चींटियां कर सकती हैं मनुष्यों में कैंसर सेल की पहचान, जानिए इससे जुड़ी पूरी खबर

Published on: 10 March 2022, 14:08 pm IST

नन्हीं चीटियां अपने परिश्रम और कर्मठता के लिए प्रसिद्ध तो है हीं, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार यह जीव कैंसर सेल्स का सूंघकर ( ants can sniff cancer cells) पता लगा सकती हैं।

चींटी- बलऔर बुद्धि का उदाहरण, अब कर सकती हैं कैंसर सेल्स की पहचान। चित्र:शटरस्टॉक

आपने शायद उन कुत्तों के बारे में सुना होगा, जिन्हें इंसानों में कैंसर को सूंघने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। लेकिन क्या आपको पता है कि चीटियां भी यह काम करने में सक्षम हैं? वैज्ञानिकों की एक टीम ने पाया है कि चींटियां कैंसर सेल्स का पता लगाने के लिए अपनी सूंघने की गहरी समझ का इस्तेमाल कर सकती हैं।

चीटियों की ये प्रजाति है कैंसर सेल्स ढूंढने में सक्षम

फ्रेंच नेशनल सेंटर फॉर साइंटिफिक रिसर्च (CNRS) ने बुधवार को एक बयान में कहा, “कुछ मिनटों के प्रशिक्षण के बाद, ये कीड़े, जो दैनिक कार्यों के लिए गंध का उपयोग करते हैं, स्वस्थ मानव कोशिकाओं को कैंसरग्रस्त मानव कोशिकाओं से अलग करने में सक्षम थे।”

टीम ने फॉर्मिका फ्यूस्का चींटियों (Formica Fusca Ants) का इस्तेमाल किया, जिन्हें रेशमी चींटियों (silky ants) के रूप में भी जाना जाता है। वैज्ञानिकों ने उन्हें एक रिवार्ड सिस्टम के माध्यम से ट्रेन किया।

कैंसर के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि

शोधकर्ता महंगे या आक्रामक तरीकों का सहारा लिए बिना कैंसर का जल्दी और कुशलता से पता लगाने के तरीके तलाश रहे हैं। शोधकर्ताओं ने पिछले महीने आईसाइंस में प्रकाशित एक पेपर में कहा, “हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि मानव कैंसर के बायोमार्कर का पता लगाने के लिए जीवित उपकरण के रूप में चींटियों का उपयोग करना अन्य जानवरों की तुलना में व्यवहार्य, तेज और कम मेहनत वाला है।”

Cancer cells ka pata laga sakti hai ants
कैंसर सेल्स की पहचान कर सकती हैं चींटियां। चित्र:शटरस्टॉक

इस तरह चींटियों ने की कैंसर सेल्स की पहचान

शोधकर्ताओं ने एक शुगर सॉल्यूशन की गंध को पुरस्कृत अवधारणा का पालन करते हुए चींटियों को प्रशिक्षित किया है। टीम ने उन परीक्षणों के साथ चींटियों की यादों का परीक्षण किया, जहां कोई ईनाम मौजूद नहीं था। प्रशिक्षित चींटियों ने उस गंध के पास समय बिताया, जिसका जवाब देने के लिए उन्हें ट्रेन किया गया था। चींटियां दो अलग-अलग कैंसर सेल लाइनों के बीच अंतर करने में भी सक्षम थीं।

कुत्तों से बेहतर प्रदर्शन कर रहीं हैं ये चींटियां

कुत्ते कैंसर को सूंघने में अच्छे होते हैं, लेकिन उनके प्रशिक्षण प्रक्रिया में समय लगता है। सीएनआरएस ने कहा, “इस तरकीब की प्रभावकारिता का मूल्यांकन अब मानव पर क्लीनिकल ट्रायल का उपयोग करके किया जाना चाहिए। लेकिन इस पहले अध्ययन से पता चलता है कि चींटियों में उच्च क्षमता है। वे कम लागत पर बहुत जल्दी सीखने में सक्षम और कुशल हैं।”

शोधकर्ताओं को लगता है कि चींटियां अन्य गंधों को भी सूंघ सकती हैं, जैसे नशीले पदार्थ, विस्फोटक या अन्य बीमारियां। वे कुत्तों की तरह प्यारी नहीं हैं, लेकिन उनके सूंघने की शक्ति उतनी ही मजबूत है।

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अदिति तिवारी अदिति तिवारी

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