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कभी कभार स्मोकिंग करना भी आपको बना सकता है निकोटिन की लत का शिकार

Published on:28 December 2020, 12:36pm IST
अगर आप कभी-कभार स्‍मोकिंग करती हैं और खुद को लाइट स्मोकर समझती हैं, तो हम आपको बता दें ये भी बहुत खतरनाक है। निकोटिन की लत के लिए कभी कभार धूम्रपान करना भी पर्याप्त है।
विदुषी शुक्‍ला
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निकोटिन की लत के लिए कभी कभार धूम्रपान करना भी पर्याप्त है। चित्र- शटरस्टॉक

धूम्रपान आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली आदतों में सबसे ऊपर है और ये आपके लिए जानलेवा भी हो सकती है। धूम्रपान का दुष्प्रभाव तो सभी जानते हैं। सरकार के जागरूकता अभियान की मदद से सिगरेट से होने वाले मुंह और फेफड़ो के कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ी भी है।

सिगरेट के दुष्प्रभावों में एकमात्र परिणाम तम्बाकू ही नहीं है, बल्कि निकोटिन की लत भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। और निकोटिन की लत से ग्रस्त होने के लिए दिन में एक सिगरेट ही काफी है।दिन में एक से दो या उससे भी कम सिगरेट पीने वाले व्यक्ति लाइट स्मोकर कहे जाते हैं।
एक ताजा शोध के अनुसार ऐसे स्मोकर्स में भी निकोटिन एडिक्शन हो सकता है। पेनिसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी द्वारा किये गए एक अध्ययन में यह चौंकाने वाले परिणाम सामने आये हैं।

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क्या कहती है स्टडी?

यूनाइटेड स्टेट्स के पेनिसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग हर दिन धूम्रपान नहीं भी करते हैं, वे भी सिगरेट की लत से ग्रस्त होते हैं।

कभी कभार स्मोकिंग करना भी आपको बना सकता है निकोटिन की लत का शिकार। चित्र: शटरस्‍टॉक

“अतीत में, माना जाता था कि प्रतिदिन 10 या उससे अधिक सिगरेट पीने वाले लोगों को ही नशे की लत थी, और मैंने अभी भी कभी-कभी ऐसा सुना है, लेकिन इस अध्ययन से पता चलता है कि कभी कभार धूम्रपान करने वाले, यहां तक ​​कि जो हर दिन धूम्रपान नहीं करते हैं, वे भी एडिक्ट हो सकते हैं। इस स्टडी में यह भी पता चलता है कि हमें सिगरेट पीने की गिनती के बारे में अधिक सटीक होने की आवश्यकता है, “पेनसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और इस स्टडी के हेड जोनाथन फाउल्ड्स कहते हैं।

शोधकर्ताओं ने अमेरिकन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ से मौजूदा डेटा सेट की जांच की, जिसमें 6,700 से अधिक धूम्रपान करने वाले व्यक्ति शामिल थे, जिन्हें यह पता लगाने के लिए पूरी तरह से मूल्यांकन किया गया था कि क्या वे डायग्नोस्टिक ​एंड स्टेटिस्टिक्स मैनुअल (डीएसएम) के 5 वें संस्करण के 11 मानदंडों को पूरा करते हैं।

उन्होंने पाया कि रोजाना सिगरेट पीने वालों में 85 प्रतिशत लोग कुछ हद तक नशे के आदी होते हैं – या तो कम, मध्यम या गंभीर नशा ये निर्भर करता है। फाउल्ड्स बताते हैं, “हैरानी की बात ये है कि इसमें से लगभग दो तिहाई स्मोकर्स प्रति दिन केवल एक से चार सिगरेट के आदी थे, और एक चौथाई साप्ताह में 10 से कम सिगरेट पीने वाले भी निकोटिन के आदी थे।”

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कभी कभार स्मोकिंग भी खतरनाक है

शोधकर्ताओं ने पाया कि सिगरेट की लत की गंभीरता, जैसा कि निर्धारित मानदंडों की संख्या से संकेत मिलता है, धूम्रपान की आवृत्ति के साथ बढ़ी है। 35 प्रतिशत स्मोकर प्रति दिन एक से चार सिगरेट पीते हैं और 64 प्रतिशत दिन में 21 सिगरेट पी लेते हैं। 21 या अधिक सिगरेट प्रति दिन मध्यम या गंभीर व्यसन की श्रेणी में आता है। जबकि इससे कम हल्के व्यसन की श्रेणी में आता है।
अगर आप सोच रही हैं कि दोस्तो के साथ या पार्टी में सिगरेट पीना आपको नुकसान नहीं पहुंचा रहा तो आप गलत हैं।

शोधकर्ताओं का मानना है कि इस स्टडी की मदद से लाइट स्मोकर्स के स्वास्थ्य पर सिगरेट के प्रभाव को गहराई से जांचने की सुविधा मिलेगी।

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विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।