सर्दियों में बढ़ने न दें शरीर की जकड़न, ये 5 योगासन करेंगे फि‍ट रहने में आपकी मदद

सर्दी का अर्थ है मांसपेशियों में जकड़न और जोड़ों में कठोरता, यह सब खराब रक्त परिसंचरण के कारण होता है। ये योगासन इन परेशानियों का मुकाबला कर सकते हैं।
इन योगासनों की मदद से दर करें शरीर की जकड़न। चित्र: निष्‍ठा बिजलानी
इन योगासनों की मदद से दर करें शरीर की जकड़न। चित्र: निष्‍ठा बिजलानी
Nishtha Bijlani Updated: 6 Jan 2021, 12:57 pm IST
  • 76

सर्दियां आते ही हवा शुष्क और सर्द हो जाती है। शरीर को गर्म होने में मुश्किल होती है और रक्त परिसंचरण में गिरावट आती है। इसके परिणामस्वरूप, हम मांसपेशियों में जकड़न और जोड़ों में कठोरता का अनुभव करते हैं। इन सरल योगासनों की मदद से आप उस कठोरता को कम करके खुद को चुस्‍त-दुरुस्‍त कर सकती हैं। ये योगासन पूरे शरीर में ऑक्सीजन और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में भी मदद करेंगे।

1. मार्जरी आसन और बिटिलासन आसन

इसे कैट काउ पोज के रूप में भी जाना जाता है। यह आपकी रीढ़ की हड्डी को एक वेक-अप कॉल देने में मदद करते हैं। सुबह के समय सबसे पहले यह आसन करने से पीठ की जकड़न को हटाने में मदद मिलती है।

कैट काउ पोज आपको जकड़न से राहत दिलाता है।
कैट काउ पोज आपको जकड़न से राहत दिलाता है।

आप इस तरह कर सकते हैं यह आसन:

सबसे पहले अपने घुटनों और हथेलियों के बल आ जाएं। कलाई-कंधे और घुटने-कूल्हे को एक सीध में रखें। सांस लेते हुए आगे की ओर देखें। सांस छोड़ते हुए पीठ को गोल करें और सिर को अंदर की ओर घुमाएं। रिलीज का अनुभव करने के लिए सांस के साथ समन्वय में बस इस आसन को कुछ बार दोहराएं।

2. सूक्ष्म व्यायाम

यह व्यायाम जोड़ों की चिकनाई को जुटाने के लिए किया जाता है। जब जोड़ों में अकड़न होती है तब यह विशेष रूप से ठंड और शुष्क मौसम में सहायक होते हैं। सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास करने में केवल 10 से 15 मिनट लगते हैं और यह व्यायाम हमारे जोड़ों में ऊर्जा के स्थिर प्रवाह को बनाए रखता है। यह इंद्रियों को तेज कर मन को तरोताजा करता है।

नैक स्‍ट्रैच : चित्र: निष्‍ठा बिजलानी
नैक स्‍ट्रैच : चित्र: निष्‍ठा बिजलानी

आप इस तरह कर सकती हैं सूक्ष्म व्यायाम:

गर्दन की गति: बस गर्दन को चारों दिशाओं में घुमाएं: ऊपर, नीचे, बाएं, दाएं और वापस केंद्र में। इसे 3-5 बार दोहराएं।
कलाई को घुमाना: एक मुट्ठी बनाएं और अपने हाथों को कंधे की ऊंचाई पर आगे बढ़ाएं। बाहरी घेरे बनाएं और उसके बाद आंतरिक घेरे बनाएं । इसे 5-10 बार दोहराएं।
पॉइंट एंड फ्लेक्स द फीट: इस स्ट्रेच आउट को खड़े या बैठे हुए किया जा सकता है। अपने पैर की उंगलियों को प्लांटर फ्लेक्सन में रखें और फिर अपने पैर की उंगलियों को डोरसिफ़्लेक्सन में बदल दें। एंकल ज्वाइंट से पंजो को घुमाते रहें। इसे 5-10 बार दोहराएं।

कलाई को घुमाएं। चित्र: निष्‍ठा बिजलानी
कलाई को घुमाएं। चित्र: निष्‍ठा बिजलानी

3. पार्श्वोत्तानासन

यह मुद्रा आपकी सुबह की रीढ़ की कठोरता को मुक्त करते हुए हैमस्ट्रिंग और ग्लूटस को गहराई से खींचने में मदद करती है।

आप इस तरह कर सकते हैं पार्श्वोत्तानासन:

बाएं पैर को 45 डिग्री के कोण पर रखते हुए दाएं पैर को आगे बढाएं। पैरों के बीच 3 फीट की दूरी बनाए रखें। अपनी पीठ के पीछे की उंगलियों को पकड़ें और शरीर को आगे के पैर की ओर मोड़ें। पैर की उंगलियों को देखते हुए अपनी बाहों को फैलने दें। 30 सेकंड के लिए होल्‍ड करें और बाईं ओर की तरफ भी दोहराएं।

पार्श्‍वोत्‍तानासन। चित्र: निष्‍ठा बिजलानी
पार्श्‍वोत्‍तानासन। चित्र: निष्‍ठा बिजलानी

4. अधोमुखो श्वानासन

यह एक बेहतरीन फाउंडेशनल पोज़ है जो पूरे शरीर पर काम करने में मदद करता है। यह बाहों, कंधों, रीढ़, कूल्हों और पैरों को फैलाता है।

आप इस तरह कर सकती हैं श्वानासन:

अपने घुटनों पर जाएं और अपनी हथेलियों को चटाई पर आगे रखें। अपने घुटनों को ऊपर उठाने के लिए फर्श को धकेलें। रीढ़ की हड्डी में लंबाई बनाते हुए, अपने कूल्हों को छत की ओर इंगित करने दें। पैरों को कूल्हे की चौड़ाई से अलग रखें और हथेलियों को कंधे की चौड़ाई से अलग रखें। गर्दन को रिलैक्स रखें। 30 सेकंड के लिए इसी अवस्था में रहें। एक बार फिर से करें और दोहराएं।

अधो-मुखाश्‍वानासन। चित्र: निष्‍ठा बिजलानी
अधो-मुखाश्‍वानासन। चित्र: निष्‍ठा बिजलानी

5. भुजंगासन

भुजंगासन या कोबरा मुद्रा एक शानदार बैक बेंड है, जो सर्दियां के दौरान कड़ी और तंग मांसपेशियों को छोड़ने में मदद करता है। यह श्वसन में सुधार करते हुए छाती को खोलने में मदद करता है।

BMI

वजन बढ़ने से होने वाली समस्याओं से सतर्क रहने के लिए

बीएमआई चेक करें

आप इस तरह कर सकते हैं भुजंगासन:

पेट के बल लेट जाएं। हथेलियों को अपनी छाती के किनारों पर रखें और धीरे-धीरे अपने शरीर को ऊपर उठाने के लिए फर्श को धकेलें।

भुजंगासन। चित्र: निष्‍ठा बिजलानी
भुजंगासन। चित्र: निष्‍ठा बिजलानी

बाजुओं को पूरी तरह से सीधा न करें। कोहनियों को हल्का सा मुड़ा हुआ रखें। कंधों को रिलैक्‍स होने दें। सुनिश्चित करें कि गर्दन को तनाव न दें। 30 सेकंड के लिए इसी अवस्था में रहें, धीरे-धीरे छोड़ें और दोहराएं।

इन योगासनों की मदद से इस सर्द मौसम में आपके शरीर में चुस्ती बनाए रखने में मदद मिल सकती है!

यह भी पढ़ें – हठ योग या विन्यास योग, एक्‍सपर्ट बता रहे हैं आपके लिए दोनों में से क्‍या है बेहतर विकल्प

  • 76
लेखक के बारे में

Nishtha Bijlani is a Mumbai-based certified yoga expert. ...और पढ़ें

पीरियड ट्रैकर

अपनी माहवारी को ट्रैक करें हेल्थशॉट्स, पीरियड ट्रैकर
के साथ।

ट्रैक करें
अगला लेख