अपनी बॉडी को हेल्दी और फिट रखने के लिए हम वर्कआउट प्लान Workout Plan) करते हैं। इससे शरीर में मौजूद अतिरिक्त फैट्स बर्न होते है और बॉडी सही शेप में आने लगती है। वहीं वर्कआउट को लेकर बिगनर्स के मन में कई सवाल होते हैं कि कितने वक्त में वेट रिड्यूस होगा और कौन सी एक्सरसाइज़ ज्यादा प्रभावी है वगैरह। इन सभी सवालों में उलझकर वे कुछ सामान्य बातों को नज़अंदाज़ कर देते हैं। ऐसे में वर्कआउट रूल्स को फॉलो करना बेहद ज़रूरी है। आइए जानते हैं वो कौन सी मिसटेक्स हैं (Workout mistakes), जिनके कारण ज्यादातर लोगों का वजन कम नहीं हो पाता।
फिटर में एडवांस प्लस कोच अदिति गुप्ता के मुताबिक बिना किसी गाइडेंस के मनमाने तरीके से व्यायाम करना हमारे शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। वर्कआउट का प्रभाव हार्ट, स्किन, लंग्स और पैरों पर नज़र आने लगता है। इससे हम कई तरह की बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। इससे बचने के लिए पौष्टिक तत्वों से भरपूर उचित डाइट और एक प्रशिक्षक का होना ज़रूरी है।
वर्कआउट के दौरान शरीर से पसीना बहने लगता है। वॉटर इनटेक न करने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिससे हम थकान महसूस करने लगते है। ऐसे में बॉडी को हाइड्रेट रखना ज़रूरी है। दरअसल, पानी या अन्य तरल पदार्थ बॉडी के ज्वांइटस, ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट को मेंटेन करने में हेल्प करता है। हार्वर्ड हेल्थ के मुताबिक लगातार एक्सरसाइज़ के दौरान हमारा शरीर पसीना बहने पर पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटेशियम को खोने लगते हैं।
साथ ही मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड को प्रोडयूस करने लगते है, जो मसल क्रैम्प का कारण भी सिद्ध हो सकते हैं। ऐसे में दिन में एक आम व्यक्ति को दिन में छह से आठ कप पानी की आवश्यकता होती है। वहीं जो लोग वर्कआउट करते हैं। उन्हें ज्यादा मात्रा में पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखने की ज़रूरत है। पानी के अलावा हमें वॉटर रिच फूड्स का भी सेवन करना चाहिए। इसके लिए डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और बैरीज़ समेत अन्य फलों को एड करें।
अक्सर लोग वर्कआउट के दौरान अपना मोबाइल बैग में रखने की बजाय अपने साथ ही कैरी करते है। इससे उनका माइंड हर वक्त डाइवर्ट रहता है। वे अक्सर अपनी एक्सरसाइज़ पर फोक्स नहीं कर पाते है। नतीजन अपने टारगेटस को अचीव करने में सक्षम नहीं होते है। इसका प्रभाव आपके मूड पर भी देखने को मिलता है। कई बार किसी व्यक्ति से वर्कआउट के दौरान फोन के ज़रिए टच में रहने से आपका वर्कआउट फ्लो ब्रेक हो जाता है। इससे आपकी वेटलॉस जर्नी प्रभावित होने लगती है।
किसी भी प्रकार के व्यायाम से पहले अगर आप वार्मअप नहीं करती है, तो आप समय से पहले थकान महसूस करने लगेंगी। इसके अलावा आपका हृदय और लंग्स भी इससे प्रभावित होने लगेंगे। दरअसल, वार्मअप के ज़रिए हम अपने शरीर को भारी वर्कआउट के लिए तैया करते हैं। इससे मांसपेशियों में ऐंठन और मसल्स टीअर का खतरा कम हो जाता है। इससे शरीर का पोश्चर बेहतर होने लगता है। ढ़ीला ढाला शरीर मज़बूत और फुर्तीला हो जाता है। वार्मअप करने से ब्लड सर्कुलेशन नियमित बना रहता है और शरीर में लचीलापन आ जाता है। इससे हमारी स्पीड और स्टेन्थ दोनों ही बढ़ने लगते हैं।
लोग अक्सर एक एक्सरसाइज़ को पूर्ण रूप से सीखने की बजाय अन्य की ओ बढ़ने लगते है। इससे फिटनेस रूटीन गड़बड़ा जाता है। किसी भी व्यायाम को पूरे पेशेंस और समय देकर करें। इससे आपके शरीर को इसका फायदा मिलने लगेगा। फोर्ब्स के मुताबिक कंसिस्टेंसी आपको बेहतर रिजल्टस की ओर ले जाती है। फर्स्ट रूल स्थिरता को अपने रूटीन में शामिल करें और दूसरा सही टेकनीक का उपयोग करें। कुछ लोग वेटलॉस के लिए दौड़ लगाते हैं। रेगुलरली इसे फॉलो न कर पाने के कारण ये एक्टिविटी शरीर को फायदा नही पंहुंचा पाएगी। ऐसे में लक्ष्य पर फोक्स बनाए रखें। इससे न सिर्फ आपकी बॉडी में स्टेमिना बिल्ड होता है बल्कि शरीर को मज़बूती भी मिलती है।
व्यायाम के दौरान आपके शरीर की बहुत सी एनर्जी खर्च हो जाती है। ऐसे में प्रशिक्षक के सुझाए डाइट प्लान को फॉलो करें। इस बात को समझे की आपकी डाइट में प्रोटीन, कैल्शियम, कार्ब्स, विटामिन्स और मिनरल्स का होना भी बहुत ज़रूरी है। आप अपनी डाइट में सूखे मेवे, लेग्यूम्स और सीड्स को एड कर सकते हैं।
वर्कआउट के दौरान आपके पास एक प्लान का होना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए आपको अपने प्रशिक्षक के सुझाए निर्देशों का पालन करके एक्सरसाइज़ को डिवाइड करना चाहिए। इससे आप हर दिन प्लानिंग से आगे बढ़ पाएंगे। इस बात को ध्यान में रखें कि अगर आपका जिम सेशन 30 मिनट है, तो उसे किसी भी दिन स्किप करने से बचें। साथ अन्य चीजों को भी इसके मुताबिक ही प्लान करें। इससे आपका प्लान आसानी से सक्सेसफुल हो पाएगा।
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