भारत में 100 मिलियन से भी ज्यादा हुए डायबिटीज के मरीज, ICMR की स्टडी में आया सामने, पहचानिए क्या हैं इसके प्रारंभिक संकेत

यूके मेडिकल जर्नल 'लैंसेट' में प्रकाशित आईसीएमआर के एक अध्ययन के अनुसार, 2019 में 70 मिलियन लोगों की तुलना में अब भारत में 100 मिलियन से अधिक लोग मधुमेह के शिकार हैं।
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भारत में 100 मिलयन से भी ज्यादा लोग मधुमेह के शिकार हैं।
संध्या सिंह Updated: 18 Oct 2023, 15:28 pm IST
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आईसीएमआर का एक ताजा अध्ययन सामने आया है, जिसमें भारत में 100 मिलयन से भी ज्यादा लोग मधुमेह (Diabetes in India) के शिकार हैं। बताया गया है कि ये संख्या 4 साल में 44 प्रतिशत बढ़ी है। कई विकसित राज्यों में संख्या स्थिर है लेकिन कई राज्यों में संख्या बढ़ रही है। कम से कम 136 मिलियन लोग, या 15.3% जनसंख्या प्रीडायबिटिक है। प्रीडायबिटिक (Prediabetic) होने का अर्थ है डायबिटीज का जोखिम (Diabetes risk) बढ़ जाना। मगर समय रहते इसके लक्षणों (Early signs of diabetes) को पहचानना और जीवनशैली में स्वस्थ बदलाव करना आपको डायबिटीज के जोखिम से बचा (Tips to avoid diabetes) सकता है। आइए जानते हैं कैसे।

क्या कहता है नया अध्ययन

आईसीएमआर ने कुल 1,13 043 व्यक्तियों पर अध्ययन किया (ग्रामीण क्षेत्रों से 79,506 और शहरी क्षेत्रों से 33,537) व्यक्तियों को शामिल किया गया, जिन्होंने 18 अक्टूबर 2008 और 17 दिसंबर 2020 के बीच ICMR-INDIAB अध्ययन में भाग लिया, 11.4% को टाइप 1 और टाइप 2 दोनों तरह के डायबिटीज था, प्रीडायबिटीज 15.3%, उच्च रक्तचाप 35.5%, मोटापा 28·6%, पेट का मोटापा 39.5%, और डिसलिपिडेमिया 81.2% को था।

गलत लाइफस्टाइल है डायबिटीज का प्रमुख कारण (Causes of diabetes)

डायबिटीज के बारे में ज्यादा जानकारी दी हमें डायटीशियन और वेट लॉस एक्सपर्ट शिखा कुमारी ने। शिखा कुमारी बताती है कि मधुमेह एक पुरानी स्थिति है जो शरीर में पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने या प्रभावी रूप से इंसुलिन का उपयोग करने में असमर्थता के कारण उच्च रक्त शर्करा के स्तर (हाइपरग्लेसेमिया) के कारण होता है।

इंसुलिन एक हार्मोन है, जो रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है और कोशिकाओं को ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का उपयोग करने की अनुमति देता है। मधुमेह के दो मुख्य प्रकार टाइप 1 मधुमेह और टाइप 2 मधुमेह हैं।

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क्या है डायबिटीज के लक्षण और कारण जान लें चित्र : शटरस्टॉक

क्या हैं मधुमेह के कारण और प्रारंभिक लक्षण (Early signs of diabetes)

टाइप 1 डायबिटीज का कारण (Causes of Diabetes type 1)

ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया- शिखा कुमारी बताती हैं कि टाइप 1 मधुमेह एक ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया का परिणाम माना जाता है जहां प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अग्न्याशय में इंसुलिन उत्पादक कोशिकाओं पर हमला करती है और नष्ट कर देती है।

आनुवंशिक प्रवृत्ति- कुछ जीन व्यक्तियों को टाइप 1 मधुमेह के विकास के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकते हैं।

पर्यावरणीय कारक- वायरल संक्रमण और अन्य पर्यावरणीय ट्रिगर ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया को ट्रिगर करने में भूमिका निभा सकते हैं।

टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण (symptoms of Diabetes type 1)

बार-बार पेशाब आना- उच्च रक्त शर्करा के स्तर से प्यास और पेशाब में वृद्धि होती है। जिससे आपको बार बार पानी पीने की जरूरत महसूस होती है।

बिना किसी कारण वजन घटना- शरीर मूत्र के माध्यम से ग्लूकोज खो देता है, जिससे भूख बढ़ने के बावजूद वजन कम होता है। अगर वजन अचानक कम होने लगे, तो इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए।

थकान और कमजोरी- कोशिकाओं द्वारा अपर्याप्त ग्लूकोज का अवशोषण करने से ऊर्जा की कमी हो जाती है। जिससे आपको थकान और कमजोरी महसूस होती है।

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धुंधला दिखाई देना- उच्च रक्त शर्करा के स्तर के कारण आंखों के लेंस से द्रव खत्म हो जाता है, जिससे फोकस प्रभावित होता है।

टाइप 2 डायबिटीज के कारण (Causes of type 2 diabetes)

इंसुलिन प्रतिरोध- शरीर इंसुलिन के प्रभावों के प्रति कम संवेदनशील हो जाता है, जिससे उच्च रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है।

आनुवंशिकी- यदि आपके परिवार में किसी को डायबिटीज की समस्या है या कोई इतिहास रहा है तो टाइप 2 मधुमेह होने का जोखिम बढ़ जाता है।

जीवनशैली कारक- गतिहीन जीवन शैली, खराब आहार, मोटापा और अस्वास्थ्यकर खाने की आदतें टाइप 2 मधुमेह में योगदान करती हैं।

How to control diabetes
डायबिटीज के मरीजों में कोशिकाओं द्वारा अपर्याप्त ग्लूकोज का अवशोषण करने से ऊर्जा की कमी हो जाती है। चित्र शटरस्टॉक।

टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण (Early signs of type 2 diabetes)

शिखा कुमारी बताती हैं कि टाइप 2 मधुमेह आमतौर पर धीरे-धीरे विकसित होता है, और लक्षण हल्के हो सकते हैं या शुरुआत में किसी का ध्यान नहीं जाता है।

हाथों या पैरों में झुनझुनी या सुन्नता- ऊंचा रक्त शर्करा का स्तर नसों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे पेरिफरल न्यूरोपैथी हो सकती है।

संक्रमण- इस्ट संक्रमण (विशेष रूप से महिलाओं में) और मूत्र पथ के संक्रमण अधिक सामान्य हो सकते हैं।

घाव और संक्रमण का धीरे ठीक होना- खराब रक्त परिसंचरण और प्रतिरक्षा समारोह के ठीक से काम न करने के कारण किसी भी घाव के उपचार में देरी हो सकता है।

थकान- कोशिकाएं ऊर्जा से वंचित हो सकती हैं क्योंकि ग्लूकोज उनमें प्रभावी रूप से प्रवेश नहीं कर पाता है। जिससे आपको अधिक थकान महसूस हो सकती है।

याद रखें

डायबिटीज एक लाइफस्टाइल डिसऑर्डर है। यह खानपान और जीवनशैली की गलत आदतों के कारण विकसित होता है। मधुमेह से बचने के लिए यह जरूरी है आप अपने खानपान को संतुलित रखें और शारीरिक रूप से सक्रिय जीवनशैली अपनाएं।

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लेखक के बारे में

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं। ...और पढ़ें

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