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कोविड-19 के कारण प्रभावित हुए एचआईवी, टीबी और मलेरिया संबंधी कार्यक्रम, ग्लोबल फंड की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Updated on: 10 September 2021, 12:58pm IST
ग्लोबल फंड द्वारा बुधवार को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 ने 2020 में एचआईवी (HIV), टीबी (TB) तथा मलेरिया (malaria) के खिलाफ लड़ाई को प्रभावित किया है।
अदिति तिवारी
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covid-19 ke asar par global fund ki report
कोविद-19 के असर पर ग्लोबल फंड की रिपोर्ट। चित्र: शटरस्टॉक

2020 कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया को बुरी तरह प्रभावित किया है। आंकड़ों के अनुसार अब तक 135 मिलियन से अधिक लोग इससे संक्रमित हुए हैं, 2.9 मिलियन से अधिक लोग मारे गए, और इसके कारण 115 मिलियन लोग गरीबी रेखा के नीचे आ गए। 

लेकिन इस महामारी की तबाही यही तक नहीं रुकी है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में इसने भारी क्षति पहुंचाई है। कोविड-19 के कारण अन्य भयंकर बीमारियों जैसे एचआईवी (HIV), टीबी (TB) और मलेरिया (malaria) पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 

इन रोगों से ग्रसित लोग समय पर डॉक्टर, दवा और वैक्सीनेशन (vaccination) की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं। कोविड- 19 से पहले मलेरिया (malaria) और एचआईवी (HIV) वैश्विक स्तर पर सबसे घातक बीमारियां थीं। वहीं दूसरी ओर टीबी (TB) गरीबों को शिकार बना रहा दुनिया का प्रमुख संक्रामक रोग था। 

Covid- 19 ke prabhaw par global fund ki report
कोविड-19 के प्रभाव पर ग्लोबल फंड की रिपोर्ट चित्र: शटरस्टॉक

क्या है ग्लोबल फंड की रिपोर्ट? 

रिपोर्ट में सामने आया है कि थोड़ी प्रगति के बावजूद ग्लोबल फंड के इतिहास में पहली बार इन बीमारियों के प्रति जागरूकता कार्यक्रमों में भरी गिरावट हुई है। 

ग्लोबल फंड के निदेशक पीटर सैंडस (Peter Sands) ने कहा, “इस साल हमारी 20वी वर्षगांठ होने के कारण हमने सोच था कि एचआईवी (HIV),टीबी (TB) और मेलरिया (malaria) के खिलाफ इस लड़ाई में हम असाधारण उपलब्धि हासिल करेंगे। लेकिन 2020 को कुछ और मंजूर था। इसने हमें कोविड-19 वैश्विक महामारी का सामना कराया।”

टीबी (TB) और एचआईवी (HIV) से लड़ाई की स्थिति 

2020 में ग्लोबल फंड निवेश देशों में टीबी (TB) के इलाज वाले मरीजों की संख्या 19% कम हो गई। वहीं जो लोग बड़े पैमाने पर टीबी की दवा ले रहें थे उनमें 37% गिरावट आई है। 

एंटीरेट्रोवाइरल (antiretroviral) उपचार के साथ-साथ टीबी (TB) उपचार और एचआईवी पॉजिटिव टीबी (HIV positive TB) रोगियों की संख्या में 16% की गिरावट आई है। रिपोर्ट में आर्थिक रूप से कमजोर आबादी के लिए एचआईवी (HIV) टेस्टिंग और रोकथाम की सेवाओं में महत्वपूर्ण गिरावट पर भी प्रकाश डाला गया है। 

अपने बच्चों को एचआईवी (HIV) संक्रमण से बचाने के लिए दवा लेने वाली माताओं में 4.5% की गिरावट आई है, जबकि एचआईवी (HIV) टेस्टिंग में भी 22% की कमी हुई है। इससे अधिकांश देशों में एचआईवी (HIV) उपचार रुक गया है।

 

malaria ka ilaaj ho raha hai prabhavit
मलेरिया का इलाज हो रहा है प्रभावित। चित्र: शटरस्टॉक

मलेरिया (Malaria) रोगियों की अवस्था

ग्लोबल फंड द्वारा जारी  रिपोर्ट्स बताती हैं कि कोविड-19 महामारी में मलेरिया (malaria) से निपटने के लिए किए गए कार्यक्रम अन्य दो बीमारियों की तुलना में कम प्रभावित हुए हैं। 

रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि मलेरिया (malaria) के लिए रोकथाम गतिविधियां 2019 की तुलना में स्थिर या बढ़ी हुई हैं क्योंकि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने मच्छरदानी और मलेरिया रोधी (anti-malarial) दवा का सप्लाई जारी रखा था। 

सप्लाई की गई मच्छरदानी की संख्या में 17% की वृद्धि हुई वही मच्छरों को मारने की दवाई के छिड़काव  में 3% की वृद्धि हुई। 2020 में, 11.5 मिलियन (11.5 million) गर्भवती महिलाओं को मलेरिया (malaria) से बचने की चिकित्सा प्राप्त हुई है। हालांकि, मलेरिया (malaria) के टेस्टिंग में 4.3% की गिरावट आई है। 

इन बीमारियों से लड़ने की वर्तमान योजना  

कोविड-19 के कारण हुए इस प्रभाव से उभरने के लिए देश और समुदाय नए विकास कर रहे हैं और सेवाओं को सक्षम बनाने के लिए जुट गए हैं। 

अगस्त 2021 तक, ग्लोबल फंड ने 100 से अधिक देशों को एचआईवी (HIV), टीबी (TB) और मलेरिया (malaria)  कार्यक्रमों के लिए , महत्वपूर्ण टेस्टिंग, उपचार, चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करने, फ्रंट-लाइन (front-line) स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की रक्षा करने और कमजोर को तत्काल सुविधा देने के लिए कुल 3.3 बिलियन (3.3 billion) अमेरिकी डॉलर की मंजूरी दी है। 

एचआईवी (HIV), टीबी (TB) और मलेरिया (malaria)  से हो रहे नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए सही योजना तथा दृष्टिकोण को सुरक्षित रूप से लागू कर रहे है। 

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अदिति तिवारी अदिति तिवारी

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