बिगिनर्स हैं तो इन 5 योगासनों से करें अपनी योगा क्लास की शुरुआत 

Published on: 3 August 2022, 09:00 am IST

दुनिया भर में योग की धूम मची हुई है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी योग ने बहुत सारे लोगों को तन और मन से स्वस्थ किया। अगर आप भी याेग की शुरुआत करना चाहती हैं, तो इन योगासनों को करें रुटीन में शामिल।

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हल्के योगासनों से शुरुआत करनी चाहिए। चित्र: शटरस्टॉक

योग और आसन (Yogasana) तो बचपन से ही अपनी आदत में शामिल करने चाहिए। यदि आपने यह आदत नहीं डाली है, तो इसका मतलब है कि आपने अब तक स्वयं को स्वस्थ रखने का कोई प्रयास नहीं किया है। पर अभी भी देर नहीं हुई है। अभी से आप इसकी शुरुआत कर सकती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि बिगिनर्स को कभी-भी भारी-भरकम आसन से शुरुआत नहीं करना चाहिए। एक निश्चित उम्र के बाद शरीर के अंगों द्वारा लचीलापन कम हो जाने के कारण बहुत अधिक स्ट्रेस देने पर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। बिगिनर्स (Yoga for beginners) किस तरह के योगासन से शुरुआत करें, इसके लिए हमने बात की बंगलुरू के जिंदल नेचरकेयर इंस्टीट्यूट के चीफ योगा ऑफिसर डॉ. राजीव राजेश से।

डाॅ. राजीव राजेश ने बिगिनर्स को परफॉर्म करने के लिए 5 योगासन बताए, जोे न सिर्फ आसान हैं, बल्कि इसके फायदे भी बहुत हैं।

  1. अधो मुख श्वानासन (Downward facing dog pose): 

यह हैमस्ट्रिंग और काव्स को स्ट्रेच करते हुए हाथ और पैरों को मजबूत बनाता है। यह एक्स्टरनल ऑब्लिक एबडोमिनल मसल्स को मजबूत करने में भी मदद करता है।

परफॉर्म करने के स्टेप्स

अपने चार अंगों, यानी हाथ, घुटने और पैर पर खड़ी हो जाएं।

अब सांस लेते हुए अपने पंजों को मजबूती से जमीन पर लगाते हुए अपने घुटनों को जमीन से ऊपर उठाएं। घुटने और कोहनी सीधी रहनी चाहिए।

फिर अपने ऊपरी धड़ को आगे की ओर झुकाव बनाए रखने के लिए अपनी बाहों को अपने सामने फैलाएं।

अपने कूल्हों को जितना हो सके ऊपर उठाएं, अपने शरीर के साथ एक उल्टा V बनाएं।

अपने अंदर के बाहों को अपने कानों के पास रखें। अपनी भुजाओं को जमीन पर मजबूती से दबाते हुए अपनी गर्दन को स्ट्रेच करें।

भीतर की ओर लगातार देखती रहें।

कुछ समय तक इस स्थिति में रहने के बाद अपने घुटनों को मोड़ लें। अपने धड़ को नीचे करके प्रारंभिक स्थिति में लौट आएं।

  1. ताड़ासन (Mountain Pose): 

यह आपके पैरों को मजबूत बनाता है। आपके पोस्चर में सुधार करता है और आपके शरीर को अलाइन करता है। ताड़ासन सरल आसन प्रतीत हो सकता है। फिर भी शरीर को सक्रिय और अलाइन रखने के लिए बहुत प्रयास करना पड़ता है।

परफॉर्म करने के लिए स्टेप्स

अपनी पीठ के बल योगा मैट पर लेट जाएं।

जब आप हाथों को अपनी तरफ रखती हैं तो आपकी हथेलियां नीचे की ओर होनी चाहिए।

कोशिश करें कि गर्दन से लेकर कमर और पैरों तक एक सीधी रेखा बनी रहे।

गहरी सांस लेने के बाद धीरे-धीरे दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं।

आपकी हथेलियां ऊपर की ओर होनी चाहिए और आपकी दोनों भुजाएं एक-दूसरे के समानांतर होनी चाहिए।

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ताड़ासन करने का सही तरीका। चित्र-शटरस्टॉक.

अपनी सांस अंदर रखें।

अब अपने हाथों और पैरों को विपरीत दिशाओं में जहां तक ​​हो सके फैलाएं।

अपनी बाहों और पैरों को जितना हो सके सीधा रखें।

सांस छोड़ते हुए अपने हाथों को धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक मुद्रा में लाएं।

  1. त्रिकोणासन (Triangle Pose): 

यह पैरों को मजबूत करता है। यह कमर, हैमस्ट्रिंग और कूल्हों को फैलाते हुए छाती और कंधों को खोलता है। यह बॉडी बैलेंस भी बढ़ाता है।

परफॉर्म करने के स्टेप्स:

जब आप सीधी खड़ी होती हैं, तो पैर चौड़े हो जाते हैं। आपके पैरों को आपके कंधों की चौड़ाई से थोड़ा अधिक एक दूसरे से अलग होना चाहिए।

श्वास लें। अपने दाहिने हाथ को अपने सामने सीधा रखें। दाहिना कान और दाहिना हाथ समानांतर होना चाहिए।

सांस छोड़ें। आपका बायां हिस्सा आपकी मुड़ी हुई कमर की ओर होना चाहिए।

अपने बाएं हाथ और बाएं पैर को एक साथ स्लाइड करें जब तक कि आपकी उंगलियां आपके एंकल पर न हों।

इस बिंदु पर आपका सिर बायीं ओर होना चाहिए और आपका दाहिना हाथ हॉरिजॉन्टल यानी क्षैतिज होना चाहिए।

अपनी कोहनी और घुटनों को सीधा रखने की स्थिति में रहें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।

श्वास लें। सीधी खड़ी हो जाएं और अपनी पीठ सीधी रखें। विपरीत दिशा में इस स्थिति को दोहराएं।

  1. उत्तानासन (Standing Forward): 

इस आसन से हैमस्ट्रिंग और काव्स को स्ट्रेच किया जा सकता है। यदि आप किसी ऐसी गतिविधि में भाग लेती हैं, जिसके लिए बहुत अधिक दौड़ने की जरूरत होती है, तो आपके हैमस्ट्रिंग में खिंचाव होने की संभावना बनी रहती है। इसे तनाव से राहत और आराम देने वाला माना जाता है। यह पारंपरिक रूप से अनिद्रा की समस्या को भी दूर करने में मददगार होता है।

परफॉर्म करने के स्टेप्स:

ताड़ासन (माउंटेन पोज) में अपने हाथों से अपने कूल्हों पर शुरुआत करें।

अपने टोरसो को अपने पैरों पर मोड़ लें। अपने घुटनों को थोड़ा झुका लें। इसे पीठ के निचले हिस्से की बजाय कूल्हों से टिकाएं।

आपके हाथ आपके सामने या आपके पैरों के बगल में जमीन को छू सकते हैं।

स्पाइन को प्रभावित करने के लिए श्वास लें और अपनी छाती को ऊपर उठाएं।

सांस छोड़ें और दोनों पैरों को बिना बढ़ाए धीरे-धीरे सीधा करें। अपने घुटनों को ऊपर उठाते हुए धीरे से अपनी ऊपरी, भीतरी जांघों को पीछे की ओर घुमाएं।

सांस छोड़ते हुए अपनी पीठ को मोड़े बिना अपने धड़ को नीचे की ओर बढ़ाएं। जैसे ही आप अपनी गर्दन को एक्सटेंड करती हैं, अपने सिर के क्राउन को नीचे की ओर खींचें। कंधों को भी पीठ के नीचे अपने कूल्हों की ओर खींचें।

  1. शवासन (Corpse Pose): 

योग सत्र के समापन पर आपको शवासन करना चाहिए। यह आपको सांस लेने, तनाव और रक्तचाप को कम करने, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है। अवसाद से बचाव करें।

परफॉर्म करने के स्टेप्स:

शुरू करने के लिए अपनी पीठ के बल आराम से लेट जाएं।

अपनी गर्दन और कंधों की मांसपेशियों को आराम देने की कोशिश करें।

अपने पैरों के बीच एक चटाई के आकार की जगह रखें और टोरसो के प्रत्येक तरफ एक हाथ रखें।

हाथ ऊपर रखना चाहिए।

आंखें बंद होनी चाहिए।

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शवासन आपको रिलैक्स कराता है। चित्र:शटरस्टॉक

अपने शरीर के विभिन्न अंगों को महसूस करने का प्रयास करना चाहिए।

अपनी श्वास और शरीर को सामंजस्य में लाने का प्रयास करें।

इसका अभ्यास आप पांच से दस मिनट तक कर सकती हैं। 20 से 30 मिनट तक भी इसका अभ्यास किया जा सकता है।

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स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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