Yoga for PCOS : एक्सपर्ट से जानें पीसीओएस को कंट्रोल करने के लिए 4 प्रभावी योगासन

योग आपको तात्कालिक लाभ नहीं देता, पर इसके नियमित अभ्यास से आपके समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है। फिर चाहें वह पीरियड्स को रेगुलर करने की बात हो या प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार की।

pcos ko thik karne ke liye karein yoga
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) के लिए योगा करें। चित्र : शटरस्टॉक
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पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक ऐसी स्वास्थ्य स्थिति है, जिसमें महिलाओं में हार्मोन असंतुलित हो जाता है। इसकी वजह से अनियमित पीरियड्स और कई बार इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है। पीसीओएस से पीड़ित माहिलाओं में पीरियड्स मिस भी हो सकते हैं। साथ ही, महिलाओं में इस समस्या की वजह से अंडे का उत्पादन नही हो पाता है और गर्भधारण करने में कठिनाई होती है। पर योग में कुछ आसन हैं, जो इस स्थिति को कंट्रोल करने में आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन योगासनों के बारे में जो पीसीओएस (Yoga for PCOS ) को मैनेज करने में आपकी मदद कर सकते हैं।

क्या हैं पीसीओएस के संभावित कारण

पीसीओएस जेनेटिक्स और पर्यावरणीय फैक्टर की वजह से होता है। अस्वस्थ खानपान, बहुत ज्यादा तनाव, शारीरिक गतिविधि की कमी और बहुत ज्यादा वजन कुछ ऐसी स्थितियां हैं जो महिलाओं को पीसीओएस से पीड़ित होने के लिए ज्यादा संवेदनशील बनाती हैं। पीसीओएस का कोई इलाज नहीं है, इलाज में गर्भनिरोधक गोलियों या डायबिटीज की दवाओं के उपयोग के माध्यम से हार्मोनल स्तर को संतुलित किया जा सकता है।

इस स्थिति से पीड़ित महिलाओं को नियमित शारीरिक एक्सरसाइज करने और वजन घटाने की सलाह दी जाती है। इसलिए हमने जिंदल नेचरक्योर इंस्टीट्यूट की सीनयर योग टीचर, श्रीमती दीपिका दीक्षित, से कुछ योगासन जानें, जो पीसीओएस को कम करने में आपकी मदद करेंगी।

चलिये दीपिका दीक्षित, से जानते हैं पीसीओएस को कम करने के लिए कुछ योगासन

1 बद्धकोणासन (Badhakonasana)

बद्धकोणासन से पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, आराम मिलता है, तनाव कम होता है और प्रजनन अंगों को मदद मिलती है।

कैसे करें आसन

इस आसन को करने के लिए आपको अपनी रीढ़ को सीधा करके और पैरों को सामने की ओर फैलाकर सीधे बैठना होता है।
आसन में बैठने के बाद आगे झुकें और पैरों को पेल्विक के करीब लाएं, तलवों को को छूएं।
उंगली को इंटरलॉक करें और पैरों को मजबूती से पकड़ें।
एड़ियों को जननांगों की ओर खींचें और गहरी सांस लें, जांघों और घुटनों को हल्का दबाव देकर फर्श की ओर दबाएं।
इस स्थिति में तब तक रहें जब तक आपको यह आरामदायक लगे।
फिर सांस भरते हुए घुटनों को फर्श से ऊपर उठाएं और पैरों को सामान्य इस स्थिति में वापस ले जाएं।

2 भारद्वाजासन (Bharadvaja’s Twist)

इस आसन को नियमित रूप से करने से पीठ के निचले हिस्से, गर्दन और कंधे की अकड़न और दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। इससे गर्भाशय की मांसपेशियां टोन हो जाती हैं।

कैसे करें यह आसन

इस आसन को करने के लिए अपने घुटनों को मोड़ें और शरीर के वजन को दाहिने नितंब पर रखते हुए उन्हें बाएं कूल्हे के करीब लाएं।
बाएं टखने को दाहिने पैर के आर्च पर रखें और दाहिने हाथ को फर्श पर।
अब बाएं हाथ को दाहिनी जांघ के बाहरी हिस्से पर रखते हुए अपने ऊपरी शरीर को जितना संभव हो सके दाईं ओर मोड़ें।
हर बार सांस लेते हुए अपने शरीर को और मोड़ने की कोशिश करें।
एक मिनट के लिए इस स्थिति में रहें और फिर आराम से पहले जैसी सामान्य मुद्रा में वापस आ जाएं।
यही प्रक्रिया विपरीत दिशा में बाएं नितंब पर वजन को शिफ्ट करते हुए दोहराएं।

pcos ke liye cobra pose
भुजंगासन रीढ़ की हड्डी के लिए बहुत लाभदायक है। चित्र- शटर स्टॉक

3 भुजंगासन (Cobra Pose)

कोबरा मुद्रा पेट और पेल्विक एरिया पर हल्का दबाव डालती है और अंडाशय को उत्तेजित करके, पाचन में सुधार करके और तनाव को कम करके पीसीओडी के लक्षणों को दूर करने में मदद करती है।

कैसे करें यह आसन

इसे करने के लिए चेहरे को नीचे की ओर करके लेट जाएं।
पैर की उंगलियां फर्श पर सपाट, पैर एक साथ और हथेलियां छाती के पास रखें।
नाभि को फर्श पर स्थिर रखते हुए, अपने सिर और धड़ को फर्श से ऊपर उठाते हुए गहरी सांस लें।
अपने उठे हुए धड़ को दोनों हाथों से सहारा दें और अपनी पीठ को जितना हो सके मोड़ें।
अपने सिर को ऊपर की ओर झुकाएं और अपने कंधों को फ्री रखकर और कानों से दूर रखें।
30 सेकंड के लिए इस स्थिति में रहते हुए सामान्य रूप से सांस लेते रहें और फिर पहले जैसी सामान्य मुद्रा में वापस लौट आएं।

pcos ke liye yoga
बालासन भी आएगा आपके काम। चित्र-शटरस्टॉक।

4 बालासन (Child Pose)

पीसीओएस के समाधान लिए बालासन एक उपयोगी योग आसन है, क्योंकि यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम को शांत करके विश्राम प्रदान करता है। यह पूरे शरीर में खून के प्रवाह को एक समान करते हुए पीठ के निचले हिस्से में तनाव, मासिक धर्म में ऐंठन और पीएमएस के लक्षणों में सुधार करता है।

कैसे करें यह आसन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर घुटने के बल बैठ जाएं और अपने घुटनों को हिप की चौड़ाई से अलग रखते हुए एड़ियों पर बैठ जाएं।
फर्श को छूने के लिए अपने सिर को नीचे लाएं और अपने धड़ को अपनी जांघों के बीच नीचे रखें। अपने हाथों को धड़ की तरफ रखें और कंधों को फर्श की तरफ ढीला करें।
इस मुद्रा में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें और फिर पहले जैसी सामान्य स्थिति में वापस आ जाएं।

योग और नेचुरोपैथी ट्रीटमेंट पीसीओएस का इलाज करने में लॉन्गटर्म के लिए प्रभावी हैं।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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