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क्‍या सचमुच कीटो डाइट कोविड-19 के जोखिम को कम कर सकती है? आइए पता करते हैं 

Published on:12 December 2020, 10:00am IST
नए शोध में यह सामने आया है कि कीटोजेनिक डाइट कोविड-19 संक्रमण के मामलों की गंभीरता को कम कर सकती है।
विनीत
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कीटो डाइट कर सकती है कोविड-19 के खिलाफ लड़ने में आपकी मदद। चित्र-शटरस्टॉक

अगर इस महामारी में कोई चीज ट्रेंडिंग हो गई है, तो वह है अपने शरीर की इम्युनिटी को कैसे बढ़ाएं। जिसके चलते हम कई तरह के सप्लीमेंट्स और तरह-तरह की डाइट का सेवन कर रहे हैं। यह सोचकर कि ये हमारे शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाने के साथ ही कोविड-19 के जोखिम को कम करने में मदद करेंगे। जबकि उनमें से सभी कोरोना वायरस को पूरी तरह से रोकने या ठीक करने में मददगार साबित नहीं होते। वे सिर्फ शरीर के कामकाज की क्षमता को बूस्ट करने का काम करते हैं। जिससे शरीर को बीमारियों और संक्रमण से लड़ने वाले जीवाणुओं की क्षमता में सुधार होता है।

अब एक नए अध्ययन ने यह साबित कर दिया है कि कैसे एक विशेष आहार कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए हमारे शरीर के लिए एक सर्वश्रेष्ठ रक्षक साबित हो सकता है।

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कई शोधों में यह बात सामने आई है कि कीटोजेनिक डाइट कोविड-19 के लिए एक ऐसा सहायक उपकरण साबित हो सकती है, जो कोविड-19 संक्रमण की गंभीरता को कम कर सकती है।

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क्या कहती है स्टडी

ट्रांसलेशनल मेडिसिन रिपोर्ट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार कीटोजेनिक डाइट वजन कम करने, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण और ब्लड शुगर को भड़काने में कोविड-19 के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। एक कम कार्ब्स वाला आहार शरीर की वसा को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करता है, जिसका हमारे इम्यून सिस्टम पर बहुत ही आश्चर्यजनक प्रभाव पड़ता है।

कोविड-19 से मुकाबले के लिए मकोय से औषधि तैयार की जा रही है। चित्र: शटरस्‍टॉक
कोविड-19 के जोखिम को कम करने में कारगर है कीटो डाइट। चित्र: शटरस्‍टॉक

ऐसा क्यों है

शोधकर्ताओं का कहना है कि कीटोजेनिक डाइट प्लाज्मा में कीटोन बॉडी (ketone bodies) के स्तर को बढ़ाने का काम करती हैं। जो कि शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और जीन्स को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार होते हैं, साथ ही ऑक्सीडेटिव तनाव के स्तर को नियंत्रित और प्रतिबंधित करते हैं।

इसके अलावा इसी तरह की कीटोन बॉडी (ketone bodies) के लिए वैज्ञानिकों का दावा है कि यह वायरल संक्रमण के मामलों इन्फ्लेमेटरी रिस्पांस को रोकने में मदद करता है। यह हाइपरइन्फ्लेमेटरी रिस्पांस को रोकने में भी मदद कर सकता है, जो कि संक्रमण के मामलों में गंभीरता का कारण बनते हैं।

व्यापक स्तर पर कीटोजेनिक डाइट इम्यून सेल्स के कामकाज को बढ़ा सकती हैं, और कोविड-19 से जुड़े जोखिम को कम कर सकती है।

अन्य बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकती है

इस साल साइंस इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार जब कोशिकाएं एक बार कीटो द्वारा संचालित होती हैं, तो यह शरीर में बलगम उत्पादन को बढ़ाकर काम करती हैं। इसलिए फ्लू और उससे संबंधित लक्षणों को हरा देती हैं। बल्कि अध्ययन में यह भी कहा गया है कि कीटो डाइट का लंबे समय तक पालन करने से शरीर को कई प्रकार के वायरस से बचाने के लिए इम्युनिटी को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।

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जिसमें से एक कोविड-19 संक्रमण या कोरोनावायरस भी है। इससे पहले भी अध्ययनों में कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जो बताते हैं कि कीटो डाइट से इन्फ्लामेशन के गठन को भी रोका जा सकता है।

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विनीत विनीत

अपने प्यार में हूं। खाने-पीने,घूमने-फिरने का शौकीन। अगर टाइम है तो बस वर्कआउट के लिए।