108 सूर्य नमस्कार कर टॉक ऑफ द टाउन बन गईं हैं आलिया भट्ट, हम बता रहे हैं सूर्य नमस्कार के फायदे

स्टेप बाय स्टेप सूर्य नमस्कार करने से शरीर हेल्दी और फिट रहता है। सन सेल्युटेशन के इन 12 योगासनों को नियमबद्ध विधिपूर्ण करने से आपके शरीर का एनर्जी लेवल बढ़ता है और बहुत सी समस्याएं दूर हो जाती है। जानें इसे करने के फायदे और स्टैप्स।
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इस योगासन को करने से लीवर और डाइजेस्टिव सिस्टम मज़बूत बनता है। इसे रोज़ाना करने से स्पाइन को भी मज़बूती मिलने लगती है।चित्र: अडोबी स्टॉक
ज्योति सोही Updated: 30 Jan 2023, 15:26 pm IST
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सदियों से सूर्य को नमन करने की प्रथा यूं ही चली आ रही है। ऊर्जा का स्त्रोत माना जाने वाले सूर्य को नमन करने वाले इस योग को सर्वश्रेष्ठ योग की श्रेणी में रखा गया है। दरअसल, सूर्य की पहली किरण के साथ ही अघर्य देकर मंत्रोच्चारण का विधान है। क्या आप जानते है कि सूर्य नमस्कार (Sun salutation) 12 तरह के योगा पोज़िज को मिलाकर पूर्ण होता है। जो हमारी बॉडी और माइंड को स्वस्थ रखने का काम करता है। आइए जानते हैं सूर्य नमस्कार (Surya namaskar) को करने के स्टेप्स और इसके फायदों के बारे में (Benefits of surya namaskar) ।

गंगूबाई काठियावाड़ी (Gangubai khatiawadi) और आरआरआर की सफलता से फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाली आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने सन सेल्युटेशन (Sun salutation) यानि सूर्य नमस्कार में एक रिकार्ड कायम किया है। दरअसल, आफ्टर
डिलीवरी वेटलॉस (weight loss) करने के बाद उन्होंने सूर्य नमस्कार के 108 राउंडस पूरे किए हैं। सेलिब्रिटी योगा ट्रेनर अनुष्का परवानी के मार्गदर्शन में आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने इस मकाम को हासिल किया। चेहरे पर हम दम स्माइल रखने वाली आलिया की वर्कआउट और योग करते हुए कई फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है। फिटनेस (Fitness) को लेकर बेहद सतर्क रहने वाली आलिया बहुत जल्द रॉकी और रानी की प्रेम कहानी फिल्म में नज़र आएंगीं।

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योग का नियमित अभ्यास लिवर को डी टॉक्स करता है। चित्र : शटरस्टॉक

1. रेसपिरेटरी सिस्टम को बनाए संतुलित

योग के दौरान सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया फेफड़ों को मज़बूत बनाती है। इससे लंग्स पर अधिक दबाव नहीं आता है और वो रिलैक्स रहते हैं। सूर्य नमस्कार के 12 योग रेसपिरेटरी सिस्टम को संतुलित करने का काम करता है।

2.डाइजेशन को मज़बूत बनाए

इससे पाचनतंत्र मज़बूत होता है और पेट संबधी रोगों से राहत मिलती है। इससे भूख न लगने की समस्या दूर हो जाती है। साथ ही कब्ज से भी राहत मिलती है।

3.शरीर में लचीलापन बढ़ता है

पचास की उम्र के बाद शरीर को नीचे झुकने, उठने और बैठने में थोड़ी तकलीफ होने लगती है। दरअसल, शरीर में स्टिफनैस बढ़ने लगती है। ऐसे में शरीर मं लचीलापन बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम ज़रूरी है। यदि आप दिनभर बैठकर काम करते है और पीठ अकड़ जाती है। ऐसे में सूर्य नमस्कार आपकी कमर दर्द और पीठ दर्द की समस्रू से राहत दिलाता है।

4.वज़न को करे नियंत्रित

सूर्य नमस्कार आपके लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसे करने से शरीर के सभी अंगों पर ज़ोर पड़ता है और शरीर की अनावश्यक चर्बी आने आप कम होने लगती है।

5.हड्डियां होंगी मज़बूत

सूर्य की किरणों से मिलने वाला विटामिन डी हड्डियों को मज़बूती प्रदान करता है। इसके अलावा हड्डियों से जुड़ी समस्याएं भी अपने आप दूर हो जाती है।

6. नींद न आने की दिक्कत दूर

इसे करने से नींद न आने की दिक्कत दूर हो जाती है। दरअसल इन आसनों को करने में तन और मन दोनों को शांति का अनुभव होता है। जब बॉडी पूरी तरह से रिल्क्स हो जाती है और थक जाती है तो ऐसे में अच्छी नींद आती है। इससे शरीर मे हैप्पी हार्मोन रिलीज़ होते हैं।

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सूर्य की किरणों से मिलने वाला विटामिन डी हड्डियों को मज़बूती प्रदान करता है। इसके अलावा हड्डियों से जुड़ी समस्याएं भी अपने आप दूर हो जाती है। चित्र शटरस्टॉक

7.बाल झड़ने की समस्या से मुक्ति

नियमित योग करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सुचारू हो जाता है। इससे न सिर्फ चेहरे पर निखार बढ़ने लगता है बल्कि एक्ने की समस्या भी खत्म हो जाती है। साथ ही निरतंर बाल झड़ने की समस्या से राहत मिलती है। सूर्य नमस्कार के विभिन्न आसन समय से पहले सफेद हो रहे बालों की दिक्कत पर भी अंकुश लगाने का काम करते हैं।

8. पीरियड्स की समस्या होगी दूर

सूर्य नमस्कार हमारे शरीर को एकि्अव और उर्जा से भरपूर रखता है। ये आसन थायरॉयड गलैंड को स्टिम्यूलेट करने का करते हैं। इसके अलावा रूटीन सूर्य नमस्कार की प्रैक्टिस से महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म चक्र को रेगयुलर करने और डिलीवरी के समय में मदद करता है। साथ ही चेहरे को ग्लोई बनाने में मदद करता है और समय से पहले चेरे पर दिखने वाली झुर्रियों को पनपने से रोकता है।

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प्राणायाम, आसन, मेडिटेशन और जप को मिलाकर होने वाला सूर्य नमस्कार एक स्थूल व्यायाम है। वाह लाइफ की फांउडर और योग प्रेक्टिशनर सुमिता गुप्ता ने हेल्थशॉटस को सूर्य नमस्कार के स्टेपस और इससे हाने वाले फायदों की जानकारी दी। आइए जानते हैं, इसे करने का तरीका।

आइए जानते हैं, 12 आसनों को जोड़कर बने सूर्य नमस्कार करने की विधि को स्टेप बाय स्टेप

1 प्रणामासन

इसके लिए आप पैर के दोनों पंजों को जोड़कर सीधे खड़े हो जाएं। अंदर की ओर सांस लें। इसके बाद दोनों हाथों को मिलाकर प्रणाम की मुद्रा में आएं।

2 उधर्वहस्तउत्तनासन

अगर प्रणाम की मुद्रा में ही पीठ को पीछे की ओर झुकाएं। हाथों को सिर के उपर से पीछे की ओर ले जाएं।

3 पादहस्तासन

अब ब्रैथ रिलीज करते हुए हाथों से दोनों पैरों को छूएं। इसके बाद सिर से घुटनों को छूएं।

4 अश्व संचालनासन

अब दाएं घुटने को मोड़े और बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं। पीछे की ओर पैर सीधा करें और सिर उपर रखें।

5 पर्वतासन

अब दोनों पैरों को पीछे की ओर ले जाएं। हाथों को मोड़ें और पुशअप्स की पोज़िशन लें।

6 अष्टांगनमनासन

अब उल्टे होकर सिर, नाक और घुटने समेत सभी अंगों को ऩमीन पर लगाएं।

7 भुजंगासन

अब दोनों हाथों को ज़मीन पर टिकाते हुए सिर को पीछे की ओर ले जाएं।

8 पर्वतासन

इसमें दोनों पैरों और हाथों को जमीन पर टिकाएं। कमर को उपर की ओर उठा दें।

9 दक्षिण अश्व संचालनासन

अब बाएं घुटने को मोड़ें और दाएं पैर को पीछे की ओर खीचें। इस आसन में सिर उपर की ओर रहेगा।

10 पादहस्तासन

अब सांस छोड़ते हुए खड़े हो जाएं। दोनों हाथों से पैरो को पकड़ें और घुटने के बीच सिर को टिका दें।

11.हस्तोत्तानासन

अब सीधे खड़े हो जाएं और दोनों हाथों को नमस्कार की मुदा में पीछे की ओर ले जाएं।

12 नमस्कार मुद्रा

अब दोनों हाथों को जोड़े और आंखे बद करके सीधे खड़े हो जाएं। फिर सूर्य नमस्कार करें।

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लेखक के बारे में

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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