आपकी स्किन में मौजूद फैट सेल एक्ने से लड़ने में कर सकते हैं आपकी मदद : अध्ययन

यह नया अध्ययन एक्ने के उपचार की प्रक्रिया को बदल सकता है। जिसमें त्वचा के अंदर मौजूद एक खास तरह के फैट सेल्स एक्ने का उपचार कर सकते हैं।
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बदल सकती है एक्ने की उपचार की प्रक्रिया। चित्र : शटरस्टॉक
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एक्ने या पिंपल सबसे आम समस्याओं में से एक हैं, जो किसी को भी परेशान कर सकते हैं। इनके पीछे कई कारण हो सकते हैं, मगर हर उपाय लक्षणों का उपचार करता है। ऐसे में जरूरी है कि आप इनके होने  के कारणों को समझें। ताकि समाधान की ओर बढ़ा जा सके। इस राह में आपकी थोड़ी और मदद कर पाएगा यह नया अध्ययन। जिसने आपके चेहरे में ही इसका समाधान ढूंढ निकाला है। आइए जानते हैं, एक्ने और पिंपल के बारे में क्या कहता है यह नया अध्ययन। 

हाल ही में एक अध्ययन में यह दावा किया गया कि हमारी स्किन में मौजूद फैट सेल एक्ने से लड़ने में हमारी सहायता कर सकते हैं। 

अध्ययन चूहों की त्वचा और ह्यूमन पिंपल पर किया गया था। जिसमें पाया गया कि मुंहासे और घावों को वसा-उत्पादक फाइब्रोब्लास्ट द्वारा बारीकी से नियंत्रित किया जाता है। क्या है यह अध्ययन और आपके कैसे काम आ सकता है चलिए विस्तार से समझते हैं।

जानिए क्या है फाइब्रोब्लास्ट? 

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एक्ने से लड़ सकते हैं स्किन फैट सेल। चित्र : शटरस्टॉक

अध्ययन में जिस फैट सेल की बात की गई है वह फाइब्रोब्लास्ट है। यह हमारे शरीर में सबसे आम प्रकार के कनेक्टिव टिश्यू है। इनका काम हमारी त्वचा की संरचना का उत्पादन और रखरखाव करना होता है। घाव भरने के लिए भी फाइब्रोब्लास्ट महत्वपूर्ण हैं।  हालांकि, मुंहासे में उनकी भूमिका की तुलनात्मक रूप से अनदेखी की गई है।

जानिए क्या है अध्ययन?

यह अध्ययन ‘साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन’ में प्रकाशित किया गया। अध्ययन में शामिल शोधकर्ताओं का मानना है कि स्किन फाइब्रोब्लास्ट का एक उपसमूह वसा कोशिकाओं के अग्रदूत होते हैं। यह अच्छे और पिंपल बनाने वाले जीवाणु द्वारा ट्रिगर किया जा सकता है, जिसे क्यूटिबैक्टीरियम एक्ने कहा जाता है। ये एक्ने की विशेषता वाली सूजन पैदा करने के लिए जिम्मेदार है।

जब हमारी त्वचा संक्रमण का सामना करती है, तो इन विशेष फ़ाइब्रोब्लास्ट्स को प्रतिक्रियाशील reactive adipogenesis नामक प्रक्रिया में फैट सेल में बदलने के लिए प्रेरित किया जाता है। साथ ही, यह प्रक्रिया कैथेलिसिडिन के रिलीज को भी ट्रिगर करती है, एक पेप्टाइड रोगाणुरोधी गुणों के साथ।

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय सैन डिएगो के त्वचा विशेषज्ञ रिचर्ड गैलो कहते हैं, “ये निष्कर्ष हमारे मुंहासे के इलाज के तरीके को बदल सकते हैं।” वह आगे कहते हैं “पहले, यह सोचा गया था कि मुंहासे के विकास के लिए बालों के रोम सबसे महत्वपूर्ण थे। इस अध्ययन में, हमने बालों के रोम के बाहर की कोशिकाओं को देखा और पाया कि बैक्टीरिया को नियंत्रित करने और मुंहासे के विकास पर उनका एक बड़ा प्रभाव था।”

कैसे किया गया अध्ययन? 

शोधकर्ताओं की टीम ने स्किन हेल्थ को बढ़ावा देने वाले विटामिन ए से प्राप्त रसायनों के एक वर्ग, रेटिनोइड्स के साथ कई महीनों तक इलाज किए गए एक्ने पीड़ित लोगों पर त्वचा की बायोप्सी की। शोधकर्ताओं ने ढूंढा कि उपचार के बाद दवा-वर्धित कैथेलिसिडिन अभिव्यक्ति, इस प्रकार एक अतिरिक्त, अज्ञात तंत्र की तलाश में है कि क्यों रेटिनोइड्स मुंहासे के इलाज में मदद करते हैं।  

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एक्ने से पीड़ित लोगों और चूहों पर किया गया शोध। चित्र: शटरस्‍टॉक

इन निष्कर्षों का समर्थन करने के लिए, शोधकर्ताओं ने मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया से इंजेक्शन वाले चूहों पर त्वचा के घावों का अध्ययन किया और चूहों में समान उपचार प्रतिक्रियाओं को देखा।

क्या रहे अध्ययन के परिणाम 

इस अध्ययन के लेखक एलन ओ’नील, पीएचडी, यूसी सैन डिएगो स्कूल ऑफ मेडिसिन में परियोजना वैज्ञानिक, लिखते हैं “हमने जो खुलासा किया वह यह था कि इन कोशिकाओं को क्यूटीबैक्टीरियम एक्ने नामक मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया के जवाब में एक महत्वपूर्ण एंटीमाइक्रोबायल, कैथेलिसिडिन की बड़ी मात्रा में उत्पादन करने के लिए सक्रिय किया जा सकता है। हमारी स्किन में मौजूद फैट सेल दानों से लड़ने में मदद कर सकते हैं।

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