दिवाली सफाई के दौरान अकसर बीमार पड़ जाती हैं, तो ये हो सकते हैं डस्ट एलर्जी के संकेत

स्वच्छता, किसी धार्मिक मान्यता से ही नहीं, बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। पर अगर दिवाली सफाई के दौरान आप बीमार पड़ जाती हैं, तो इसका कारण समझने की जरूरत है।
स्वच्छता, आपके स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। चित्र : शटरस्टॉक
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ Published on: 28 October 2021, 18:30 pm IST
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दिवाली का त्योहार अब दूर नहीं है! ऐसे में हम सब जानते हैं कि घरों में साफ – सफाई का कितना बड़ा महत्व होता है। स्वच्छता केवल किसी मान्यता के लिए ही नहीं, बल्कि आपके स्वस्थ रहने के लिए भी जरूरी है। कोविड-19 (Covid-19) ने हमें स्वच्छता के प्रति और अधिक जागरुक किया है। पर यही सफाई अगर आपके स्वास्थ्य पर संकट ले आती है, तो आपको इसके कारणों को जानने की जरूरत है। हो सकता है कि आप डस्ट एलर्जी (Dust Allergy) की शिकार हों। जानिए क्या है डस्ट एलर्जी और इसके कारण (Dust allergy causes) तथा बचाव के उपाय (Tips to avoid dust allergy)।

घर में साफ – सफाई रखने से सकारात्मकता आती है, जो सुख-समृद्धि का प्रतीक है। मगर, घर को साफ करने में जो मेहनत लगती है, वह एक भारतीय ही समझ सकता है। कुछ लोग ज़्यादा सफाई करने के बाद बीमार पड़ जाते हैं, या उन्हें छींक आने लगती है।

यह लक्षण किसी बीमारी का संकेत नहीं हैं, बल्कि यह दर्शाते हैं कि आपको डस्ट एलर्जी हो सकती है। चलिये जानते हैं इसके बारे में –

खुद को एलर्जी से मुक्‍त रखें। चित्र: शटरस्‍टॉक

क्या है डस्ट एलर्जी (Dust Allergy) ?

यदि धूल-मिट्टी में रहने से आपको सांस लेने में तकलीफ होती है, तो आप डस्ट एलर्जी की शिकार हो सकती हैं। डस्ट एलर्जी के लक्षण अक्सर वैक्यूमिंग, स्वीपिंग और डस्टिंग के दौरान या तुरंत बाद बढ़ जाते हैं। सफाई की प्रक्रिया धूल के कणों को उत्तेजित कर सकती है, जिससे वह सांस के साथ आपके अंदर जा सकते हैं।

डस्ट माइट एलर्जी (Dust Mites Allergy) वाले लोग अक्सर अपने घरों के अंदर या दूसरे लोगों के घरों में सबसे ज्यादा पीड़ित होते हैं। धूल के कण छोटे जीव होते हैं, जिन्हें नग्न आंखों से मुश्किल से देखा जा सकता है। ये घर की धूल और हवा में नमी में बढ़ते हैं। ये सबसे आम इनडोर एलर्जेंस में से एक हैं।

इसके लक्षण साल भर मौजूद हो सकते हैं। एलर्जिक राइनाइटिस के अलावा, डस्ट माइट एलर्जी भी अस्थमा और एक्जिमा को ट्रिगर कर सकती है।

छींकना ही डस्ट एलर्जी का एकमात्र लक्षण नहीं है, जानिए इसके अन्य लक्षण

छींक आना
बहती या भरी हुई नाक
लाल, खुजलीदार या फटी आंखें
गला बंद होना
खांसना
सीने में जकड़न
सांस लेने में तकलीफ
खुजली

एलर्जी के कारण छाती में जकड़न हो सकती है. चित्र : शटरस्टॉक

डस्ट माइट एलर्जी की प्रतिक्रिया को ट्रिगर करने के लिए एक घर को दिखने में गंदा होने की आवश्यकता नहीं है। धूल के कण अक्सर तकिए, गद्दे, कालीन और फर्नीचर में पाए जाते हैं। जब कोई वैक्यूम करता है, तो यह हवा में उड़क नाक तक पहुंच जाते हैं। कण देखने में बहुत छोटे होते हैं और अक्सर सामान्य सफाई प्रक्रियाओं का उपयोग करके उन्हें हटाया नहीं जा सकता है।

और भी हो सकते हैं डस्ट एलर्जी को ट्रिगर करने वाले कारक

धूल के कण
तिलचट्टे
पराग
पालतू पैट के बाल, फर या पंख

डस्ट एलर्जी से आप कैसे खुद को बचा सकते हैं –

अपने घर और अपनी दिनचर्या में बदलाव करें-

विशेष रूप से बेडरूम में कालीन और पर्दे हटा दें।
पालतू जानवरों को बेडरूम से बाहर रखें, और हो सके तो घर से बाहर रखें।
घर में नमी कम से कम रखें।
गद्दे और तकिए पर “माइट-प्रूफ” चीजों का प्रयोग करें
बिस्तर के लिनन को गर्म पानी में बार-बार धोएं।
सफाई करते समय मास्क पहनें

तो, इस दिवाली डस्ट एलर्जी से बचकर रहें और ऐसे कोई भी लक्षण सामने आने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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