आपकी थकान दूर कर एक ऊर्जामय दिन की शुरुआत में मदद कर सकते हैं योग के ये आसन

Published on: 1 March 2022, 08:00 am IST

सुबह की एक बेहतर शुरुआत के लिए योगा सेशन से बेहतर क्या हो सकता है! जी हां, ये आपकी बेड टी से भी बेहतर एनर्जी बूस्टर है।

subha energy ke liye yoga
आपको जिस ऊर्जा की आवश्यकता है उसे महसूस करने के लिए इस सुबह योग दिनचर्या का पालन करें! चित्र : शटरस्टॉक

हम सभी ने उन आलसी सुबहों को महसूस किया है, जब हम चाहकर भी अपनी सुस्ती दूर नहीं कर पाते। तब भी जब हम तकनीकी रूप से पर्याप्त नींद लेते हैं, खासकर बदलते मौसम में। यह वह समय भी है जब हम सुस्ती और ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं, जिससे हमारे लिए ऊर्जावान रहना मुश्किल हो जाता है। अगर ये आपकी भी कहानी है, तो बार-बार चाय-कॉफी के प्याले तैयार करने की बजाए, आपको बस एक योगा सेशन स्टार्ट करना है। 

बदलते मौसम में योग हमेशा आपकी रक्षा कवच हो सकता है। यह न केवल आपके शरीर को अनुकूल तापमान बनाए रखने में मदद करेगा, बल्कि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत करेगा और आपकी थकान एवं उदासी दोनों को गायब कर देगा। 

यहां हैं ऊर्जा बढ़ाने वाले योगासन:

हमेशा यह सलाह दी जाती है कि शरीर को मजबूत करने के लिए सुबह के साधारण योगासन का अभ्यास करना चाहिए।  यहां कुछ आसन दिए गए हैं जिनका आप अभ्यास कर सकते हैं।

  1. बालासन

यह मुद्रा आपको शारीरिक और मानसिक आराम देती है। चित्र : शटरस्टॉक

 यह योग मुद्रा न केवल तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है, बल्कि यह छाती, पीठ और कंधों में तनाव को दूर करने में भी मदद करती है। यह तब भी मदद करता है, जब आपको दिन में या अपने कसरत सत्र के दौरान चक्कर आना या थकान अनुभव हो। यह आसन पीठ, कूल्हों, जांघों और टखनों को कोमल खिंचाव देता है।

  1. वीरभद्रासन

वीरभद्रासन एक योग मुद्रा है, जिसे कंधों को मजबूत करने, संतुलन और स्थिरता में सुधार करने के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर के कई अंगों को खिंचाव प्रदान करता है, अच्छे परिसंचरण को प्रोत्साहित करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। चूंकि यह योग मुद्रा पूरे शरीर को सक्रिय करने के लिए जानी जाती है, यह आपको पूरे दिन सक्रिय रखने में मदद करती है।

  1. धनुरासन या धनुष मुद्रा

यह आसन पैर और बांह की मांसपेशियों को टोन करता है। इतना ही नहीं यह मासिक धर्म की परेशानी और कब्ज से राहत दिलाने में भी फायदेमंद है।

  1. गरुड़ासन:

गरुड़ एक संस्कृत शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है चील, और आसन का अर्थ है मुद्रा।  इसलिए, इसका सीधा सा मतलब है ईगल पोज। कहा जाता है कि यह आसन व्यक्ति को आराम करने और मन को शांत करने में मदद करता है, और शरीर के संतुलन में भी सुधार करता है।

  1. त्रिकोणासन

यह आपकी कई दिक्कतों से आपको राहत दिला सकता है। त्रिकोणासन को बाएं और दाएं दोनों तरफ से किया जाता है। आसन को खड़े होने की स्थिति में करना शुरू कर सकते हैं और अपने पैरों के बीच 3-4 फीट की दूरी रख सकते हैं। दाहिने पैर को बाहर की ओर मोड़ें और धड़ को सामने रखते हुए दोनों बाजुओं को कंधे के स्तर पर फैलाएं।  

Trikonasana se acidity ka ilaajत्रिकोणासन एसिडिटी को ठीक कर सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

दाहिना हाथ दाहिने पैर को छूएगा, कमर से झुकेगा और बायां हाथ सीधे कानों के ऊपर फैला होगा। यह आसन कोर की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जो संतुलन और स्थिरता में सहायता करता है।

क्यों आपके लिए फायदेमंद है योगासन अभ्यास 

  1. अपनी सुबह की शुरुआत योग से करने की कोशिश करें क्योंकि यह आपके शरीर और दिमाग को तनावमुक्त रखेगा।
  2. योग आपको दिन भर सक्रिय भी रखेगा और आपको जोड़ों के दर्द या मांसपेशियों में अकड़न की सामान्य समस्याओं से राहत दिलाएगा।
  3. सूर्य नमस्कार और बुनियादी वार्म-अप योग आसनों का अभ्यास हमेशा सुबह की थकान को दूर करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है!
  4. एक योग दिनचर्या प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा दे सकती है और संक्रमण को दूर रखने में मदद कर सकती है!
  5. श्वास और प्राणायाम का अभ्यास करने से फेफड़े मजबूत होंगे और कान, नाक, गले और शरीर की श्वसन प्रणाली का आदर्श कामकाज सुनिश्चित होगा।

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

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