। अध्ययन की शुरुआत में, प्रतिभागियों के वजन, ऊंचाई और कमर और कूल्हे की चौड़ाई को मापा गया और खाली पेट रक्त के नमूने लिए गए। प्रतिभागियों का ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट भी हुआ और उनके लिपिड प्रोफाइल का आकलन किया गया।

डायबिटीज और कोलेस्ट्रोल को कम करते हैं बादाम. चित्र : शटरस्टॉक

जानिये अध्ययन में क्या सामने आया

बादाम खाने वाले समूह में, HbA1c (रक्त शर्करा नियंत्रण का एक उपाय जो कि प्रीडायबिटीज और मधुमेह के लिए नैदानिक ​​मापदंड के रूप में भी कार्य करता है) अन्य समूह की तुलना में काफी कम हो गया। मधुमेह के पूर्व चरण में रक्त शर्करा के स्तर में सुधार से मधुमेह के विकास को रोकने में मदद मिल सकती है।

इसके अतिरिक्त, बादाम की खपत ने कुल कोलेस्ट्रॉल और “खराब” एलडीएल-कोलेस्ट्रॉल को अन्य समूह की तुलना में काफी कम कर दिया, और “अच्छे” एचडीएल-कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखा।

अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों को ख़ास निगरानी में रखा गया था, ताकि यह सुनिश्चित जिया जा सके की सभी डाइट का पालन कर रहे हैं या नहीं।

बादाम खाने वाले समूह ने तीन महीने तक हर दिन 56 ग्राम (लगभग 2 औंस सर्विंग्स, या लगभग 340 कैलोरी) बिना भुना हुआ बादाम खाया और दुसरे समूह ने पूरे गेहूं के आटे, चने का आटा, नमक और भारतीय मसालों का उपयोग करके बनाया गया एक स्वादिष्ट नाश्ता खाया। दोनों स्नैक्स में ही कैलोरी की समान संख्या थी।

हर रोज़ दो बार बादाम ज़रूर खाएं। चित्र- शटरस्टॉक।

हर रोज़ दो बार बादाम खाना हो सकता है फायदा

मुंबई के सर विथाल्डिस ठाकरसी कॉलेज ऑफ होम साइंस में प्रोफेसर और प्रिंसिपल, साथ ही प्रमुख अन्वेषक जगमीत मदन का कहना है कि – ”किशोरावस्था और युवा वयस्कों के लिए बेहतर पोषण और व्यायाम सहित जीवनशैली में बदलाव, प्रीडायबिटीज से टाइप -2 डायबिटीज की प्रगति को रोकने में मदद कर सकते हैं। इस अध्ययन से पता चलता है कि आपको कोई बड़े बदलाव करने की ज़रूरत नहीं है, बस हर रोज़ दो बार बादाम खाना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।”

मदन ने कहा, “अध्ययन के परिणाम बहुत आशाजनक हैं कि कैसे बादाम ने कुल और एलडीएल-कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार किया और एचबीए 1 सी के स्तर को केवल 12 सप्ताह में कम कर दिया।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पिछले कुछ सालों में प्रीडायबिटिक लोगों में टाइप-2 डायबिटीज की समस्या तेज़ी से बढ़ी है। इसलिए, आज से ही बादाम खाना शुरू करें, ये बेहद स्वास्थ्यवर्धक हैं!

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।