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एक्सरसाइज से सिर्फ दो सप्ताह का ब्रेक आपके स्‍वास्‍थ्‍य को दे सकता है ये 5 नुकसान

Updated on: 14 January 2021, 14:36pm IST
एक्सरसाइज के दौरान 1-2 दिन का ब्रेक लेना सामान्य है, लेकिन जब आप एक्सरसाइज से कुछ हफ्तों का ब्रेक लेते हैं तो यह आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, हम आपको एक्सरसाइज से ब्रेक लेने से शरीर पर पड़ने वाले 5 प्रभावों के बारे में बता रहे हैं। 
विनीत
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एक्सरसाइज से ब्रेक लेना, आपके महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकता है। चित्र-शटरस्टॉक।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहना आपके स्‍वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए हर रोज कम से कम 45 मिनट के वर्कआउट की सिफारिश की जाती है। पर धुंध भरे सीजन में ज्‍यादातर लोग इस पर भी कायम नहीं रह पाते। वे  सोचते हैं कि कुछ दिन या सप्ताह के लिए एक्सरसाइज स्किप करना समान्य है और इसका स्वास्थ्य पर कुछ खास असर नहीं पड़ता है।

पर वास्तव में ऐसा नहीं है। वर्कआउट से कुछ दिन या सप्ताह का ब्रेक लेना आपकी महीनों और सालों की मेहनत पर पानी फेर सकता है। हम बता रहे हैं केवल दो सप्‍ताह वर्कआउट स्किप करने से आपके शरीर पर पड़ने वाले नकारात्‍मक प्रभावों के बारे में।

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केवल दो सप्ताह की बाधा शारीरिक फिटनेस में महत्वपूर्ण गिरावट का कारण बन सकती है। एप्लाइड फिजियोलॉजी के जर्नल के एक अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला है कि सिर्फ 14 दिन का ब्रेक हार्ट हेल्‍थ, मांसपेशियों और इंसुलिन संवेदनशीलता को कम करता है।

  1. एरोबिक क्षमता कम हो जाती है

वर्कआउट करना हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। लेकिन जब आप कुछ कुछ हफ्तों के लिए एक्‍सरसाइज स्किप करती हैं, तो आपका दिल न सिर्फ अतिरिक्त प्रवाह को संभालने की अपनी क्षमता को खोना शुरू कर देता है, साथ ही आपके शरीर की ऑक्सीजन को प्रभावी ढंग से उपयोग करने की क्षमता, जिसे VO2 मैक्स कहा जाता है, उसमें भी गिरावट आती है।

एरोबिक्‍स ब्रेन में ब्‍लड सर्कुलेशन को दुरस्‍त कर मेमोरी लॉस से बचाती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

एक अन्य अध्ययन में पाया गया है कि दो से तीन महीनों में व्यायाम के माध्यम से प्राप्त की गई अधिकांश एरोबिक क्षमता, दो से चार सप्ताह वर्काउट स्किप करने के चलते खो जाती है।

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  1. मांसपेशियों में परिवर्तन हो सकता है

जब आप कुछ समय के लिए वर्कआउट करना बंद कर देती हैं, और फिर से इसकी शुरुआत करती हैं, तो आप निस्संदेह अपनी मांसपेशियों में परिवर्तन को नोटिस करेंगे। वे छोटी और कमजोर हो जाएंगी। यदि आप उच्च तीव्रता का व्यायाम या भार प्रशिक्षण कर रहे हैं, तो आप अपने मांसपेशियों के धीरज में कमी पाएंगे। इससे वर्काउट के दौरान आपकी मांसपेशियों के चोटिल होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

  1. बॉडी शेप बिगड़ सकती है

एक फिट और आकर्षक बॉडी पाने के लिए हम क्या कुछ नहीं करते हैं। लेकिन जब हम कुछ हफ्तों के लिए अपने वर्कआउट को स्किप कर देते हैं, तो हमारे बॉडी शेप में परिवर्तन होने लगता है। जिस बॉडी शेप को प्राप्त करने के लिए हम महीनों और सालों से वर्काउट कर रहे थे, वह कुछ हफ्तों के लिए वर्काउट को स्किप करने से आसानी से प्रभावित हो सकती है। साथ ही अगर वर्काउट को स्किप करने के दौरान आप संतुलित आहार का पालन नहीं करते हैं, तो आपका वजन भी बढ़ सकता है।

  1. ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है

व्यायाम करने के एक महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह आपके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। लेकिन जब आप कुछ हफ्तों के लिए एक्सरसाइज स्किप करती हैं, तो आपका ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार आप 6 महीनों के कड़े प्रशिक्षण के बाद आप जितना ब्लड प्रेशर कम करते हैं, सिर्फ दो हफ्तों के लिए वर्काउट न करने से ब्लड प्रेशर में तेजी से वृद्धि होती है।

जब कोशिकाएं पर्याप्‍त ग्‍लूकोज ग्रहण नहीं कर पाती तब स्थिति खतरनाक हो सकती है।चित्र: शटरस्टॉक
जब कोशिकाएं पर्याप्‍त ग्‍लूकोज ग्रहण नहीं कर पाती तब स्थिति खतरनाक हो सकती है।चित्र: शटरस्टॉक
  1. मधुमेह का जोखिम बढ़ जाता है

आम तौर पर, आपके खाने के बाद आपका रक्त शर्करा बढ़ जाता है, फिर आपकी मांसपेशियां और अन्य ऊतक ऊर्जा के लिए आवश्यक शर्करा को अवशोषित करते हैं। जब आप लगातार व्यायाम करते हैं तो आपका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। लेकिन जब आप कुछ हफ्तों के लिए एक्‍सरसाइज नहीं करती हैं, तो ब्लड शुगर लेवल के अनियंत्रित होने और मधुमेह का जोखिम बढ़ जाता है।

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मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स एंड एक्सरसाइज में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि रक्त शर्करा का स्तर युवा, आम तौर पर स्वस्थ व्यक्तियों में सिर्फ 3 दिनों की निष्क्रियता के बाद बढ़ा है। गतिहीन होने का दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम यह है कि लगातार ग्लूकोज का स्तर बढ़ने से आपके हृदय रोग और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।

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विनीत विनीत

अपने प्यार में हूं। खाने-पीने,घूमने-फिरने का शौकीन। अगर टाइम है तो बस वर्कआउट के लिए।