ग्यारह साल किया गया अध्ययन और पाया कि कैंसर से बचा सकता है मांसमुक्त आहार

Published on: 1 March 2022, 14:00 pm IST

हम सभी पिछले काफी समय से शाकाहारी आहार के लाभों के बारे में सुनते आ रहे हैं। अब इसकी पुष्टि एक लंबी अवधि तक किए गए अध्ययन में भी की गई है।

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कैंसर के जोख़िम को कम कर सकती है शाकाहारी डाइट। चित्र : शटरस्टॉक

सेहत के लिए शाकाहारी भोजन फायदेमंद होता है या मांसाहारी? इस बात पर शुरू से ही बहस चलती रही है। कुछ परिस्थितियों में लोगों को अंडा और रेड मीट जैसे मांसाहारी फूड्स का सेवन करने की सलाह दी जाती है, तो वही शाकाहारी भोजन को बीमारियों के कम जोखिम से जोड़कर देखा जाता है। इन दोनों की अगर आपस में तुलना की जाए, तो यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि शाकाहारी भोजन सेहत के लिए काफी फायदेमंद है।

अगर आप शाकाहारी है और मीट लेस डाइट के समर्थक हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। हाल ही में हुई एक स्टडी में यह सामने आया है कि मांस मुक्त आहार कैंसर के जोखिम को कम करने में भी मददगार हो सकता है। जानना चाहती हैं कैसे, तो बस इसे आखिर तक पढ़ती रहें। 

मांस मुक्त आहार के बारे में क्या कहता है अध्ययन 

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सेहत के लिए अच्छी नहीं है ज़्यादा मासाहारी भोजन। चित्र: शटरस्टॉक

यह अध्ययन वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड और कैंसर रिसर्च यूके द्वारा साथ मिलकर किया गया। इस अध्ययन में जानकारी सामने आई है कि शाकाहारी आहार का पालन करने से मांसाहारी आहार जैसे मछली, मांस की तुलना में कैंसर विकसित होने का सबसे कम जोखिम होता है। अध्ययन कैसे किया गया और इस अध्ययन का निष्कर्ष कैसे निकाला गया चलिए जानते हैं।

कैसे किया गया यह अध्ययन 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऑक्सफोर्ड स्थित टीम ने साल 2006 और साल 2010 के बीच यूके बायो बैंक से एकत्र किए गए करीब 472,000 से अधिक ब्रिटिश वयस्कों के डाटा का विश्लेषण किया। जिसमें उन सभी लोगों के आहार और कैंसर के जोखिम के बीच में संबंध जांचने का प्रयास हुआ। यह यूरोपीय संसद द्वारा कैंसर से लड़ने के लिए प्लांट बेस्ड डाइट को बढ़ावा देने के लिए यूरोपीय संघ के आह्वान के कुछ ही हफ्तों बाद किया गया।

अध्ययन के लिए चार अलग-अलग भागों में बांटे गए प्रतिभागी 

प्रतिभागियों से यह जानकारी इकट्ठा करने के बाद कि उन्होंने कितनी बार मांस खाया और उनका आहार किस प्रकार का था, जानने के लिए शोधकर्ताओं ने इन्हें चार श्रेणियों में बांट दिया जिसमें :

1: पहले नंबर पर उन लोगों को रखा गया जो रोजाना मांस खाते थे। यानी हफ्ते में 5 बार से अधिक मांसाहारी भोजन का सेवन करते थे।

2: दूसरे समूह में उन लोगों को रखा गया जिनकी मांसाहारी भोजन की मात्रा कम थी। वह एडल्ट जो हफ्ते में 5 बार से कम मांस का सेवन करते थे।

3: तीसरे समूह में पेसटेरियन व्यक्तियों को रखा गया। यह वह लोग होते हैं, जो मछली और पौधों पर आधारित भोजन करते हैं। यानी मिलाजुला भोजन शाकाहारी और मांसाहारी।

4: चौथे समूह में उन लोगों को रखा गया जो पूर्ण रूप से शाकाहारी थे और कभी मांस का सेवन नहीं करते थे।

अध्ययन बताता है कि जब इन सभी समूह के लोगों को भर्ती कराया गया, तो उनमें से कोई भी कैंसर से पीड़ित नहीं था। सब ही कैंसर मुक्त थे। यह देखने के लिए कि क्या उन्होंने किसी प्रकार का कैंसर विकसित किया। चारों समूह के लोगों को 11 सालों तक फॉलो किया गया।

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शाकाहारियों होने के हैं कई लाभ। चित्र: शटरस्टॉक

ये रहा अध्ययन का निष्कर्ष 

11 साल बाद इस अध्ययन का निष्कर्ष सामने आया, जिसमें पता चला कि 12 प्रतिशत प्रतिभागियों, जिनकी संख्या 54,961 थी, ने प्रोस्टेट कैंसर से लेकर पोस्टमेनोपॉज़ल स्तन कैंसर तक विभिन्न प्रकार के कैंसर विकसित किए। नियमित मांस खाने वालों की तुलना में, कम मांस खाने वाले होने के कारण कैंसर के दो प्रतिशत कम जोखिम से जुड़ा था। इस बीच, pescatarians में 10 प्रतिशत कम जोखिम था और शाकाहारियों में कैंसर विकसित होने की संभावना 14 प्रतिशत कम थी।

जबकि शोधकर्ताओं ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कम मांस खाने वाला, मांसाहारी या शाकाहारी होना सभी कैंसर के कम जोखिम से जुड़ा था, धूम्रपान और बॉडी मास इंडेक्स जैसे अन्य कारक भी एक भूमिका निभा सकते हैं।

यह भी ध्यान रखें 

अध्ययन सलाह देता है कि विशिष्ट आहार-व्यवहार जैसे कि मांस का सेवन कम करना और शाकाहारी भोजन का पालन करना कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। तो गर्ल्स, स्वस्थ आहार का पालन करें और स्वस्थ रहें।

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अक्षांश कुलश्रेष्ठ अक्षांश कुलश्रेष्ठ

सेहत, तंदुरुस्ती और सौंदर्य के लिए कुछ नई जानकारियों की खोज में

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