Cancer Survivor Day : क्या फ्रिज में रखा या बासी खाना कैंसर के जोखिम को दोबारा बढ़ा सकता है?

कैंसर दुनिया में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों की बात करें तो 2018 में करीब 9.6 मिलियन लोगों की मौत कैंसर से हुई थी। ऐसे में यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि क्या हमारा खानपान कैंसर का कारण बन रहा है?
कैंसर को हराना अब असंभव नहीं है। चित्र: शटरस्‍टॉक
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संतुलित खानपान और जीवनशैली शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। हम सभी यही सुनते आए हैं और यह पूरी तरह सच है। मगर स्वस्थ रहने के लिए इसके अतिरिक्त भी कई चीज़ें हैं, जिनका हमें ध्यान रखना चाहिए जैसे – हमेशा ताज़ा भोजन (Fresh Meal) करना और बासी खाना (Stale Food) न खाना। बासी खाना सिर्फ आपका पेट भर सकता है, लेकिन आपको स्वस्थ नहीं रख सकता। कैंसर से जंग जीत चुके लोगों (Cancer Survivors) को जो सबसे जरूरी सलाह दी जाती है, वह है हमेशा ताज़ा बना खाना खाना। तो क्या फ्रिज में रखा या बासी खाना (Stale food and cancer) कैंसर के जोखिम को दोबारा बढ़ा सकता है? कैंसर सर्वाइवर डे (Cancer Survivor Day) के अवसर पर इस जरूरी तथ्य को खंगालते हैं।

बिजी लाइफस्टाइल और बासी खाना

हम अपने जीवन में इतने व्यस्त हो गए हैं कि हमारे पास इतना समय नहीं है कि हम दो टाइम ताजा भोजन बना सकें और खा सकें। इसलिए मजबूरी में हम खाना रात में सुबह का खाना गर्म करके खाते हैं। खासकर नौकरीपेशा लोग रात का बासी खाना या तो सुबह खाते हैं या फिर गर्म करके खाते हैं। मगर क्या आप जानती हैं कि बासी या खाने को दोबारा गरम करना कैंसर (Stale food and cancer) के जोखिम को बढ़ा सकता है। ।

इसलिए हम आपको नेशनल कैंसर सर्वाइवर डे (National Cancer Survivors 2022), जो कि इस वर्ष 5 जून को मनाया जा रहा है के उपलक्ष्य में खानपान से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताएंगे जो कैंसर का कारण बन सकती हैं। साथ ही, कैंसर के दोबारा होने के जोखिम को भी बढ़ती हैं। मगर उससे पहले जान लेते हैं इस दिवस के बारे में –

कैंसर से जंग जीतना भले ही मुश्किल हो, मगर अपनी इच्छा शक्ति के बल पर इसे हराया जा सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

नेशनल कैंसर सर्वाइवर डे 2022 (National Cancer Survivors 2022)

नेशनल कैंसर सर्वाइवर डे अमेरिका में जून के पहले रविवार को मनाया जाने वाला दिवस है। हालांकि, यह मुख्य रूप से अमेरिका में मनाया जाता है, लेकिन भारत की तरह कई अन्य देशों में भी इस दिवस के बारे में लोग जागरूक हो रहे हैं।

हर साल नेशनल कैंसर सर्वाइवर फ़ाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जाने वाला यह दिवस, कैंसर से जंग जीत चुके लोगों को सेलिब्रेट करता है और अन्य लोगों को प्रोत्साहित करता है, जो कैंसर से जूझ रहे हैं।

क्या बासी खाना कैंसर का जोखिम बढ़ाता है?

रात का रखा हुआ खाना या कई घंटों से फ्रिज में रखा हुआ खाना, आपके खाने के लिए शायद सही हो, लेकिन इसमें कोई पोषक तत्व नहीं होते हैं। मगर, इस खाने को भूलकर भी गर्म करने की कोशिश न करें, क्योंकि रखे हुये खाने को गर्म करने से उनमें टॉक्सिन (Toxins) पैदा हो जाते हैं और अमेरीकन कैंसर असोसिएशन के अनुसार आगे चलकर यही कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं।

इतना ही नहीं यदि आप पहले भी कैंसर से पीड़ित हो चुकी हैं, तो अब आपको अपना और ख्याल रखना चाहिए क्यूंकी खानपान कैंसर के जोखिम को बढ़ाने या घटाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इन फूड्स को फ्रिज में रखना और दोबारा गर्म करना बढ़ा सकता है कैंसर का जोखिम

दोबारा गर्म किया हुआ पालक :

कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पालक को दोबारा गर्म करके खाने से कैंसर हो सकता है। इसमें मौजूद नाइट्रेट दोबारा गर्म करने पर जहरीले तत्वों में बदल जाते हैं जो कुछ समय बाद कैंसर का खतरा पैदा कर सकते हैं।

रखा हुआ चावल :

फूड स्टैंडर्ड एजेंसी (एफएसए) के मुताबिक, चावल को दोबारा गर्म करके खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। चावल में बैसिलस सेरेस नाम का अत्यधिक प्रतिरोधी जीवाणु पाया जाता है, जो फूड पॉइजनिंग के लिए जिम्मेदार होता है।

चावल को कभी दोबारा गर्म करके न खाएं। चित्र शटरस्टॉक।

शुगर का ज़्यादा सेवन :

2020 के एक अध्ययन के अनुसार, ज़्यादा चीनी खाना भी सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को बढ़ावा देती हैं। यह कुछ प्रकार के कैंसर के लिए आपके जोखिम को बढ़ा सकता है। 2019 की समीक्षा के अनुसार, टाइप 2 मधुमेह से डिम्बग्रंथि, स्तन और एंडोमेट्रियल (गर्भाशय) कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

इसलिए इन सभी बातों का ध्यान रखें और जितना हो सके ताज़ी खाना खाएं। साथ उन फूड्स का सेवन करें जो आपके कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं 

फल और सब्जियां – 2017 की समीक्षा के अनुसार, फल और सब्जियां एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होती हैं। ये यौगिक आपकी कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव और डीएनए क्षति से बचाने में मदद कर सकते हैं।

ड्राई फ्रूट्स – 2015 के एक अध्ययन में पाया गया कि नट्स सूजन और कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं।

बीन्स – बीन्स फाइबर से भरपूर होते हैं। 2015 के एक अध्ययन के अनुसार, फाइबर कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को कम कर सकता है।

साबुत अनाज – 2020 की समीक्षा के अनुसार, साबुत अनाज कैंसर के कम जोखिम से जुड़े हैं। क्विनोआ और ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं।

मछली – मछली ओमेगा -3 फैटी एसिड नामक स्वस्थ वसा प्रदान करती है। 2014 के एक अध्ययन के अनुसार, ओमेगा -3 वसा सूजन को कम करके कुछ कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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