दुखी या मानसिक रूप से परेशान हैं? तो किरण करेगी 24 घंटे आपकी मदद

कोविड-19 महामारी के कारण बढ़ रहे तनाव और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं के समाधान के लिए सरकार ने निशुल्क मानसिक पुनर्वास हेल्पलाइन ‘किरण’ लॉन्‍च की।
भारत सरकार की मेंटल हेल्‍थ हेल्‍पलाइन पर आप 24 घंटे मदद ले सकते हैं। चित्र: PIB
भारत सरकार की मेंटल हेल्‍थ हेल्‍पलाइन पर आप 24 घंटे मदद ले सकते हैं। चित्र: PIB
भाषा
  • 98

कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया भर में मानसिक तनाव, गुस्‍सा, अवसाद और आत्‍महत्‍या के मामले बढ़ रहे हैं। इनमें बढ़ी संख्‍या युवाओं की भी है। वे अकेले और तनाव में हैं। पर कहीं से मदद नहीं मिल पा रही। ऐसे लोगों की मदद के लिए भारत सरकार ने मेंटल हेल्‍थ हेल्‍पलाइन किरण की शुरुआत की है।

केंद्र सरकार ने मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों को मनोवैज्ञानिक मदद मुहैया कराने के लिए 24X7 हेल्पलाइन की सोमवार को शुरुआत की। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिकता मंत्री थारवरचंद गहलोत ने हेल्पलाइन ‘किरण’ (1800-599-0019) की शुरुआत की।

सिर्फ सलाह नहीं, चिकित्‍सा भी होगी संभव

गहलोत ने कहा कि किरण हेल्पलाइन जल्दी जांच, प्राथमिक चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक सहायता, संकट प्रबंधन, मानसिक भलाई, सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देने, मनोवैज्ञानिक संकट प्रबंधन आदि के उद्देश्य से मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराएगी।

परिवार के लिए भी होगी मददगार

उन्होंने कहा, “यह पूरे देश में व्यक्तियों, परिवारों, गैर सरकारी संगठनों, व्यावसायिक संघों, पुनर्वास संस्थानों, अस्पतालों और किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को 13 भाषाओं में पहले चरण की सलाह, परामर्श और संदर्भ उपलब्ध कराने वाली जीवन रेखा के रूप में काम करेगी।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह हेल्पलाइन मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के परिवार के सदस्यों के लिए भी बहुत उपयोगी होगी।

1200 से ज्‍यादा एक्‍सपर्ट की सलाह

मंत्रालय में संयुक्त सचिव प्रबोध सेठ ने इस हेल्पलाइन के बारे में प्रस्तुति भी दी।
उन्होंने कहा, “यह टोल फ्री हेल्पलाइन सप्ताह के सभी दिन चौबीसों घंटे, बीएसएनएल के तकनीकी समन्वय के साथ संचालित होगी। इसे 660 नैदानिक/पुनर्वास मनोवैज्ञानिकों और 668 मनोचिकित्सकों की सहायता प्राप्त है।”

कोविड-19 के चलते 50 फीसदी युवा अवसाद में हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

आपकी अपनी भाषा में मिल पाएगी मदद

जब आप मानसिक रूप से परेशान होते हैं, तो किसी ऐसे व्‍यक्ति से बात करना चाहते हैं, जो आपसे आपकी अपनी भाषा में बात कर सके। अभी तक जो हेल्‍पलाइन और गैर सरकारी संगठन काम कर रहे थे, वे अंग्रेजी या हिंदी में ही सलाह और विमर्श कर पाते हैं। जबकि किरण आपसे आपकी स्‍थानीय भाषा में भी बात कर पाएगी।

यह 13 भाषाओं में हिंदी, असमिया, तमिल, मराठी, ओडिया, तेलुगू, मलयालम, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, बंगाली, उर्दू और अंग्रेजी में न केवल आपको सुनेगी, बल्कि मदद भी करेगी।

अपनी रुचि के विषय चुनें और फ़ीड कस्टमाइज़ करें

कस्टमाइज़ करें

  • 98
अगला लेख