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आपको कब्‍ज है क्‍या? यह मजाक ही नहीं, कई परेशानियों की वजह भी है, पर योग में है समाधान

Updated on: 19 June 2020, 19:40pm IST
कब्‍ज अपने आप में न केवल एक परेशानी है, बल्कि और कई परेशानियों की जड़ है। इसलिए योग में सक्रिय जीवनशैली की सिफारिश के साथ कुछ ऐसे योगासन बताए गए हैं, जो आपको इस समस्‍या से निजात दिला सकते हैं।
योगिता यादव
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कब्‍ज से मुक्ति पाने के लिए आप योगासन का अभ्‍यास करें।चित्र: शटरस्‍टॉक

दिन भर एक ही कुर्सी पर जमे रहना। अगर कुछ बदलता भी है तो बस खाने की प्‍लेट। इस रूटीन में आपका शरीर बिल्‍कुल निष्क्रिय होता है और फूड क्रेविंग काफी बढ़ जाती है। इसका परिणाम नजर आता है पेट संबंधी ढेरों परेशानियों के साथ। अगर आपको भी हर रोज सुबह फ्रेश होने में दिक्‍कत हो रही है, तो इसका मतलब है कि आपका पाचन और बाउल मूवमेंट गड़बड़ हो रहा है।

कब्‍ज होने के होते हैं कई कारण

व्‍यायाम न करना कब्ज का एक बड़ा कारण है। पर केवल यही एक कारण नहीं है। मौजूदा लाइफस्‍टाइल में कब्‍ज अब ज्‍यादातर लोगों की समस्‍या हो चुकी है। इसके लिए अनहेल्‍दी फूड के साथ-साथ अनियमित डाइट रूटीन भी जिम्‍मेदार है।

इसके अलावा गरिष्‍ठ भोजन या मांस आदि का सेवन जिन्‍हें पचाना मुश्किल होता है,  फास्ट-फूड जिनमें मैदा का इस्‍तेमाल होता है,  स्‍मोकिंग और अल्‍कोहल का सेवन शामिल है। इसके अलावा तनाव और अनिद्रा भी आपके बाउल मूवमेंट को प्रभावित करता है।

अनियमित और अनहेल्‍दी ईटिंग हेबिट्स भी कब्‍ज का कारण हो सकती हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

पर निराश होने की जरूरत नहीं है। योग में कुछ ऐसे खास आसन यानी मुद्राएं बताई गई हैं जो आपके पाचन तंत्र को दुरुस्‍त कर बाउल मूवमेंट को भी बेहतर बनाए रखती हैं।

1 वज्रासन

योग विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि ज्‍यादातर आसनों को अंत वज्रासन में करना चाहिए। यह एकमात्र आसन है,‍ जिसे आप खाना खाने के बाद भी कर सकती हैं। असल में, अगर आप खाना खाने के बाद कुछ देर इस मुद्रा में बैठती हैं तो यह आपके खाने को पचाने में भी मददगार होगा।

ऐसे करें वज्रासन

इसके लिए आपको घुटनों को जमीन पर रखना है और अपने कूल्‍हों का भार अपनी एडियों पर डालकर बैठ जाना है। इस तरह कि आपकी जांघें आपकी पिंडलियों के उपर हों। इसमें आपके दोनों हाथ सामने की ओर आपकी जांघ के उपर होंगे। है न सबसे आसान आसन।

वज्रासन एक जरूरी आसन है, जो आपको कब्‍ज में आराम दिला सकता है। चित्र: योग गुरू अक्षर

2 सुप्तवज्रासन

अगर आप वज्रासन में बैठना सीख गई हैं तो सुप्‍त वज्रासन को समझना और करना दोनों ही आपके लिए आसान होगा। यह आपकी पीठ को भी आराम देगा।

ऐसे करें सुप्‍त वज्रासन

सबसे पहले उपरोक्‍त विधि से वज्रासन में बैठ जाएं। अब हाथों को धीरे-धीरे फर्श पर टिकाएं और शरीर को पीछे की ओर खींचते हुए आराम से लेट जाएं। पैर आपके अब भी वज्रासन में ही बंधे हुए हैं। इसी मुद्रा में कुछ देर आराम से सांस लें। हाथों को नमस्‍कार की मुद्रा में जोड़े रखें। अब वापस अपनी पुरानी पोजीशन यानी वज्रासन में आ जाएं। आप इसे 1 से 3 बार इस आसन को कर सकती हैं।

3 मयूरासन

इस आसन को मयूरासन इसलिए कहा गया है क्‍योंकि इसमें आपकी मुद्रा मयूर के जैसी दिखने लगती है। यह थोड़ा कठिन आसन है। पर इसके लिए आपको धीरे-धीरे अभ्‍यास करना होगा।

इस तरह करें मयूरासन

सबसे पहले अपने दोनों हाथों को अपने घुटनों के बीच में रखें| अब अपने हाथ के अंगूठे और अंगुलियां अंदर की ओर रखते हुए हथेली जमीन पर टेकें| अब अपनी कोहनियों को नाभि के दाएं-बाएं अच्छे से जमा लें और धीरे-धीरे पैर उठाएं। इसमें आपके दोनों हाथों पर संतुलन होना जरूरी है।

अब अपने हाथ के पंजे और कोहनियों के बल पर धीरे-धीरे सामने की ओर झुकते हुए शरीर को आगे झुकाने के बाद पैरों को धीरे-धीरे सीधा कर दें। सामान्य स्थिति में आने के लिए पहले पैरों को जमीन पर लाएं और फि‍र वज्रासन में बैठ जाएं।

4 पश्चिचमोत्तानासन

यह भी एक कठिन आसन है। देखने में भले ही आसान लगे पर इसे सावधानी पूर्वक करना चाहिए। यह केवल खाली पेट किया जाना चाहिए। इसलिए बेहतर है कि आप इसे सुबह के समय करें।

इस तरह करें पश्चिचमोत्तानासन

दोनों पैरों को एक साथ जोड़कर सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं। पैर एकदम सीधे हों और आपकी गर्दन, पीठ और सिर भी एकदम सीधा होना चाहिए। आपकी दोनों ह‍थेलियां घुटनों पर रखें। अब अपने सिर और धड़ घुटनों की ओर झुकाएं। ध्‍यान रहे कि घुटने मुड़ें न और हाथों से अपने पैरों की अंगुलियों को छूने की कोशिश करें।

कोशिश करें कि आपका माथा आपके घुटनों को टच करे। धीरे-धीरे श्‍वास लें और छोड़ें। अगर यह आपके लिए संभव होने लगे तो धीरे-धीरे कोहनियों को जमीन से टच करने की कोशिश करें। इस आसन को तीन से चार बार दोहराएं।

5 धनुरासन

कब्‍ज दूर करने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए यह पांचवां जरूरी आसन है। यह आपकी पीठ में लचीलापन लाता है और आपकी लोअर बॉडी को मजबूत बनाता है।

इस तरह करें धनुरासन

सबसे पहले पेट के बल पर लेट जाएं। इसके बाद दोनों घुटनों को मोड़ें और पैरों को पीछे की ओर उठाते हुए झुकाएं। आपकी आकृति धनुष की तरह बनने लगेगी, अब आपको अपने हाथों से अपनी एडियों को पकड़ना है।

अब पैरों को थोड़ा और ऊपर उठाएं और और सांस लेते हुए हाथ से अपनी एड़ियों को खींचने की कोशिश करें। एड़ियों को खींचते समय पेट के वजन का संतुलन बनाए रखें और सिर को बिल्कुल सीधा रखें। धीरे-धीरे एडियों को छोड़े और सामान्‍य अवस्‍था में लेट जाएं। तीन से चार बार इस मुद्रा को दोहराएं।

तो लेडीज ये वे आसन हैं, जिन्‍हें अपने डेली योग सेशन में शामिल करके आप अपने पाचन तंत्र को दुरुस्‍त कर सकती हैं।

इससे आपको कब्‍ज, अपच और गैस आदि की समस्‍या से निजात मिलेगी। इसके साथ ही इनसे आपके शरीर का लचीलापन भी बढ़ेगा।

1 Comment

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योगिता यादव योगिता यादव

पानी की दीवानी हूं और खुद से प्‍यार है। प्‍यार और पानी ही जिंदगी के लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी हैं।